RGPV से राजीव गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस भड़की, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

Sanjay Dhiman | May 16, 2026, 23:14 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा RGPV का नाम बदलने और इसे तीन भागों में बांटने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भड़क गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए है।

मध्य प्रदेश की तकनीकी शिक्षा संचालित यूनिवर्सिटी RGPV से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने की खबर से राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस कदम को इतिहास मिटाने की कोशिश बताया।



प्रदेश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर इसे तीन हिस्सों में बांटने की योजना बना रही है। इसमें भोपाल इकाई का नाम मध्य भारत प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, उज्जैन इकाई का नाम मालवा प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, और जबलपुर इकाई का नाम महाकौशल प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्राथमिक योजनाओं की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब यह प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा।



कांग्रेस का विरोध

इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस भड़क गई। उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा इतिहास मिटाने की राजनीति कर सकती है, लेकिन देश राजीव गांधी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। राजीव गांधी ने भारत में तकनीकी क्रांति की नींव रखी और युवाओं के लिए आधुनिक शिक्षा के रास्ते खोले।” उन्होंने X (Twitter) पर लिखा कि भाजपा सरकार राजीव गांधी का नाम मिटाने में अपनी पूरी ताकत लगा रही है, जबकि असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही।



भाजपा को राजीव गांधी से परेशानी क्यों?

उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा को राजीव गांधी से इतनी परेशानी क्यों है। उन्होंने कहा:



  • भोपाल की RGPV यूनिवर्सिटी का नाम बदलना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं।
  • यह भाजपा की पुरानी राजनीति है – काम कम, नाम बदलो ज्यादा।
  • डिजिटल और तकनीकी भारत की बुनियाद कांग्रेस सरकारों ने रखी थी।
  • आज BJP इस क्षेत्र में अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जिसकी नींव राजीव गांधी ने रखी।

नाम बदलने से क्या फायदा?

सिंघार ने स्पष्ट किया कि नाम बदलने से न तो यूनिवर्सिटी बेहतर होगी, न युवाओं को रोजगार मिलेगा, न शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी। उन्होंने कहा, “22 साल से मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार है, पर शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। विश्वविद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार का फोकस केवल नाम बदलने पर है।”



विपक्ष का राजनीतिक दृष्टिकोण

कांग्रेस ने इसे राजनीतिक चाल बताया और कहा कि यह कदम भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उमंग सिंघार ने जोड़ा कि नाम बदलने के बजाय सरकार को संसाधनों, रोजगार और शिक्षा गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।



तकनीकी शिक्षा और भारत का भविष्य

राजीव गांधी के विज़न के तहत भारत ने कंप्यूटर, टेलीकॉम और तकनीकी शिक्षा में नई दिशा प्राप्त की। RGPV जैसे विश्वविद्यालय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल देने का प्रमुख माध्यम हैं। नाम बदलने का निर्णय सिर्फ सांकेतिक और प्रशासनिक हो सकता है, लेकिन इसका असर वास्तविक शिक्षा और रोजगार पर कम ही होगा।



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