रिपोर्ट कार्ड गायब, वादों की भरमार: मध्य प्रदेश सरकार की दो साल की कार्यशैली पर एक नजर

Ramanand Tiwari | Dec 22, 2025, 23:46 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने पर मंत्रियों ने कार्यों का ब्योरा देने के बजाय भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इससे जनता के मन में सवाल उठे। शिक्षा और परिवहन मंत्री ने उपलब्धियों के बजाय आनेवाले कल के सपने दिखाए, जबकि कई मुद्दे जस के तस बने रहे।

BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने पर जहां मंत्रियों से कामकाज का हिसाब मांगा जा रहा है। स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपोर्ट कार्ड से ज्यादा भविष्य की योजनाएं सुर्खियों में रहीं। उपलब्धियों का ब्योरा देने के बजाय मंत्री बार-बार आने वाले कल की बात करते दिखे।



अवैध वसूली पर स्वीकारोक्ति

पत्रकार वार्ता में मंत्री ने माना कि अगर परिवहन माफिया की अवैध वसूली की रकम “बांटी जाती” तो विभाग की इतनी आलोचना नहीं होती। इस बयान ने सुधार के दावों से ज्यादा सरकार की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालांकि, मंत्री ने नाके बंद करने और जांच चौकियों से टैक्स चोरी पर लगाम का दावा किया।



यह खबरें भी पढ़ें...



इंदौर में रसूख के आगे विकास बेबस : 10 करोड़ की सड़क का काम अधर में, कमिश्नर ने लगाई फटकार



परिवहन पर सवाल, चर्चा शिक्षा विभाग पर

कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवहन व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठे। लेकिन इन सवालों से बचने के लिए मंत्री ने ज्यादा वक्त शिक्षा विभाग की योजनाओं पर लगाया। ट्रांसपोर्ट विभाग की वास्तविक स्थिति पर साफ जवाब देने से बचाव साफ नजर आया।



जनवरी से सुविधा का वादा

मंत्री ने बताया कि जनवरी से आम जनता को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर लाभ मिलेगा। वाहन-सारथी पोर्टल, ई-ड्राइविंग लाइसेंस, एमपी ऑनलाइन सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स माफी जैसे दावे गिनाए गए। लेकिन मौजूदा समस्याओं पर ठोस जवाब नहीं मिले।



यह खबरें भी पढ़ें...



भाजपा नेत्री का वीडियो वायरल, दिव्यांग महिला से अपशब्दों पर बवाल, कांग्रेस कोर्ट ले जाएगी मामला



चेकपोस्ट बंद, चलित व्यवस्था शुरू

1 जुलाई 2024 से चेकपोस्ट बंद होने और चलित व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी गई। डेढ़ साल में सिर्फ 6 फीसदी कर्मचारियों पर कार्रवाई का आंकड़ा भी सामने आया। इसने सुधार की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए।



रिपोर्ट कार्ड की जगह कार्ययोजना

मंत्री को जहां अपने दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करना था, वहां वे आगामी योजनाओं का बखान करते रहे। शिक्षा विभाग के लिए 22 मंजिला भवन, आदि शंकराचार्य गुरुकुल, वेद-संस्कृत शिक्षा और पाठ्यक्रम में गाय को शामिल करने जैसी घोषणाएं चर्चा में रहीं।



यह खबरें भी पढ़ें...



पीएसी और कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक 26 को, बूथ से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक फोकस



स्थानीय भाषाओं की किताबें देने की बात

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मालवी, बुंदेलखंडी और निमाड़ी जैसी भाषाओं में किताबें देने की बात कही गई। मऊगंज वीडियो मामले में जांच का भरोसा दिलाया गया। लेकिन “जांच कराएंगे” वाला रटा-रटाया जवाब फिर दोहराया गया।



कांग्रेस का सीधा हमला

कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि हर मामले में सिर्फ जांच की बात होती है। कार्रवाई कब होगी? वहीं विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने परिवहन विभाग को भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताते हुए कहा कि वसूली आज भी जारी है। हालात पहले से बदतर हैं।



यह खबरें भी पढ़ें...



एमपी के सरकारी कर्मचारियों को राहत : प्रदेश में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था बरकरार



दो साल पूरे, लेकिन भरोसे का संकट कायम

मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने उपलब्धियों से ज्यादा विरोधाभास उजागर किए। जनता को आज के जवाब चाहिए थे। लेकिन मंच से कल के सपने सुनाए गए। दो साल के रिपोर्ट कार्ड की जगह भविष्य की योजनाएं पेश होना सरकार की कार्यशैली पर सवाल छोड़ गया।



Tags:
  • कांग्रेस
  • शिक्षा विभाग
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • परिवहन विभाग
  • परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह