याचिका खारिज अब गेस्ट फैकल्टी होंगे फालेन आउट, हाईकोर्ट जाने वाले अतिथि विद्वानों को बाहर करने की तैयारी
News in Short :
- सरकारी कॉलेजों में अध्ययन कराने वाले गेस्ट फैकल्टी को फॉलेन आउट किया जाएगा।
- हाईकोर्ट में पेश की गई याचिका खारिज होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर कार्रवाई की तैयारी।
- याचिका पेश करने वालों के साथ ही जहां स्थायी नियुक्ति हो गई है वहां से भी अतिथि होंगे फालेन आउट।
- नियमितीकरण और सहायक प्राध्यापकों के समान वेतन की मांग पर तथ्यों से सहमत नहीं हुआ हाईकोर्ट।
- याचिका खारिज होने के बाद अब हजारों गेस्ट फैकल्टी के सामने खड़ी हो गई है बड़ी समस्या।
Intro
BHOPAL. नियमितीकरण की मांग कर रहे अतिथि विद्वानों को उच्च शिक्षा विभाग ने बाहर करने की तैयारी कर ली है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। याचिकाकर्ता अतिथि विद्वानों को फॉलेन आउट करने सूची भी कॉलेजों को भेजी गई है। विभाग के इस आदेश के बाद बड़ी संख्या में अतिथि विद्वानों के सामने बेरोजगार होने की संकट खड़ा हो गया है।
News in Detail :
मध्य प्रदेश में प्राध्यापकों की कमी को बीते दो दशकों से गेस्ट फैकल्टी पूरा कर रही है। कॉलेजों में अध्ययन व्यवस्था अतिथि विद्वानों के सहारे चल रही है। अतिथि विद्वान सालों से नियमितीकरण, वेतन निर्धारण की मांग करते आ रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर गेस्ट फैकल्टी ने हाईकोर्ट में याचिका पेश की थी। जिसे सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब उच्च शिक्षा विभाग ने याचिकाकर्ता अतिथि विद्वानों पर सख्ती शुरू कर दी है।
फालेन आउट एक्शन के निर्देश :
उच्च शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में याचिका पेश करने वाले अतिथि विद्वानों को फॉलेन आउट करने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में विभाग के आदेश पर एडिशनल डायरेक्टर, ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर से कॉलेज प्राचार्यों को गेस्ट फैकल्टी की सूची भी भेजी गई है। याचिकाकर्ता गेस्ट फैकल्टी के साथ ही स्थायी नियुक्ति के बाद संबंधित अतिथियों को फालेन आउट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अकेले उज्जैन संभाग में ही याचिका से जुड़े 20 गेस्ट फैकल्टी शामिल हैं। इनके सामने नौकरी हाथ से जाने का संकट खड़ा हो गया है।
याचिका में सरकारी पक्ष रहा मजबूत :
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार और उच्च शिक्षा विभाग का पक्ष मजबूत रहा। सरकार की ओर से गेस्ट फैकल्टी के नियमितीकरण की मांग का विरोध किया गया। वहीं सरकार द्वारा गेस्ट फैकल्टी को नियमित भर्ती में 25 फीसदी पदों पर आरक्षण, उम्र सीमा में छूट जैसे तर्क रखे गए। इन तथ्यों के सामने गेस्ट फैकल्टी की याचिका कमजोर पड़ गई।
गेस्ट फैकल्टी की सुध ले सरकार :
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह भदौरिया और शंकरलाल खरवाडिया का कहना है गेस्ट फैकल्टी मुश्किल में हैं। वे दो दशकों से ज्यादा समय से कॉलेजों का भार उठा रहे हैं। नियमित भर्ती के बाद बार- बार ज्वाइनिंग ऑर्डर बदलने से उन कॉलेजों से अतिथि विद्वान असमय फालेन आउट किए जा रहे हैं। कॉलेज स्तर पर प्राचार्यों ने पद फ्रीज करके रखे गए हैं। सरकार को गेस्ट फैकल्टी के लिए पारदर्शी और स्थायी नीति बनाने की जरूरत है।
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