एमपी में अतिथियों की विदाई का सीजन; गेस्ट फैकल्टी, गेस्ट टीचर के बाद अब स्पेशल एजुकेटर की सेवा समाप्ति का फरमान
News In Short :
1. मध्य प्रदेश में शैक्षणिक सत्र पूरा होने के साथ अतिथि के रूप में कार्यरत शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।
2. स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बीते एक सप्ताह में इसके संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
3. अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति के आदेश का असर 70 हजार शिक्षकों पर पड़ेगा और उनसे काम छिन जाएगा।
4. सहायक प्राध्यापकों की नियमित भर्ती के बाद ऐसे कॉलेज से गेस्ट फैकल्टी को बाहर किया जा रहा है।
5. उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के लिए अतिथि के रूप में सेवा देने वाले 80 हजार से ज्यादा शिक्षक बाहर हो जाएंगे।
News in Detail :
BHOPAL. मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियमित शिक्षकों के रिक्त स्थान पर सेवाएं दे रहे 70000 से अधिक अतिथि शिक्षकों को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने 23 मार्च 2026 को यह आदेश जारी किया है। वहीं, इसके तीसरे दिन ही डीपीआई ने दिव्यांग छात्रों को अध्ययन कराने वाले स्पेशल एजुकेटर्स को हटाने का आदेश भी जारी कर दिया है। उधर, उच्च शिक्षा विभाग भी लगातार कॉलेजों में पढ़ा रहे गेस्ट फैकल्टी को फालेन आउट कर रहा है। विभाग के पोर्टल पर लगातार इस संबंध में आदेश अपलोड किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में 70 हजार अतिथि शिक्षकों के अलावा 3 हजार से ज्यादा स्पेशल एजुकेटर्स स्कूलों में, जबकि करीब 7 हजार गेस्ट फैकल्टी कॉलेजों में कार्यरत हैं।
स्पेशल एजुकेटर की एक माह पहले विदाई
लोक शिक्षण संचालनालय ने 26 मार्च को गेस्ट स्पेशल एजुकेटर की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए इनकी अस्थायी नियुक्ति की गई थी। स्पेशल एजुकेटर्स की सेवा अवधि 30 अप्रेल 2026 तक थी, लेकिन इसे एक माह पहले यानी 31 मार्च तक सीमित कर दिया गया है। अपर परियोजना संचालक समग्र शिक्षा सेकण्डरी एजुकेशन नंदा भलावे कुशरे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि केंद्र से समग्र शिक्षा अभियान को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। वहीं, राशि भी मार्च माह तक के लिए ही उपलब्ध है।
अप्रेल में बाहर हो जाएंगे 70 हजार अतिथि
प्रदेश के स्कूलों में प्राथमिक से हायर सेकण्डरी तक पढ़ाने वाले 70 हजार अतिथि शिक्षक भी 30 अप्रैल को बाहर हो जाएंगे। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 23 मार्च को ही आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है सरकार ने पिछले साल ही 12 महीने के लिए नियुक्ति देने की घोषणा की थी। कुछ महीने ही बीते हैं और विभाग ने उन्हें बाहर करने का आदेश जारी कर दिया है। इस वजह से अतिथि शिक्षकों के सामने बेरोजगार हो जाने की समस्या खड़ी हो गई है।
गेस्ट फैकल्टी पर फालेन आउट का संकट
प्रदेश के कॉलेजों में नियमित प्राध्यापकों की कमी है। बीते दो दशकों से सरकारी कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था का भार गेस्ट फैकल्टी के कंधों पर है। साल 2022 की एमपीपीएससी परीक्षा के बाद कॉलेजों में नियमित सहायक प्राध्यापकों की पदस्थापना शुरू हो गई है। वहीं, हाल ही में हाईकोर्ट नियमितीकरण की मांग की याचिका खारिज कर चुका है। जिस वजह से कॉलेजों से लगातार गेस्ट फैकल्टी को फालेन आउट कर सेवा से बाहर किया जा रहा है। अब तक 500 से ज्यादा गेस्ट फैकल्टी फालेन आउट की जा चुकी हैं।
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