बिना वारंट के नहीं आएंगे... कहते हुए HC ने पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना वारंट जारी किए अधिकारी के अदालत में आने की संभावना नहीं है।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। इस दिन उमाकांत उमराव की अदालत में उपस्थिति और आदेश पालन को लेकर सुनवाई की जाएगी।
वेतन से काटी राशि लौटाने का था मामला
यह मामला जबलपुर के रिटायर्ड असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की याचिका से जुड़ा है। उनके वेतन से कुछ राशि काटी गई थी। इस राशि को वापस करने के लिए हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2025 को आदेश दिया था।
कोर्ट ने विभाग को 90 दिन के अंदर राशि लौटाने के निर्देश दिए थे। तय समय में आदेश का पालन नहीं होने पर केके गर्ग ने अवमानना याचिका दायर की थी।
विभाग के रवैये पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केवीएस सुनील राव मौजूद रहे। उन्होंने अदालत को बताया कि आदेश के बाद भी राशि वापस नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने कहा कि विभाग ने आदेश का पालन नहीं किया और संबंधित अधिकारी अदालत में भी पेश नहीं हुए। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेश की अनदेखी माना।
आदेश पालन नहीं होने पर जारी हुआ वारंट
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि बिना गिरफ्तारी वारंट के अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं होंगे। इसके बाद कोर्ट ने उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए।
पहले भी जारी हो चुके हैं अधिकारियों के खिलाफ वारंट
जस्टिस विवेक जैन की अदालत इससे पहले पन्ना कलेक्टर आईएएस उषा परमारऔर छिंदवाड़ा एसपी अजय पाण्डेय के खिलाफ भी वारंट जारी कर चुकी है।
अब 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में उमाकांत उमराव की उपस्थिति और कोर्ट के पुराने आदेश के पालन की स्थिति पर चर्चा होगी।
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