सागर DIG और दमोह SP के खिलाफ जमानती वारंट जारी, एक सितंबर को कोर्ट में होना होगा पेश
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सागर DIG और दमोह SP के खिलाफ वारंट जारी किया है।
- दोनों अफसरों को 100-100 रुपए के जमानती वारंट थमाए गए हैं।
- यह कार्रवाई एक पुराने कोर्ट आदेश का पालन न होने पर हुई है।
- मामला पूर्व ASI करण सिंह ठाकुर की नौकरी से जुड़ा है।
- दोनों अफसरों को 1 सितंबर 2026 को कोर्ट में पेश होना होगा।
कैसे हुई थी शुरुआत
दरअसल करण सिंह ठाकुर दमोह में ASI थे। साल 2015 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। आरोप था कि उन्होंने सदपुर पुलिस चौकी में रिश्वत ली थी।
वहीं FIR दर्ज करने के बदले पैसे मांगे जाने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ताओं से 2000, 1000 और 2500 रुपए लेने की बात कही गई थी।
विभागीय जांच के बाद 26 अक्टूबर 2015 को उन्हें रिटायर कर दिया गया। उनकी अपील भी 15 जनवरी 2016 को खारिज हो गई। इसके बाद करण सिंह हाई कोर्ट पहुंचे।
हाई कोर्ट में क्या हुआ था
मामला जस्टिस मनिंदर एस भट्टी की कोर्ट में गया। करण सिंह के वकील ने जांच के सबूतों पर सवाल उठाए। कई गवाह अपने बयान से पलट गए थे।
एक गवाह ने पैसे लेने की बात कही जरूर थी लेकिन उसने करण सिंह की पहचान नहीं की। उसने उनका नाम भी नहीं लिया था।
कोर्ट ने रिकॉर्ड देखकर सजा को बहुत सख्त माना। 30 नवंबर 2023 को कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया। अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द कर दिया गया। अपील खारिज करने वाला आदेश भी निरस्त हुआ।
इसके बाद कोर्ट ने अफसरों से दोबारा विचार करने कहा था। कानून के मुताबिक दूसरी उचित सजा तय करनी थी। इसके लिए 90 दिन का समय दिया गया। यह समय आदेश की प्रति मिलने के बाद शुरू होना था।
आदेश लागू न होने का आरोप
करण सिंह ने आदेश की प्रति खुद अफसरों को सौंपी। उन्होंने 15 दिसंबर 2023 को पहला आवेदन दिया। इसके बाद 12 मार्च 2024 को दोबारा आवेदन किया गया। इसके बावजूद आदेश पर अमल नहीं हुआ, ऐसा आरोप है।
इसी वजह से करण सिंह ने कंटेंप्ट याचिका दाखिल की। यह याचिका क्रमांक 1211/2024 है। इसी में अब कोर्ट ने सख्ती दिखाई है।
अब वारंट क्यों जारी हुआ
24 अगस्त 2026 को इस याचिका पर फिर सुनवाई हुई। करण सिंह की ओर से जॉयवीर सिंह सैनी पेश हुए। सरकार की ओर से एएस बघेल ने पक्ष रखा। संबंधित अफसरों की तरफ से कोई कोर्ट में मौजूद नहीं था।
करण सिंह के वकील ने आदेश लागू न होने की बात दोहराई। इसके बाद कोर्ट ने वर्तमान पदधारियों पर सख्त कदम उठाया। सागर DIG और दमोह SP के खिलाफ वारंट जारी हुआ। वारंट की राशि केवल 100-100 रुपए रखी गई है।
कोर्ट ने 25 अगस्त तक वारंट जारी करने का निर्देश दिया। यह वारंट सागर IG के जरिए तामील कराया जाएगा। दोनों अफसरों को 1 सितंबर को खुद हाजिर होना होगा।
रिकॉर्ड में एक अंतर भी सामने आया
दस्तावेजों में पुराने केस नंबर को लेकर फर्क दिखा। एक जगह रिट नंबर 10589/2023 लिखा गया है। विस्तृत याचिका में यह 10589/2016 दर्ज है।
दोनों जगह 30 नवंबर 2023 वाले आदेश का ही हवाला है। मूल केस नंबर की पुष्टि रिकॉर्ड से करना जरूरी होगा। हालांकि 24 अगस्त का वारंट आदेश पूरी तरह स्पष्ट है।
आगे क्या होगा
अब सबकी नजर 1 सितंबर की सुनवाई पर टिकी है। उस दिन दोनों अफसरों की मौजूदगी अहम मानी जा रही है। कोर्ट आदेश के पालन की स्थिति पर जानकारी ले सकता है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।
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