एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदलेगी सूरत, 771 करोड़ से बदलेंगे प्रदेश के 73 अस्पताल

Aman Vaishnav | Jul 20, 2026, 10:43 IST
मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 73 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने के लिए 771.13 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में दो हजार से ज्यादा नए पदों पर भर्तियां भी होंगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश सरकार ने 19 जुलाई को भोपाल के जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक की।
  • बैठक में 73 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने का फैसला हुआ।
  • इस पर 771 करोड़ 13 लाख रुपए रुपए खर्च होंगे।
  • साथ ही स्वास्थ्य विभाग में 2231 नए पद भी भरे जाएंगे।
  • सीएम ने प्रदेश में बारिश के हालात पर भी चर्चा की।

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। रविवार, 19 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक हुई।



यह जगह ऐतिहासिक महत्व रखती है। बैठक में मोहन सरकार ने प्रदेश के 73 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने की मंजूरी दी। यह फैसला ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



जगदीशपुर में बड़ा फैसला

यह बैठक आम कैबिनेट बैठकों से अलग थी। सरकार समय-समय पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें करती है। इससे उस इलाके के महत्व को उजागर करने की कोशिश होती है। जगदीशपुर को इसी मकसद से चुना गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बड़ा प्रस्ताव पास हुआ।



73 स्वास्थ्य केंद्र अपग्रेड

बता दें कि इस कैबिनेट ने 771 करोड़ 13 लाख रुपए मंजूर किए हैं। यह राशि प्रदेश के 73 स्वास्थ्य केंद्रों पर खर्च होगी। इन केंद्रों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नए भवन भी बनाए जाएंगे। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।



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कैसे बढ़ेंगी सुविधाएं

अपग्रेड की योजना चार हिस्सों में बंटी है। 29 उप स्वास्थ्य केंद्र अब 6 बिस्तर वाले प्राथमिक हेल्थ सेंटर बनेंगे। 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदलेंगे।



इसके अलावा 18 सामुदायिक हेल्थ सेंटर अब 50 बिस्तर वाले सिविल अस्पताल बनेंगे। सात सामुदायिक और सिविल अस्पताल 100 बिस्तर वाले सिविल अस्पताल में तब्दील होंगे। यानी हर स्तर पर सुविधाएं बढ़ेंगी।



2231 पदों पर भर्ती

अस्पतालों के अपग्रेड के साथ भर्ती भी होगी। कुल 1600 पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे। इसके अलावा 71 पद संविदा पर भरे जाएंगे। वहीं 560 पद आउटसोर्स के जरिए भरे जाएंगे। इस तरह कुल 2231 नए पद बनेंगे।



इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। साथ ही अस्पतालों में स्टाफ की कमी भी दूर होगी। मरीजों को समय पर इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।



पहले क्यों रुका प्रस्ताव

यह प्रस्ताव पहली बार 14 जुलाई की कैबिनेट बैठक में आया था। उस समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे मंजूरी नहीं दी थी। उनका कहना था कि पहले पुराने स्वीकृत पद भरे जाएं। जिन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पहले भवन और पद मंजूर हुए थे, वहां डॉक्टरों की भर्ती जरूरी है।



इसके बाद प्रस्ताव को दोबारा तैयार किया गया। रविवार को इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इससे साफ है कि सरकार पुराने खाली पदों को लेकर भी गंभीर है।



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