एमपी में भारी बारिश जारी, कई जिलों में बढ़ी परेशानी, भोपाल-गुना में स्कूल बंद

Pawan Modiya | Aug 11, 2026, 23:37 IST
एमपी में भारी बारिश
मध्य प्रदेश में तीन दिनों से जारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए। भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रहेंगे। प्रदेश में 527 लोगों को बचाया गया। ब्यावरा में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक नौ इंच बारिश दर्ज हुई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है।
  • भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रहेंगे।
  • प्रदेश में अभी तक 527 लोगों का रेस्क्यू हुआ।
  • ब्यावरा में 24 घंटे में नौ इंच बारिश हुई।
  • मुख्यमंत्री ने सिचुएशन रूम से हालात की समीक्षा की।

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से कई जिलों की परेशानी बढ़ गई है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पानी गिर रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क और आसपास की बस्तियां जलमग्न हुई हैं।



बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित हुई है। भोपाल और गुना में बुधवार, 12 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे।भोपाल में सोमवार और मंगलवार को भी स्कूल नहीं खुले थे। इस तरह राजधानी में लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद रहेंगे।



बारिश के बीच सरकार ने राहत कार्यों की निगरानी बढ़ाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी।मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रभावित लोगों से बातचीत भी की।



एमपी की बारिश


अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में 527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं। बारिश का सबसे ज्यादा असर राजगढ़ जिले में दिखाई दिया। ब्यावरा में 24 घंटे के दौरान नौ इंच बारिश दर्ज हुई।



गुना में मंगलवार को 85 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यह मात्रा लगभग 3.35 इंच के बराबर होती है। खंडवा में लगभग सवा दो इंच पानी गिरा। बारिश का दायरा प्रदेश के कई संभागों तक फैला रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पानी गिरा।



भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD (India Meteorological Department) ने बारिश की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश को भारी बारिश वाले राज्यों में शामिल किया गया है। बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को उफनते नदी-नालों से दूर रहने को कहा गया है।



अब तक 527 लोगों का रेस्क्यू

लगातार बारिश के कारण कई लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंस गए। राहत दलों ने अलग-अलग स्थानों पर बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रेस्क्यू अभियान की जानकारी दी। उनके अनुसार, अभी तक 527 लोगों को बचाया गया है।



बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जरूरत के अनुसार भोजन और दूसरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उनकी परेशानियां भी सुनीं। सिचुएशन रूम से जिलों की स्थिति की निगरानी की गई। अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी भी मांगी गई।



राजगढ़ में बारिश का असर

राजगढ़ जिले में बारिश ने सबसे ज्यादा असर दिखाया है। ब्यावरा में 24 घंटे के भीतर नौ इंच पानी गिरा। खिलचीपुर में इसी अवधि में आठ इंच बारिश हुई। जीरापुर में 7.7 इंच पानी रिकॉर्ड किया गया।



आगर-मालवा जिले में भी भारी बारिश दर्ज की गई। सोयतकलां में 7.7 इंच पानी गिरा। आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बढ़ा।



शाजापुर जिले के गुलाना में 3.8 इंच पानी गिरा। शाजापुर शहर में 3.4 इंच बारिश दर्ज हुई। गुना जिले के कुंभराज में 3.7 इंच पानी गिरा। मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच बारिश हुई।



उज्जैन जिले के महिदपुर में करीब ढाई इंच पानी गिरा। माकड़ोन में भी ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। नरसिंहपुर में 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से बारिश का बड़ा दायरा स्पष्ट होता है।



कई जिलों में गिरा पानी

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज हुई। भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा और सीहोर में पानी गिरा। रायसेन, विदिशा, धार और नर्मदापुरम में भी बारिश हुई। इंदौर और जबलपुर में भी बादल जमकर बरसे। रीवा, श्योपुर और टीकमगढ़ में बारिश का दौर चला। उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में भी पानी गिरा।



खरगोन, शिवपुरी और मऊगंज में बारिश दर्ज हुई। उमरिया और बड़वानी भी बारिश से प्रभावित रहे। शाजापुर में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। खंडवा में सवा दो इंच पानी दर्ज किया गया। बारिश का फैलाव पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश तक रहा।



मुख्यमंत्री ने देखे हालात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिचुएशन रूम पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों से भी बात की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरें देखी गईं। स्थानीय अधिकारियों ने राहत कार्यों का ब्योरा दिया।



मुख्यमंत्री ने प्रभावित नागरिकों से उनकी जरूरतें पूछीं। उन्होंने राहत और बचाव कार्य तेज रखने को कहा। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों की सुरक्षा है। इसके साथ सड़क संपर्क बनाए रखना भी जरूरी है।



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