MP High Court News: जेके सीमेंट फैक्ट्री पर अवैध खनन का आरोप, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Anshika Singh Chauhan | Oct 13, 2026, 18:51 IST
जेके सीमेंट के खनन विवाद पर हाईकोर्ट सख्त।
पन्ना की जेके सीमेंट फैक्ट्री से जुड़ा एक मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक युवक की जनहित याचिका में ऐसे आरोप लगाए गए हैं, जिन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए आखिर क्या है पूरा विवाद और शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं।

कोर्ट ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

इस मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने की। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि सबूतों सहित मिली शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई? कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई कर सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।



मामला पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र में स्थित पुरैना गांव की जेके सीमेंट फैक्ट्री ( JK Cement Factory) से जुड़ा है। फैक्ट्री पर बिना अनुमति खनन करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की सच्चाई का अभी न्यायिक रूप से अंतिम फैसला नहीं हुआ है।



क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र का है। यहां रहने वाले समाजसेवी अंकित पाठक ने जेके सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।



उन्होंने अपनी याचिका में कंपनी के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।



जेके सीमेंट फैक्ट्री पर क्या आरोप हैं?

पन्ना निवासी अंकित पाठक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। याचिका में जेके सीमेंट की पन्ना यूनिट पर बिना अनुमति अवैध खनन (Illegal mining) का आरोप है।



याचिकाकर्ता अंकित पाठक का कहना है कि इस मामले की शिकायत पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी की गई थी। इसके बावजूद कथित अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।



PIL (Public Interest Litigation) एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है, जिसके जरिए कोई भी नागरिक या संस्था आम जनता के हित से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने उठा सकती है। इसके लिए जरूरी नहीं कि याचिका लगाने वाला व्यक्ति खुद उस समस्या से प्रभावित हो।



किसानों का भी फूटा था गुस्सा

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पन्ना की इस सीमेंट फैक्ट्री पर सवाल उठे हों। इससे पहले कोनी ग्राम पंचायत के किसानों और ग्रामीणों ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था।



ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी कम मुआवजा देकर जमीनों पर कब्जा कर रही है और उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है।



शिकायत करने वाले युवक पर ही दर्ज हुए केस?

याचिका में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। अंकित पाठक का आरोप है कि अवैध खनन की शिकायत पर उन्हीं पर मामले दर्ज हुए। याचिकाकर्ता ने इन मामलों को झूठा बताया है। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बाद उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा।



हालांकि इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।



अब आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब सरकार को अदालत में अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।



फिलहाल अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। इसे जेके सीमेंट फैक्ट्री पर लगाए गए आरोप सही पाए जाने या अवैध खनन साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



FAQs:

  1. जेके सीमेंट फैक्ट्री पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
    जेके सीमेंट फैक्ट्री पर बिना अनुमति अवैध खनन करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र के समाजसेवी अंकित पाठक द्वारा दायर जनहित याचिका में उल्लेखित हैं।
  2. हाईकोर्ट ने सरकार से क्या सवाल किए?
    हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि सबूतों सहित मिली शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है और दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
  3. क्या जनहित याचिका दाखिल करने वाले अंकित पाठक पर कोई मामला दर्ज हुआ है?
    हाँ, जनहित याचिका दाखिल करने वाले अंकित पाठक का आरोप है कि उनकी अवैध खनन की शिकायत के बाद उन पर मामले दर्ज हुए हैं, जिन्हें उन्होंने झूठा बताया है।
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