अनिल मिश्रा पर हमला या उन्होंने की मारपीट, हाईकोर्ट परिसर में हुआ नया बवाल
NEWS IN SHORT
- 13 जनवरी को MP हाईकोर्ट परिसर में अनिल मिश्रा का एक वकील से विवाद, मारपीट की घटना।
- ग्वालियर के अधिवक्ता अमित मिश्रा सहित अन्य वकीलों के खिलाफ शिकायत दर्ज
- शिकायत में डिप्टी AG और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम, इनके घटनास्थल पर मौजूद होने पर सवाल
- बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट प्रशासन से CCTV फुटेज सुरक्षित करने की मांग की।
- हाईकोर्ट प्रशासन की कार्रवाई पर अब नजरें, CCTV फुटेज से घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है।
NEWS IN DETAIL
JABALPUR. ग्वालियर के विवादित वकील अनिल मिश्रा के साथ जबलपुर में भी एक नया विवाद जुड़ गया है। यहां 13 जनवरी को उनका एक अन्य वकील से कोर्ट परिसर में विवाद हो गया। जिसे लेकर अधिवक्ता ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। वकील का आरोप है कि अनिल मिश्रा व साथियों ने उसके साथ मारपीट की।
इधर इस विवाद में बार एसोसिएशन ने आरोपी बनाए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सदस्यों के नाम को लेकर सवाल उठाए है। एसोसिएशन ने कोर्ट से घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की है। इस मांग का पत्र 14 जनवरी 2026 को जारी किया गया है।
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क्या है पूरा मामला
ग्वालियर के एडवोकेट अनिल मिश्रा किसी मामले की पैरवी के लिए जबलपुर हाईकोर्ट आए थे। इसी दौरान अंबेडकर विरोधी होने के आरोप लगाते हुए उनके ऊपर हमला किया गया। जानकारी के अनुसार इसके बाद हमला करने वाले अधिवक्ता के साथ भी मारपीट हुई।
इसी घटना को लेकर बार एसोसिएशन के जारी पत्र के अनुसार जानकारी मिली है कि ग्वालियर के अधिवक्ता अमित मिश्रा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एक शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत दिनांक 13 जनवरी 2026 को जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में हुए विवाद को लेकर की गई। शिकायत के अनुसार, अधिवक्ता रूप सिंह मरावी ने अधिवक्ता अमित मिश्रा के खिलाफ सिविल लाइन थाना में शिकायत की गई है।
डिप्टी AG सहित अधिवक्ता संघ सचिव के खिलाफ शिकायत
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के सचिव परीतोश त्रिवेदी, डिप्टी एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा, एवं अन्य अधिवक्ताओं के नाम भी शामिल किए गए हैं। जबकि बार एसोसिएशन का कहना है कि वे संबंधित घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने की मांग
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कथित घटना हाईकोर्ट गेट नंबर 05, एजी ऑफिस के सामने घटित होना बताई गई है। शिकायत में घटना का समय दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच बताया गया है। इसी समयावधि के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग बार एसोसिएशन ने की है। ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
यह है बार एसोसिएशन की आपत्ति और मांग
बार एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि बिना तथ्यों की पुष्टि के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के नाम शिकायत में शामिल करना गंभीर विषय है। इसी कारण संघ ने मांग की है कि घटनास्थल के CCTV फुटेज से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। फुटेज को सुरक्षित कर पेन ड्राइव में उपलब्ध कराया जाए। निष्पक्ष जांच के लिए फुटेज का उपयोग किया जाए।
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आगे क्या होगा
अब इस मामले में निगाहें हाईकोर्ट प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि CCTV फुटेज सामने आते हैं, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय कौन मौजूद था और कौन नहीं। इस प्रकरण ने न केवल हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शिकायतों में नामजदगी की जिम्मेदारी और सत्यता पर भी बहस छेड़ दी है।