मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को जल्द मिलेंगे नए जज, कॉलेजियम ने की एडवोकेट अमित लाहोटी के नाम की सिफारिश
समझें क्या है पूरा मामला...
- SC कॉलेजियम ने एडवोकेट अमित लाहोटी को एमपी हाई कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश भेजी है।
- कोर्ट में जजों की कमी को दूर करने और पेंडिंग मामलों को जल्दी निपटाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- अमित लाहोटी एमपी हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.के. लाहोटी के बेटे हैं।
- एमपी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व सीनियर जजों से सलाह के बाद कॉलेजियम ने यह फैसला लिया है।
- केंद्र की मंजूरी और राष्ट्रपति के साइन के बाद अमित के जज बनने का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होगा।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी को दूर करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अधिवक्ता अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने इस संबंध में आधिकारिक प्रस्ताव जारी कर दिया है।
न्यायिक क्षेत्र में लाहोटी परिवार का नाम
अमित लाहोटी कानूनी जगत के लिए कोई नया चेहरा नहीं हैं। उनका संबंध न्यायपालिका से जुड़े एक प्रतिष्ठित परिवार से है। वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस के. के. लाहोटी के सुपुत्र हैं।
जस्टिस के.के. लाहोटी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिता के बाद अब बेटे का जज के पद पर नामांकित होना कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में मामलों के बढ़ते बोझ को देखते हुए नए जजों की नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है। अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वकालत का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव है।
अमित लाहोटी ने कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की है। कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश खुफिया ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ जजों के परामर्श के बाद पूरी तरह योग्यता के आधार पर की है।
सरकार की स्वीकृति के बाद होगा शपथ ग्रहण
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद, अमित लाहोटी के जज के रूप में पदभार ग्रहण करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अमित लाहोटी के व्यापक अनुभव का लाभ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को मिलेगा। साथ ही इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
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