अब नहीं कटेगा गैस सिलेंडर का कनेक्शन, 90 दिन के नोटिस के बाद भी चालू रहेगी सप्लाई, एमपी हाई कोर्ट का आदेश
इसका मतलब यह है कि अगर किसी उपभोक्ता को मिला 90 दिन का नोटिस पूरा भी हो गया है, तो भी कंपनी उसका एलपीजी कनेक्शन बंद नहीं कर पाएगी। यह पूरी जानकारी अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विजय श्रीवास्तव ने दी है, जो इस मामले में याचिकाकर्ता भी हैं।
मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सुनाया फैसला
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की है। अदालत में केंद्र सरकार द्वारा 24 मार्च को जारी की गई अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
याचिका पर विचार करने के बाद अदालत ने आम लोगों के पक्ष में यह अंतरिम आदेश जारी किया है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा था कि आगामी त्योहारों को देखते हुए गैस कंपनियों और सरकार के पास उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने का ठोस सिस्टम होना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि उपभोक्ताओं पर कोई एक विकल्प थोपने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे वे अपनी मर्जी और सुविधा के अनुसार एलपीजी या पीएनजी में से किसी का भी चयन कर सकें।
भोपाल में 4 हजार कनेक्शन अब भी बंद
राजधानी भोपाल में इस नियम को लेकर पहले ही बहुत हंगामा हो चुका है। ऑयल कंपनियों ने पीएनजी नेटवर्क का हवाला देकर शहर में 10 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन सीधे ब्लॉक कर दिए थे। जब विवाद बढ़ा , तब जाकर उन कनेक्शनों को दोबारा बहाल किया गया था।
इसके बाद राज्य सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। यह कमेटी अलग-अलग कॉलोनियों में जाकर जांच करती है कि वहां सच में पीएनजी की लाइन चालू हालत में है या नहीं। कमेटी के ऑडिट के बाद ही किसी कनेक्शन को ब्लॉक करने की प्रक्रिया तय की गई थी। हालांकि इस व्यवस्था के बावजूद भोपाल में अभी भी करीब 4 हजार एलपीजी कनेक्शन (lpg cylinder) ब्लॉक पड़े हुए हैं, जिन्हें लेकर उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर सीधे आपकी रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। अक्सर देखा जाता है कि पीएनजी की लाइन बिछते ही गैस कंपनियां बिना किसी तैयारी के एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रोक देती हैं, जिससे आम परिवारों के सामने अचानक खाना बनाने का संकट खड़ा हो जाता है।
कोर्ट का यह फैसला उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने की आजादी देता है। इससे कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी और त्योहारों के समय किसी भी परिवार को बिना गैस के परेशान नहीं होना पड़ेगा। कुल मिलाकर यह फैसला बताता है कि किसी भी नई सुविधा के नाम पर जनता से उसका पुराना और भरोसेमंद विकल्प जबरन नहीं छीना जा सकता है।
FAQ
1. क्या एमपी में पीएनजी लाइन आने के बाद मेरा एलपीजी कनेक्शन तुरंत कट जाएगा?
नहीं, हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद 1 दिसंबर 2026 तक किसी का भी एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक नहीं किया जाएगा। अगर 90 दिन की नोटिस अवधि पूरी भी हो चुकी है, तब भी कंपनी सप्लाई नहीं रोक सकती है।
2. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र के किस आदेश पर रोक लगाई है?
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की 24 मार्च को जारी अधिसूचना पर रोक लगाई है, जिसमें कहा गया था कि जहां पाइप गैस (PNG) की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां के उपभोक्ताओं के एलपीजी सिलेंडर बंद कर दिए जाएं।
3. भोपाल में गैस कनेक्शन ब्लॉक होने पर क्या नियम बनाया गया था?
भोपाल में हुए भारी विवाद के बाद राज्य सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। यह कमेटी पहले मौके पर जाकर ऑडिट करती है कि कॉलोनी में पीएनजी नेटवर्क सही में चालू है या नहीं। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही कनेक्शन पर कोई कदम उठाया जा सकता है।