पति के सामने थाम लिया प्रेमी का हाथ : हाईकोर्ट में बोली पत्नी- 'नहीं रहना पति के साथ'
News in Short
- प्रेमी का साथ: पत्नी ने हाईकोर्ट में सबके सामने अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया।
- पति को इनकार: महिला ने जज से साफ कहा कि उसे अब पति के साथ नहीं रहना।
- विवाद की वजह: पति अक्सर काम से बाहर रहता था, इसी दौरान महिला का प्रेम संबंध बना।
- कोर्ट की सलाह: सुलह की गुंजाइश न देख कोर्ट ने दोनों को आपसी तलाक की सलाह दी।
- केस का अंत: अदालत ने याचिका खत्म कर महिला को उसकी मां के साथ भेज दिया।
News in Detail
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक पत्नी ने पति के सामने ही अपने प्रेमी का हाथ पकड़ लिया। उसने जज साहब के सामने साफ कह दिया कि वह अब पति से साथ और नहीं रहेगी।
यह पूरी घटना ग्वालियर की है जहां एक 'हैबियस कॉर्पस' याचिका लगी थी। पति ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसकी पत्नी गायब है। उसे लगा था कि उसकी पत्नी को किसी ने बंधक बना लिया है। लेकिन जब सच सामने आया तो पति के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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शक की दीवार और मोबाइल वाली प्रेम कहानी
यह कहानी शुरू होती है नवंबर 2024 में हुई एक शादी से। पति पेशे से एक ड्राइवर है और काम के लिए अक्सर बाहर रहता था। इसी बीच पत्नी की दोस्ती कुलदीप राठौर नाम के एक युवक से हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और घर में पारिवारिक कलह शुरू हो गई।
पति का आरोप था कि उसकी गैर-मौजूदगी में कुलदीप घर आता-जाता था। करीब 20 दिन पहले पत्नी अचानक घर छोड़कर कहीं चली गई। पति ने थाने के चक्कर लगाए और फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसे उम्मीद थी कि कोर्ट उसकी पत्नी को वापस घर भेज देगा।
जज के सामने थामा प्रेमी का हाथ
पुरानी छावनी थाना पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला को ढूंढ निकाला। उसे कोर्ट में पेश किया गया। जज ने महिला से पूछा कि क्या उसे किसी ने कैद किया है? महिला ने निडर होकर कहा कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ है। उसने सबके सामने कुलदीप का हाथ थाम लिया और पति के साथ जाने से इनकार कर दिया। पति ने भी गुस्से में कह दिया कि अब वह ऐसी पत्नी के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता।
कोर्ट ने दोनों की काउंसलिंग करवाई ताकि शायद घर टूटने से बच जाए। लेकिन महिला अपनी बात पर अडिग रही और पति के साथ नहीं गई।
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17 महीने में बिखर गया खुशहाल संसार
शादी के महज 17 महीने बाद ही इस रिश्ते का अंत हो गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। जब सुलह की कोई गुंजाइश नहीं बची तो कोर्ट ने बड़ी सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि अब आप लोग आपसी सहमति से तलाक ले लीजिए। महिला को फिलहाल उसकी मां के साथ भेजने का आदेश जारी किया गया है।
कोर्ट ने इस याचिका को निरर्थक मानते हुए केस को बंद कर दिया। यह मामला आज के समाज में बदलते रिश्तों की एक कड़वी हकीकत है। अब यह केस कानूनी रूप से तलाक की अर्जी की तरफ बढ़ेगा।