बिना सरकारी आदेश के क्यों बंद है गैस कनेक्शन, हाईकोर्ट ने पूछे सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- घरेलू LPG के नए कनेक्शन का मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
- याचिका में रोक के सरकारी आदेश पर सवाल उठे।
- BPCL पर कनेक्शन देने से इनकार का आरोप है।
- हाईकोर्ट ने कंपनी से जवाब मांगा है।
- अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
गैस कनेक्शन का मामला कोर्ट पहुंचा
घरेलू एलपीजी के नए कनेक्शन पर रोक का मामला अब जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में कहा गया है कि नए कनेक्शन रोकने का कोई सरकारी आदेश मौजूद नहीं है। इसके बावजूद बीपीसीएल नए कनेक्शन देने से इनकार कर रहा है। हाईकोर्ट ने बीपीसीएल को जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
नए कनेक्शन को लेकर याचिका दाखिल
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में घरेलू एलपीजी गैस के नए कनेक्शन को लेकर एक अहम याचिका दाखिल हुई है। याचिका में दावा किया गया है कि नए गैस कनेक्शन बंद करने से जुड़ी कोई अधिसूचना या आदेश केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से जारी नहीं हुआ है।
इसके बावजूद भारत पेट्रोलियम और उसके अधिकृत वितरक नए कनेक्शन देने से इनकार कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि यह रवैया आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के खिलाफ है।
हाईकोर्ट ने दिया 15 दिन का समय
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने बीपीसीएल को जवाब पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अनुकृति दीक्षित की ओर से अधिवक्ता राहुल राजपूत ने पक्ष रखा। वहीं बीपीसीएल की ओर से अधिवक्ता कपिल जैन अदालत में उपस्थित हुए।अदालत ने साफ किया कि मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। तब तक बीपीसीएल को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।
याचिका में क्या दावा
याचिका के अनुसार एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत नए गैस कनेक्शन के पंजीयन या वितरण से इनकार करना प्रतिबंधित गतिविधि है। यानी कानूनन कोई भी कंपनी बिना ठोस वजह के नए कनेक्शन देने से मना नहीं कर सकती।
बीपीसीएल ने बताई यह वजह
वहीं बीपीसीएल ने अपने जवाब में वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और सीमित एलपीजी आपूर्ति का हवाला दिया है। कंपनी ने कहा कि नए कनेक्शन पर रोक एक अस्थायी कदम है। बीपीसीएल का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता मौजूदा उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस आपूर्ति देना है।
अब आगे की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि बीपीसीएल का यह तर्क अदालत में कितना टिक पाता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना सरकारी आदेश के आम उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन से वंचित नहीं रखा जा सकता।
FAQ
- हाईकोर्ट में गैन कनेक्शन को लेकर याचिका क्यों दाखिल हुई?
याचिका में कहा गया कि बिना किसी सरकारी आदेश के बीपीसीएल नए गैस कनेक्शन देने से इनकार कर रहा है। इसे गैरकानूनी बताया गया है। - हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने बीपीसीएल को जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। - बीपीसीएल ने कनेक्शन रोकने की क्या वजह बताई?
कंपनी ने वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और सीमित एलपीजी आपूर्ति का हवाला दिया। कंपनी का कहना है कि फिलहाल मौजूदा उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
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