दिवाली पर एमपी के 2 हजार से ज्यादा होमगार्ड जवानों को तोहफा, आठ साल बाद अपने जिले में लौटने का मिला मौका
मध्यप्रदेश सरकार ने नियमों में एक बार के लिए विशेष छूट दी है। इसके तहत जवानों को उनके पहले नामांकन वाले जिले में पदस्थापना मिल सकेगी। हालांकि यह वापसी संबंधित जिलों में खाली पदों पर निर्भर करेगी। पात्र जवान तय समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
उज्जैन सिंहस्थ-2016 के बाद हुई थी विशेष भर्ती
बता दें कि उज्जैन सिंहस्थ 2016 के बाद वर्ष 2018 में इन जवानों की विशेष भर्ती हुई थी। भर्ती उनके चुने गए प्रथम जिले के आधार पर हुई थी, लेकिन वहां स्वीकृत पद खाली नहीं थे। इसलिए प्रशासनिक जरूरतों के चलते इन्हें दूसरे जिलों में भेज दिया गया। तभी से जवान अपने जिलों में वापसी का इंतजार कर रहे थे।
परिवार से दूरी और दोहरा खर्च
दूसरे जिलों में तैनाती के कारण जवानों को किराए पर रहना पड़ रहा है। इसके साथ परिवार का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। अपने जिले में पदस्थापना मिलने से यह दोहरा खर्च कम होगा।
मध्यप्रदेश होमगार्ड नियम 2016 (Madhya Pradesh Home Guard Rules 2016) में दी गई विशेष छूट के तहत पात्र जवान निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद जिला इकाइयों में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर नियमानुसार पदस्थापना परिवर्तन की सूची जारी होगी।
होमगार्ड के डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना आसान होगा। उनके मुताबिक अपने जिले में पदस्थापना मिलने से जवान दोहरे खर्च से राहत पाएंगे।
Sootr Knowledge
मध्य प्रदेश में होमगार्ड जवानों की पोस्टिंग पुलिस की तरह अलग-अलग थानों, जिलों और सरकारी विभागों में हो सकती है। हालांकि होमगार्ड जवानों की ड्यूटी पुलिसकर्मियों की तरह स्थायी नहीं होती। उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगह तैनात किया जाता है।
होमगार्ड जवानों की ड्यूटी कहां-कहां लगती है?
- पुलिस थानों में: पुलिस की सहायता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
- ट्रैफिक में: चौराहों और सड़कों पर यातायात संभालने के लिए।
- सरकारी कार्यक्रमों में: वीआईपी ड्यूटी, रैलियों और बड़े आयोजनों में।
- चुनाव के दौरान: लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों में सुरक्षा के लिए।
- आपदा प्रबंधन में: बाढ़, आग और अन्य आपात स्थितियों में राहत कार्यों के लिए।
- सरकारी विभागों में: जरूरत के अनुसार परिवहन, सुरक्षा और अन्य विभागों में भी तैनाती हो सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर इसलिए जरूरी है क्योंकि यह मध्य प्रदेश के 2 हजार 790 होमगार्ड जवानों के लिए आठ साल लंबे इंतजार के बाद बड़ी मानवीय और आर्थिक राहत लेकर आई है। साल 2018 में भर्ती के बाद से ही अपने गृह जिले से दूर तैनात ये जवान अपने परिवार से अलग रहने का मानसिक तनाव झेल रहे थे।
साथ ही किराए और दोहरे पारिवारिक खर्चों का भारी आर्थिक बोझ भी उठा रहे थे। राज्य सरकार द्वारा नियमों में दी गई एकमुश्त विशेष छूट के तहत अब उन्हें अपने पहले नामांकन वाले जिले में खाली पदों पर पदस्थापना का मौका मिलेगा, जिससे उनके वित्तीय खर्च कम होंगे, वे अपने परिवार के साथ रहकर जिम्मेदारियां निभा सकेंगे और उनकी कार्यक्षमता व मनोबल में भी सुधार होगा।
FAQ
1. दिवाली पर एमपी के होमगार्ड जवानों को कौन सी राहत मिली है?
मध्यप्रदेश के 2 हजार 790 होमगार्ड जवानों को उनके प्रथम नामांकित जिले में पदस्थापना की छूट मिली है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश होमगार्ड नियम, 2016 में एक बार की विशेष छूट दी है। वापसी जिलों में खाली पदों पर निर्भर करेगी।