हनी ट्रैप पार्ट टू: रेशू और हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा कोर्ट में पेश, पुलिस को मिली रिमांड
मप्र हनी ट्रैप पार्ट टू में अब कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। रेशू चौधरी और हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा की गिरफ्तारी के बाद इन्हें गुरुवार देर शाम कोर्ट में पेश किया गया। यह पूरा मामला गोपनीय रखा गया और किसी को जानकारी दिए बिना कोर्ट में पेश किया गया। पूरे मामले को लेकर क्राइम ब्रांच इंदौर को सख्त निर्देश थे। इसके बाद कोर्ट ने 25 मई तक के लिए सभी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब खुलासा होगा कि रेशू ने किस-किस नेता, अधिकारी व रसूखदारों के वीडियो बनाए और ब्लैकमेलिंग की।
अब तक सात गिरफ्तारियां
चिंटू ठाकुर द्वारा कराई गई एक करोड़़ के लिए ब्लैकमेलिंग शिकायत में पहले नाम लेडी तस्कर अलका दीक्षित का था। इसके सात ही उसका बेटा जयदीप दीक्षित, करीबी लाखन चौधरी व अन्य का नाम लिखा था। इनकी पहले गिरफ्तारी ली गई। इसके बाद इसमें जितेंद्र पुरोहित (देवास) को भी आरोपी बनाया गया। फिर अलका की लिंक श्वैता विजय जैन से निकली और उसे भी पहले हिरासत में लिया गया और फिर पांचवें आरोपी के तौर पर उसकी गिरफ्तारी ली गई। साथ ही इंटेलीजेंस के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा से भी पूछताछ की गई। अलका उसे जीजा कहती है और इस पूरे मामले में उससे बात हुई थी। छठी गिरफ्तारी शर्मा की हुई। इसके साथ ही सागर की रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी इसमें मुख्य किरदार के रूप में सामने आई। इसे हिरासत में लेकर पूछताछ हुई और फिर सातवीं गिरफ्तारी रेशू की हुई।
रेशू के पास किस-किस के वीडियो
अब सभी की नजरें इसी बात पर है कि प्रदेश को अंदरूनी तौर पर हिला देने वाले इस हनी ट्रैप पार्ट टू केस में किसके वीडियो बने हैं। क्योंकि यह बात साफ है कि फरियादी चिंटू ठाकुर केवल एक चेहरा है, भले ही उसे फरियादी बताकर एफआईआर हुई है। लेकिन पर्दे के पीछे कई रसूखदार, नेताओं और अधिकारियों के अश्लील वीडियो होने की आशंका है।
दो दिन गोपनीय पूछताछ
सरकार इस ब्लैकमेलिंग के धंधे को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए जुटी है। इसलिए ही 17 मई की रात को 40 सीनियर अधिकारियों को लगाकर मप्र में सीक्रेट मिशन हुआ। इसमें सभी संदेही लोगों को हिरासत में लिया और फिर 18 मई को एफआईआर लेकर गिरफ्तारी ली गई। रेशू से भी गोपनीय रूप से दो दिन पूछताछ होने की खबर है और इसके बाद बुधवार रात को उसे औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया गया।
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