एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2 की FIR थोड़ी फिल्मी, गोली चलाने के आदतन आरोपी बाहुबली चिंटू को कौन करेगा ब्लैकमेल?
News in Short
- मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप पार्ट 2 का मामला सामने आया है।
- रेशू चौधरी, श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित गिरफ्तार हैं।
- केस की शुरुआत चिंटू ठाकुर की एफआईआर से हुई है।
- एफआईआर की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं।
- मामले में बड़े नेताओं और अधिकारियों के वीडियो होने की चर्चा है।
News in Detail
Indore. सितंबर 2019 वाला हनी ट्रैप पार्ट 1 अब तक खबरों में छाया हुआ है। अब मई 2026 में पार्ट 2 भी सामने आ गया है। इसमें पार्ट 1 की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन के साथ इंदौर की लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित और सागर की रेशू चौधरी भी शामिल हैं। लेकिन असली मसला फरियादी को लेकर है। फरियादी है शराब कारोबारी और बाहुबली, गोली चलाने वाले आदतन आरोपी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर। जिस तरह से ठाकुर ने एफआईआर दर्ज कराई है, सच कहें तो ये पूरी कहानी किसी के गले नहीं उतर रही, थोड़ी फिल्मी ही लग रही है।
क्या लिखवाया चिंटू ने एफआईआर में
चिंटू ठाकुर ने 18 मई को दोपहर 2.55 बजे क्राइम ब्रांच इंदौर में एफआईआर दर्ज करवाई। इससे पहले 17 मई की रात ही 40 अफसरों की टीम बनाकर सात जगह दबिश दी और आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
एफआईआर में लिखा है कि अलका दीक्षित ने कहा था कि मिलकर बिजनेस करेंगे तो अच्छा फायदा होगा, लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया।
लाखन चौधरी ने कहा कि पार्टनरशिप वाली बात नहीं मानी, अभी भी वक्त है। दीक्षित के बारे में सुना था कि ये फ्रॉड महिला है, इसलिए मना कर दिया।
28 अप्रैल की रात 11.15 बजे मैं अपनी कार से सुपर कॉरिडोर से जा रहा था। फोन पर बात करने के लिए सर्विस रोड पर कार रोकी। तभी पीछे से आ रही कार से उतरकर अलका, लाखन, जयदीप और बाकी लोग आए। धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
उन्होने धमकी दी कि अगर पार्टनरशिप नहीं मानी तो एक करोड़ रुपए देने होंगे। नहीं तो मुझे और मेरे परिवार को बायपास पर फेंक देंगे।
मुझे कहा गया कि हमारे पास तुम्हारे सारे फोटो और वीडियो हैं। अगर बात नहीं मानी तो ऐसा हाल करेंगे कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचेगा।
मैं बहुत डरा हुआ हूं और मेरी जान को खतरा है। कृपया कार्रवाई की जाए।
चिंटू का बैकग्राउंड देखिए, कौन करेगा ब्लैकमेल
अब चिंटू ठाकुर के बैकग्राउंड को देखिए। करीब 45 साल के चिंटू और उनके भाई हेमू ठाकुर दोनों पर गोलीकांड के एक नहीं, दो-दो आरोप लगे हैं। यह इंदौर के कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ से जुड़े रहे हैं।
इंदौर में सत्यसाईं चौराहे पर 19 जुलाई 2021 को शराब सिंडिकेट की बैठक में कारोबारी अर्जुन ठाकुर पर दिनदहाड़े गोली चलाई गई थी। इसमें भाऊ के साथ चिंटू और हेमू दोनों आरोपी बने। भाऊ और चिंटू के साथ मुख्य शूटर रितेश करोसिया गिरफ्तार हुए थे। हेमू फरार हो गया था और सात माह बाद मार्च 2022 में गिरफ्तार हुआ।
आजादनगर गोलीकांड में भी चिंटू और हेमू
मार्च और अप्रैल 2025 में आजादनगर में हुए गोलीकांड में भी दोनों भाई आरोपी बने। आजादनगर के नूरी नगर के एक मैदान में बाणगंगा के गुंडे जितेंद्र यादव उर्फ जेडी पर गोली चली थी। इसमें शाकिर काला के साथ चिंटू और हेमू भी आरोपी बने। वजह बताई गई कि चिंटू और हेमू के भाई पिंटू ठाकुर की नवंबर 2013 में जेडी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या करवाई थी। इसी के चलते जेडी पर गोली चलवाने के आरोप लगे थे।
एके सिंह के साथ जुड़े और नेताओं के करीबी
दोनों इंदौर और मप्र में बड़े शराब कारोबार से जुड़े एके सिंह के साथ जुड़े हुए हैं। सिंह को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। एक पूर्व मंत्री व वर्तमान महिला विधायक के साथ भी यह सभी जुड़े बताए जाते हैं। एक अन्य बीजेपी नेता के परिवार के साथ भी सिंह की पार्टनरशिप बताई जाती है। इसी शराब कारोबार, बाहुबल और राजनीतिक संरक्षण के चलते ठाकुर बंधु दबदबे में रहते हैं।
फिर क्यों हुई FIR और छापे, गिरफ्तारी
अब सवाल है कि आखिर चिंटू को लेकर 40 अधिकारियों की टीम क्यों बनाई गई, क्यों सीक्रेट मिशन चला और मामले को पुलिस व सरकार ने इतनी गंभीरता से लिया। शराब तस्करी करने वाली अलका के पास क्या इतनी हिम्मत है कि वह चिंटू के साथ मारपीट कर सके? जबकि चिंटू खुद हर समय अपने साथ बंदूक रखकर चलता है और साथ में एक-दो गाड़ियां भी चलती हैं। सूत्रों के अनुसार मामला चिंटू का नहीं है।
अलका ने उसे धमकाने के समय जो अहम बात कही कि यदि हमारी बात नहीं मानी तो तुम्हारे बाप और आकाओं के भी फोटो और वीडियो हैं, उन्हें भी देख लेंगे। यही इस पूरे मामले में सबसे अहम माना जा रहा है। इसी बात ने सत्ता के गलियारों को चिंता में डाला और फिर सभी आरोपियों की रेकी कर पहचान की गई और एक साथ 17 मई को दबिश देकर पकड़ा गया। ताकि मप्र में किसी तरह की राजनीतिक ब्लैकमेलिंग नहीं हो सके।
क्या नाम आएंगे सामने, किसके हैं वीडियो
हनी ट्रैप वन में कई रसूखदार लोग सामने आए थे। इसी तरह पार्ट टू में भी कई नेताओं और अधिकारियों के वीडियो होने की बात कही जा रही है। इसके कुछ नाम भी द सूत्र के पास आए हैं, जिन्हें लेकर साक्ष्य आने पर खुलासा किया जाएगा। लेकिन इन बड़े नामों को लेकर इंदौर से भोपाल तक अलर्ट है और अंदरूनी स्तर पर काफी गहमागहमी है। सतर्कता बरती जा रही है कि आरोपियों से सभी वीडियो ले लिए जाएं और लीक की कोई गुंजाइश नहीं रहे। लेकिन पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि मामला बहुत गंभीर है और बड़े लोगों से जुड़ा है।
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