GAD ने मांगा IAS अफसरों का सर्विस रिकॉर्ड, वेतन और पदस्थापना का होगा हिसाब

Amresh Kushwaha | Jun 20, 2026, 08:20 IST
IAS अफसरों का सर्विस रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के IAS अफसरों का 2023 से 2026 तक का सेवा सत्यापन ब्यौरा मांगा है। सभी विभागों को 30 जून तक वेतन, कटौती और पदस्थापना की पूरी जानकारी देनी होगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • MP के GAD ने 394 IAS अफसरों का सेवा रिकॉर्ड मांगा है।
  • 2023 से 2026 तक का वेतन और पदस्थापना ब्यौरा चाहिए।
  • सभी विभागों को 30 जून 2026 तक जानकारी देनी होगी।
  • यह कदम रिटायरमेंट पर पेंशन की देरी रोकने के लिए उठाया गया है।
  • माहवार वेतन, भत्ते, कटौती और अवकाश का पूरा ब्यौरा भरना होगा।

MP में IAS का पूरा हिसाब मांगा

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी IAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की मुहिम शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने यहां पदस्थ रहे IAS अफसरों की पूरी जानकारी 30 जून 2026 तक भेजें।



01 जून 2026 की स्थिति के अनुसार मध्य प्रदेश में कुल 394 IAS अधिकारी प्रदेश और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। इन सभी का अद्यतन सर्विस रिकॉर्ड 10 दिन के भीतर GAD को भेजा जाना है।



क्या-क्या जानकारी मांगी गई है?

GAD ने साफ कहा है कि साल 2023-24, 2024-25 और 2025-26 का पूरा डिटेल सेवा सत्यापन विवरण चाहिए। यह सिर्फ नाम और पद तक सीमित नहीं है। इसमें हर अधिकारी को बताना होगा कि वे किस विभाग या जिले में कब से कब तक रहे हैं। कितना वेतन मिला, कितने भत्ते मिले और हर महीने कितनी राशि की कटौती हुई है।



इसके अलावा सेवाकाल में कितने और किस तरह के अवकाश लिए गए, यह भी दर्ज करना होगा। स्थानांतरण और पदस्थापना की तारीखें भी इसी फॉर्मेट में भरनी होंगी। GAD ने इसके लिए एक तय फॉर्मेट भी जारी किया है ताकि सभी विभाग एक ही तरीके से जानकारी दे सकें।



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पेंशन की देरी रोकना है असली मकसद

इस पूरी कवायद के पीछे एक व्यावहारिक वजह है। अक्सर देखा गया है कि IAS अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य देय राशि के भुगतान में देरी हो जाती है। इसकी बड़ी वजह यह होती है कि सर्विस रिकॉर्ड अधूरे या बिखरे हुए रहते हैं।



GAD का कहना है कि यदि यह सारा ब्यौरा पहले से संकलित रहेगा तो भविष्य में इन अधिकारियों को अपने वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।



सभी विभागों के लिए अनिवार्य

यह निर्देश सिर्फ सुझाव नहीं है। GAD ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के भीतर जानकारी देना सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों के लिए अनिवार्य है। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।



गौरतलब है कि आम सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और वेतन भत्तों के मामलों में अक्सर देरी की शिकायतें आती हैं। वहीं, आईएएस अधिकारियों के मामले में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी तरह की चूक न हो। यही वजह है कि यह कदम खास तौर पर आईएएस अफसरों के लिए उठाया गया है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश GAD ने IAS अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड क्यों मांगा है?
    GAD ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि IAS अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य भुगतान में होने वाली देरी को रोका जा सके। अक्सर सर्विस रिकॉर्ड अधूरे रहने की वजह से भुगतान प्रक्रिया अटक जाती है। इस बार 2023 से 2026 तक का पूरा ब्यौरा पहले से इकट्ठा किया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।
  2. मध्य प्रदेश में इस समय कितने IAS अधिकारी पदस्थ हैं?
    1 जून 2026 की स्थिति के अनुसार मध्य प्रदेश में कुल 394 IAS अधिकारी पदस्थ हैं। इनमें प्रदेश में तैनात और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए दोनों तरह के अधिकारी शामिल हैं।

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