नए साल में एमपी के 27 IAS अफसरों की चमकेगी किस्मत, प्रमोशन का रास्ता होगा साफ, देखें अधिकारियों की लिस्ट
इस बदलाव से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अभी कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है।
अतिरिक्त प्रभार के कारण विभागों के काम प्रभावित होते हैं। कई बार आम लोगों को संबंधित अधिकारी से मिलने में परेशानी होती है।
सरकार को उम्मीद है कि प्रमोशन के बाद विभागों में अधिकारियों की कमी घटेगी। इससे सरकारी कामकाज में तेजी आ सकती है।
तीन IAS बन सकते हैं प्रमुख सचिव
मध्य प्रदेश के 2003 बैच के तीन आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन मिल सकता है। ये अधिकारी सचिव से प्रमुख सचिव के पद पर पहुंचेंगे।
इनमें संजय गोयल, निशांत वरवड़े और ज्ञानेश्वर बी. पाटिल शामिल हैं।
संजय गोयल अभी स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। निशांत वरवड़े किसान कल्याण एवं कृषि विभाग में पदस्थ हैं।
ज्ञानेश्वर वी. पाटिल मुंबई में एसईईपीजेड के विकास आयुक्त हैं।
तीनों अधिकारियों के प्रमोशन से प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है।
नेहा मारव्या समेत 16 IAS बन सकते हैं सचिव
साल 2011 बैच के 16 आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर प्रमोशन मिलने की संभावना है।
इनमें चर्चित आईएएस नेहा मारव्या सिंह का नाम भी शामिल है। वे फिलहाल अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान भी सचिव स्तर पर पहुंचेंगी। इसके अलावा भिंड के पूर्व कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का नाम शामिल है।
संजीव श्रीवास्तव भिंड में अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे हैं। वे फिलहाल मध्य प्रदेश जनगणना संचालन निदेशक के पद पर हैं।
जल निगम के एमडी वीएस चौधरी कोलसानी का नाम भी प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में है।
IAS Promotion 2027 के तहत इन अधिकारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
प्रमोशन की सूची में इनका नाम भी
जानकारी के अनुसार प्रमोशन की संभावित सूची में कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं।
इनमें उद्यानिकी विभाग के कमिश्नर सौरभ कुमार सुमन का नाम है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह भी शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा विजय कुमार जी और अनुग्रहा पी का नाम सामने आया है। दोनों अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं।
रेशम संचालनालय के आयुक्त मोहित कुंवर भी सूची में शामिल बताए गए हैं।
एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला और एफडीए नियंत्रक मनोज पुष्प का नाम भी है।
कृषि विभाग के डायरेक्टर उमाशंकर भार्गव और हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह भी शामिल हैं।
इंदौर की संयुक्त कमिश्नर प्रीति जैन का नाम भी सामने आया है।
वाल्मी की डायरेक्टर सरिता बाला ओम प्रजापति भी सूची में शामिल बताई गई हैं।
2022 बैच के आठ IAS को भी प्रमोशन!
मध्य प्रदेश के 2022 बैच के आठ आईएएस अधिकारियों को भी पदोन्नति मिलने की संभावना है।
इनमें कई अधिकारी अभी जिला पंचायत सीईओ के पद पर काम कर रहे हैं।
प्रमोशन की संभावित सूची इस प्रकार है।
| अधिकारी का नाम | वर्तमान पद |
|---|---|
| ऐश्वर्य वर्मा | जिला पंचायत सीईओ, खंडवा |
| आशीष | अपर आयुक्त, इंदौर नगर निगम |
| कार्तिकेय जायसवाल | जिला पंचायत सीईओ, श्योपुर |
| विशाल धाकड़ | जिला पंचायत सीईओ, टीकमगढ़ |
| सोनाली देव | उप सचिव |
| अर्पित गुप्ता | जिला पंचायत सीईओ, बड़वानी |
| तनुश्री मीणा | जिला पंचायत सीईओ, बालाघाट |
| श्रद्धा शुक्ला | अपर कलेक्टर |
इन अधिकारियों के प्रमोशन से जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव संभव है।
हालांकि पदोन्नति और नई पदस्थापना अलग प्रक्रियाएं हैं। प्रमोशन मिलने से कलेक्टर पद पर नियुक्ति अपने आप नहीं होती।
कई वरिष्ठ IAS अधिकारी होंगे रिटायर
मध्य प्रदेश में आने वाले महीनों में कई वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे।
मुख्य सचिव के मौजूदा कार्यकाल में करीब तीन महीने बाकी हैं।
अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी राजेश राजौरा जून 2027 में रिटायर होंगे।
वे पहले मुख्य सचिव पद की दौड़ में भी शामिल रहे थे। हालांकि अंतिम चयन में उनका नाम नहीं आया था।
अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सितंबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगे।
केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी वीएल कांताराव दिसंबर 2027 में रिटायर होंगे।
इन सेवानिवृत्तियों के बाद वरिष्ठ स्तर के पद खाली होंगे। इससे अन्य अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता खुल सकता है।
डीपी आहूजा बन सकते हैं अगले ACS
मध्य प्रदेश में अगले अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में डीपी आहूजा का नाम सामने आया है।
वे फिलहाल सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
वरिष्ठता के आधार पर उनका दावा मजबूत बताया जा रहा है।
मौजूदा अपर मुख्य सचिवों में किसी अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद पद खाली होगा।
इसके बाद डीपी आहूजा को प्रमोशन मिलने की संभावना है।
हालांकि अंतिम फैसला राज्य सरकार की प्रक्रिया और आदेश पर निर्भर करेगा।
प्रमोशन से प्रशासन को क्या फायदा होगा?
प्रदेश में लंबे समय से वरिष्ठ अधिकारियों की कमी का मुद्दा सामने आता रहा है।
कई आईएएस अधिकारी एक साथ कई विभाग संभाल रहे हैं। इससे विभागीय फैसलों और नियमित कामकाज में देरी हो सकती है।
MP Administrative Reshuffle के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है।
नए सचिव और प्रमुख सचिव मिलने से विभागों को स्थायी नेतृत्व मिल सकता है।
इससे विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों की उपलब्धता भी बेहतर हो सकती है।
एक जनवरी से प्रमोशन की उम्मीद
मध्य प्रदेश में एक जनवरी 2027 से अधिकारियों की पदोन्नति प्रस्तावित बताई जा रही है।
प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के प्रमोशन के साथ जूनियर अधिकारियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
इस प्रक्रिया में नेहा मारव्या सिंह सहित कई चर्चित अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
अंतिम पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी।
FAQ's
- मध्य प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति कब होगी?
मध्य प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति 1 जनवरी 2027 को प्रस्तावित बताई जा रही है। - एमपी में किस आईएएस अधिकारी को प्रमुख सचिव के पद पर प्रमोशन मिल सकता है?
मध्य प्रदेश के 2003 बैच के तीन आईएएस अधिकारियों को प्रमुख सचिव के पद पर प्रमोशन मिल सकता है, जिनमें संजय गोयल, निशांत वरवड़े और ज्ञानेश्वर बी. पाटिल शामिल हैं। - एमपी में प्रमोशन से प्रशासनिक व्यवस्था को क्या लाभ होगा?
प्रमोशन से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे अधिकारियों की कमी कम होगी और सरकारी कामकाज में तेजी आ सकती है। यह आम लोगों को संबंधित अधिकारियों से मिलने में आसानी भी प्रदान करेगा।