डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50% बढ़ा, अब मिलेंगे 21,500

Sanjay Dhiman | Sept 09, 2026, 16:23 IST
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मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50% बढ़कर ₹21,500 हुआ। 3 दिन के आंदोलन के बाद सरकार ने मांगें मानीं। लाठीचार्ज मामले में 2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच किए गए।

मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड अब 50% बढ़ गया है। उन्हें अब हर महीने 21,500 रुपए मिलेंगे। यह फैसला डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न्स, जूडा और एमटीए प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद लिया। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टर 3 दिन से आंदोलन कर रहे थे। लाठीचार्ज और वाटर कैनन इस्तेमाल के मामले में 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया गया है।



स्टाइपेंड 50% बढ़ा

स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों की मांगें मान ली गई हैं। अब उन्हें 21,500 रुपए स्टाइपेंड हर महीने मिलेगा। पहले यह राशि इससे काफी कम थी।



शुक्ल ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की भावनाओं को समझा है। उनके मुताबिक, यह फैसला डॉक्टरों के हित में लिया गया है। सरकार ने पूरी मांग को गंभीरता से लिया।



पुलिसकर्मी लाइन अटैच

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। वाटर कैनन का भी इस्तेमाल हुआ था। इस मामले में सरकार ने सख्त कदम उठाया है।



दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। मंत्री शुक्ल ने बताया कि जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।



सीएम का संदेश विदेश से

सीएम डॉ. मोहन यादव उस समय विदेश दौरे पर थे। मंत्री शुक्ल ने बताया कि सीएम ने वहीं से डॉक्टरों के हित में फैसला लिया। उन्होंने डॉक्टरों को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।



शुक्ल ने कहा कि सरकार डॉक्टरों के साथ खड़ी है। उन्होंने डॉक्टरों से मुस्कुराते हुए काम जारी रखने की अपील की। सरकार सभी मांगों को ध्यान में रखकर पूरा कर रही है।



आंदोलन तीसरे दिन खत्म

इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार 3 दिन से आंदोलन कर रहे थे। भोपाल के कमला पार्क के पास बड़ा प्रदर्शन चल रहा था। इसका असर पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों पर पड़ा।



ओपीडी (OPD – Out Patient Department) सेवाएं कई जगह बाधित रहीं। तीसरे दिन डॉक्टरों ने आखिरकार आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। सरकार से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।



अस्पतालों में असर

हमीदिया अस्पताल का हाल

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार दोपहर 12 बजे तक ओपीडी बंद रही। सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों को संभाला। किडनी और लिवर के मरीजों को काफी परेशानी हुई।



सामान्य दिनों में हमीदिया अस्पताल में 40 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं। बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन ही हो सके। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आंदोलन का असर कितना बड़ा था।



अब स्टाइपेंड बढ़ने के बाद डॉक्टर काम पर लौट आए हैं। उम्मीद है कि अस्पतालों की सेवाएं जल्द सामान्य हो जाएंगी। मरीजों को भी राहत मिलेगी।



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