सिर्फ कागज दिखाने से नहीं चलेगा काम! MP सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान के बदले नियम
मध्य प्रदेश में शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। इसमें यह तय किया गया है कि जिन कामों पर 50% से कम खर्च हुआ है, उन्हें पूरा नहीं माना जाएगा। यानी अब सिर्फ कागजों पर काम दिखाने से कोई फायदा नहीं होगा। असल में काम होनी चाहिए।
गुड़ी पड़वा से हुई अभियान की शुरुआत
सरकार ने गुड़ी पड़वा से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की थी। इसका कुल लक्ष्य दो लाख 43 हजार कामों का रखा गया था। अब तक एक लाख 71 हजार कामों को पूरा या फिजिकल पूरा बताया गया है। नए नियम के मुताबिक इन सभी कामों की फिर से जांच की जाएगी।
छह हजार 222 करोड़ रुपए की मंजूरी
इस अभियान के लिए छह हजार 222 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से चार हजार 431 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सरकार अब जियो टैगिंग, खर्च, वैल्यूएशन और जमीन पर हुए काम के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय कर रही है और काम का मूल्यांकन भी कर रही है।
मुख्यालय में काम की लाइव मॉनिटरिंग
भोपाल मुख्यालय से हर दिन के काम की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इसमें फार्म पॉन्ड, डगवेल रिचार्ज, जल संरक्षण जैसे सात अहम काम शामिल हैं।
डगवेल रिचार्ज कार्यों में सबसे ज्यादा प्रगति दिख रही है, जहां 82.6% काम पूरे बताए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने सभी कामों के लिए ए, बी, सी और डी ग्रेडिंग सिस्टम भी लागू किया है।
अमृत सरोवर योजना पिछड़ी
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में अमृत सरोवर योजना का काम थोड़ा पीछे रह गया है। इसमें 87 काम पूरे हुए हैं। जबकि 450 काम अभी भी चल रहे हैं। इस पर अब तक 16.2% की प्रगति दिखी है और कुल 61 करोड़ 78 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं।
फार्म पॉन्ड में 51 हजार 944 काम हो चुके हैं। 33 हजार 473 काम अभी भी चल रहे हैं। इस पर 60.8% काम पूरे हुए हैं। वहीं डगवेल रिचार्ज में 86 हजार 268 काम पूरे या फिजिकल कंप्लीटेड बताए गए हैं। साथ ही18 हजार 184 काम चल रहे हैं। इस पर 191 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च हुए हैं।
सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर का हाल
सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर में एक हजार 16 काम पूरे हुए हैं। 348 काम चल रहे हैं। इस पर 74.5% प्रगति हुई है और 80.64 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
जल संरक्षण और रिचार्ज में 25 हजार 951 काम पूरे हुए हैं। वहीं 15 हजार 658 काम अभी भी जारी हैं। इस पर अब तक 2376.95 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
वाटरशेड से संबंधित कार्यों में चान हजार 253 काम पूरे हुए हैं। साथ ही 1936 काम चल रहे हैं। इस पर 68.7% प्रगति के साथ अब तक 287 करोड़ 92 लाख रुपए खर्च हुए हैं।
अभियान में स्कूलों की पानी टंकियों की सफाई भी शामिल
जल गंगा संवर्धन अभियानमें अब स्कूलों की पानी टंकियों की सफाई भी शामिल कर दी गई है। राज्य के 52 जिलों में 30 हजार 716 टंकियों की सफाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक एक हजार 825 बुकिंग हुईं और 732 टंकियों की सफाई पूरी हो चुकी है। पहले यह काम इस अभियान में शामिल नहीं था।
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