एमपी के जूनियर इंटर्न डॉक्टर्स को मिली खुशखबरी! स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
News in Short
- मध्य प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया।
- यह आदेश एक अप्रैल 2025 से लागू होंगे।
- पीजी और इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि की गई है।
- जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सरकार ने यह फैसला लिया।
- सरकार का यह कदम प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए है।
News in Detail
BHOPAL. मध्यप्रदेश के जूनियर डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है। एमपी सरकार ने उनका स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए हैं। यह आदेश एक अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।
जूनियर डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे और इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने हड़ताल भी की थी। हड़ताल के बाद डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया था कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेगी। अब सरकार ने अपना वादा पूरा करते हुए स्टाइपेंड बढ़ा दिया है।
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क्या बोले डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ?
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूरा करते हैं, बल्कि मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करते हैं।
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इतना बढ़ेगा स्टाइपेंड
नए आदेश के अनुसार, पीजी फर्स्ट ईयर के जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75 हजार 444 रुपए से बढ़ाकर 77 हजार 662 रुपए कर दिया गया है। पीजी सेकेंड ईयर के डॉक्टरों को अब 77 हजार 764 रुपए की जगह 80 हजार 50 रुपए मिलेंगे। पीजी थर्ड ईयर के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है, जो पहले 80 हजार 86 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 82 हजार 441 रुपए कर दिया गया है।
इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 14 हजार 337 रुपए कर दिया गया है। पहले उन्हें 13 हजार 928 रुपए मिलते थे। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड अब 82 हजार 441 रुपए है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88 हजार 210 रुपए से बढ़ाकर 90 हजार 803 रुपए कर दिया गया है। जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड अब 63 हजार 324 रुपए तय किया गया है।
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जूनियर डॉक्टरों को राहत
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों को राहत मिलेगी। लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे डॉक्टरों ने फैसले का स्वागत किया है। उम्मीद है कि इससे डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा और मेडिकल सेवाओं को मजबूती मिलेगी।