MP की कानून व्यवस्था पर उमंग सिंघार का हमला, लगाए बड़े आरोप

Sandeep Kumar | Jul 13, 2026, 22:00 IST
MP की कानून व्यवस्था पर उमंग सिंघार का हमला
भोपाल में एक किसान को गोली मारने की घटना सामने आई है। रायसेन में चोरी के शक में दो युवकों की बेरहमी से पिटाई हुई। इन दोनों घटनाओं पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में किसान को गोली मारने की घटना हुई।
  • रायसेन में चोरी के शक पर पिटाई हुई।
  • उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला।
  • उन्होंने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
  • सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगा।

दो घटनाओं ने खड़ा किया विवाद

मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। राजधानी भोपाल में एक किसान को सरेआम गोली मार दी गई। वहीं रायसेन जिले में चोरी के शक में दो युवकों को खंभे से बांधकर बुरी तरह पीटा गया। आरोप है कि उन्हें करंट भी लगाया गया। इन दोनों गंभीर घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।



सिंघार ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल

उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में कानून का नहीं, बल्कि तालिबानी शासन चल रहा है।



सिंघार ने कहा कि भोपाल और रायसेन की घटनाएं यह दिखाती हैं कि अपराधियों के साथ-साथ आम भीड़ के मन से भी कानून का डर खत्म हो चुका है।



उनका कहना है कि जब सरकार और प्रशासन कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम रहते हैं, तब अपराधी बेखौफ हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से आम लोग भी न्याय अपने हाथ में लेने लगे हैं। सिंघार ने इसे लोकतांत्रिक राज्य के लिए खतरनाक स्थिति बताया।



मुख्यमंत्री से पूछे सीधे सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम मोहन यादव को सीधे संबोधित करते हुए जनता की तरफ से जवाब मांगा है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आम नागरिक और किसान आखिर कब सुरक्षित महसूस करेंगे।



सरकार पर तीन मुख्य आरोप

सिंघार ने सरकार पर तीन मुख्य आरोप लगाए हैं। पहला आरोप है तालिबानी शासन का। उन्होंने रायसेन में युवकों को बंधक बनाकर करंट देने की घटना को तालिबानी और बर्बर बताया।



दूसरा आरोप अराजकता के माहौल का है। उनका कहना है कि राजधानी भोपाल जैसी सुरक्षित जगह पर किसान को सरेआम गोली मार दिया जाना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।



तीसरा आरोप जंगलराज की स्थिति का है। सिंघार का दावा है कि अपराधियों के साथ-साथ अब आम जनता भी कानून हाथ में ले रही है, जो लोकतांत्रिक राज्य के लिए खतरा है।



सिंघार की मांग और मौजूदा कार्रवाई

सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता को कानून का राज चाहिए, अपराधियों और अराजकता का जंगलराज नहीं। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ जारी है। हालांकि विपक्ष के इस हमले ने सरकार के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं।



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