MP के मेडिकल कॉलेजों में बंपर भर्तियों की तैयारी, 27 जिला अस्पतालों में बढ़ेंगे डॉक्टरों के पद; 3000 नर्सों का भी प्रस्ताव
साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में करीब तीन हजार नर्सिंग पदों का प्रस्ताव भी रखा गया है। वहीं, पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर जांच और इलाज की सुविधाएं भी बढ़ाने की बात हुई है।
यह अभी प्रस्ताव और निर्देश का स्तर है। पदों की मंजूरी और भर्ती का आदेश आना बाकी है।
27 जिला अस्पतालों में नए पद
मध्यप्रदेश के जिला अस्पतालों में डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की कमी है। इसे दूर करने के लिए सरकार 27 जिला अस्पतालों में नए पद बनाएगी। ये पद जरूरत के मुताबिक होंगे।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसकी प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। समय-सीमा कितने दिन या महीने की है, यह अभी सामने नहीं आया है। न ही यह साफ है कि हर अस्पताल में कितने डॉक्टर या कर्मचारी जोड़े जाएंगे।
सेवाओं के हिसाब से मानव संसाधन
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं के हिसाब से मानव संसाधन (डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और दूसरे स्टाफ) होना चाहिए। मतलब यह कि यदि कोई अस्पताल कोई सुविधा देता है, तो उसे चलाने वाला स्टाफ भी चाहिए।
नए पदों के प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरी मंजूरियां भी जल्द लेने को कहा गया है।
3 हजार नर्सिंग पदों का प्रस्ताव
बैठक में मेडिकल कॉलेजों में करीब तीन हजार नए नर्सिंग पद बनाने के प्रस्ताव की भी समीक्षा हुई है। इन पदों के आने से वार्ड, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसी सेवाओं को मदद मिल सकती है।
यह करीब तीन हजार का आंकड़ा अभी प्रस्ताव है। इसकी मंजूरी, वित्त विभाग की सहमति और भर्ती का तरीका सामने नहीं आया है। भर्ती कब होगी, यह भी साफ नहीं है।
पांच कॉलेजों में कैंसर सुविधाएं
कैंसर के इलाज को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पीईटी स्कैन, कैंसर जांच और उपचार की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पीईटी स्कैन (Positron Emission Tomography) शरीर के अंदर कैंसर की स्थिति देखने की जांच है।
इन कॉलेजों में ऑन्कोसर्जरी (कैंसर की सर्जरी) और मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग शुरू करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल ऑन्कोलॉजी में दवाओं और कीमोथेरेपी से इलाज होता है।
किन पांच कॉलेजों में यह होगा, इसके नाम अभी सामने नहीं आए है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में यह बताया गया था कि प्रदेश में कैंसर मरीजों की संख्या हर साल करीब 80 हजार से अधिक बढ़ रही है। ऐसे में इलाज की सुविधा बढ़ना मरीजों के लिए अहम होगा।
ग्वालियर में जटिल हार्ट सर्जरी
ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग शुरू करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने को कहा गया है। इसे संक्षेप में सीटीवीएस (CTVS) कहते हैं। यह विभाग दिल, छाती और रक्त वाहिकाओं की जटिल सर्जरी करता है।
इसके शुरू होने से ग्वालियर और आसपास के मरीजों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें हृदय और रक्त वाहिकाओं की जटिल सर्जरी के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह लाभ विभाग शुरू होने के बाद ही मिलेगा।
सवाल और आगे की राह
स्वास्थ्य सेवाओं में पद बढ़ाना जरूरी है। लेकिन सिर्फ पद बनाने से डॉक्टर नहीं मिल जाते। भर्ती, तैनाती और काम का माहौल भी जरूरी है। कई जगह पद खाली रह जाते हैं। इसलिए भर्ती की रफ्तार पर नजर रहेगी।
अब देखना होगा कि पदों का प्रस्ताव कब बनकर मंजूर होता है। भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी, यह भी तय होना है। जिला अस्पतालों में डॉक्टर कब पहुंचेंगे, इसकी तारीख अभी सामने नहीं आई है।
मान लीजिए किसी जिले में नया विभाग शुरू हो जाए, पर विशेषज्ञ न मिलें। तब सुविधा कागजों में ही रह सकती है। इसलिए निगरानी और नियमित भर्ती जरूरी है।
FAQ
- मध्यप्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों में कितने नर्सिंग पदों का प्रस्ताव है?
मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में करीब तीन हजार नर्सिंग पदों का प्रस्ताव रखा गया है।