मोहन कैबिनेट में आज 21 प्रस्तावों पर चर्चा, 6 साल पुराने गेहूं के मामले और नए पदों पर हो सकता है फैसला

Sourabh Bhatnagar | Oct 27, 2026, 08:50 IST
मोहन कैबिनेट में 21 प्रस्तावों पर मंथन, 6 साल पुराने गेहूं के मामले और नए पदों पर फैसला संभव
Madhya Pradesh CM Mohan Yadav to chair a cabinet meeting discussing 21 proposals, including wheat disposal, irrigation projects, education department posts, pensions and contractual appointments
मध्य प्रदेश में आज मंगलवार 27 अक्टूबर को मोहन कैबिनेट की अहम बैठक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 21 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इनमें छह साल पुराने गेहूं के निराकरण का मामला भी शामिल है। चार जिलों में शिक्षा विभाग के नए पदों को मंजूरी मिल सकती है। सिंचाई परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं को जारी रखने पर भी विचार होगा।

इसके अलावा पेंशन, इलाज के खर्च और संविदा नियुक्तियों के प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।



छह साल पुराने गेहूं का मामला

कैबिनेट बैठक में चमकविहीन गेहूं का पुराना मामला रखा जाएगा। यह मामला वित्तीय वर्ष 2020-21 में खरीदे गए गेहूं से जुड़ा है। बता दें कि उस समय सात लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं के निराकरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके लिए टेंडर के जरिए गेहूं का निराकरण किया जाना था।



अब इस प्रक्रिया को पूरा करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। साथ ही 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निराकरण को मंजूरी मिल सकती है। इस मामले में सरकार से कार्योत्तर स्वीकृति मांगी गई है। यानी पहले हो चुके काम को अब औपचारिक मंजूरी देने का प्रस्ताव है।



चार जिलों में शिक्षा विभाग के नए पद

मोहन कैबिनेट में स्कूल शिक्षा विभाग का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह प्रस्ताव चार जिलों में नए पदों की मंजूरी से जुड़ा है। इनमें निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिले शामिल हैं। इन जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के गठन के लिए नए पद मांगे गए हैं। Cabinet Meeting में इन पदों को मंजूरी देने पर विचार होगा।



तीन सिंचाई परियोजनाओं पर चर्चा

मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं को लेकर भी प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स और चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना शामिल हैं। पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स को जारी रखने पर भी विचार होगा। इसके अलावा पांच साल की अवधि वाली एक वृहद परियोजना की निरंतरता का प्रस्ताव है। कैबिनेट में इन परियोजनाओं को आगे जारी रखने पर फैसला हो सकता है।



वन विभाग की कार्ययोजना पर विचार

बैठक में वन विभाग की कैम्पा निधि का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा होगी। कैम्पा निधि का इस्तेमाल वन संरक्षण और पौधरोपण जैसे कामों में किया जाता है।



सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर चर्चा

कैबिनेट में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े पुराने मामले भी आएंगे। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार का मामला शामिल है। उनकी देय पेंशन वापस लेने के प्रस्ताव पर विचार होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सहायक यंत्रियों के मामले भी रखे जाएंगे। इनमें बड़वानी जिले की जनपद पंचायत निवाली से जुड़ा मामला भी शामिल है।



पुलिस अधिकारी की वेतनवृद्धि का मामला

गृह विभाग से जुड़ा एक पुराना मामला भी कैबिनेट में आएगा। यह मामला पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से संबंधित है। सरकार इस प्रस्ताव पर भी विचार करेगी।



इलाज के खर्च को मिल सकती है मंजूरी

कैबिनेट में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के इलाज के खर्च से जुड़े प्रस्ताव रखे जाएंगे। छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल का मामला शामिल है। दिवंगत आरक्षक 515 अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पताल में हुए उपचार का प्रस्ताव भी है। इन दोनों मामलों में चिकित्सा देयकों की मंजूरी पर विचार होगा। इसके अलावा जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के इलाज के खर्च का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।



सरकारी योजनाएं 2031 तक चलाने का प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक में कई सरकारी योजनाओं को आगे जारी रखने पर चर्चा होगी। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का प्रस्ताव है। यह अवधि 16वें केंद्रीय वित्त आयोग से जुड़ी है। इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हुई है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं पर भी विचार होगा। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं। दोनों विभागों की स्थापना और कार्यालय खर्च से जुड़ी कुल सात योजनाओं के स्वीकृत मद जारी रखने का प्रस्ताव है।



EOW के वेतन और भवन का मामला

सामान्य प्रशासन विभाग ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW से जुड़ा प्रस्ताव भेजा है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और प्रशासनिक भवन निर्माण की योजनाएं शामिल हैं। विभागीय संपत्तियों के रखरखाव की योजना जारी रखने पर भी विचार होगा।



रिटायर्ड IAS को संविदा नियुक्ति का प्रस्ताव

कैबिनेट में रिटायर्ड अधिकारियों की संविदा नियुक्तियों पर भी चर्चा होगी। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव है। उन्हें राज्य आनंद संस्थान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया जा सकता है। इसके लिए संविदा नियुक्ति की मंजूरी मांगी गई है।



नर्मदा घाटी विकास विभाग से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसमें शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य न्यायिक पद पर संविदा नियुक्ति का मामला शामिल है।



संस्कृति विभाग में भी नियुक्ति संभव

सामान्य प्रशासन विभाग के कार्मिक शाखा ने एक और प्रस्ताव भेजा है। इसमें सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संविदा नियुक्ति देने की बात है। उन्हें संस्कृति विभाग में अनुभाग अधिकारी के पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है। कैबिनेट में इस नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा।



बैठक में इन फैसलों पर रहेगी नजर

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे बैठक होगी। यह बैठक भोपाल स्थित मंत्रालय में रखी गई है। इसमें गेहूं के निराकरण से लेकर सरकारी नियुक्तियों तक कई मामले आएंगे। नए जिलों में शिक्षा विभाग के पदों को मंजूरी मिलने की भी संभावना है। सिंचाई परियोजनाओं और पुरानी योजनाओं को आगे जारी रखने पर भी फैसला हो सकता है। हालांकि ये सभी अभी प्रस्तावित एजेंडे हैं। अंतिम फैसलों की जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद ही सामने आएगी।



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