ढाई महीने बाद भी एमपी में मानसून की चाल पड़ी सुस्त, सामान्य से 11% कम बारिश
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में मानसून के ढाई महीने बीत चुके हैं।
- फिर भी बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है।
- प्रदेश में अब तक 22.39 इंच बारिश दर्ज हुई है।
- सामान्य आंकड़ा 25.23 इंच होना चाहिए था।
- भोपाल समेत 5 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है।
निराश करने वाला मानसून
मध्य प्रदेश में 1 जून से अब तक 22.39 इंच बारिश हो चुकी है। इस समय तक सामान्य रूप से 25.23 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
यानी प्रदेश में अभी 2.85 इंच पानी की कमी है। यह कमी 11 प्रतिशत के बराबर है। मानसून का सीजन अभी बाकी है। लेकिन शुरुआती ढाई महीने का हिसाब निराश करने वाला है।
बारिश का वितरण भी बहुत असमान रहा है। यह असमानता प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में साफ दिखती है। कुछ जिलों में पानी भरपूर बरसा है। वहीं कई जिले अब भी सूखे जैसे हालात से जूझ रहे हैं।
पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर
बता दें कि पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश (MP Weather update) की कमी सबसे ज्यादा है। यहां सामान्य से 15 प्रतिशत कम पानी बरसा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश की स्थिति थोड़ी बेहतर है। वहां सामान्य से 7 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।
विंध्य, बुंदेलखंड और मालवा के कई हिस्से इस कमी से ज्यादा प्रभावित हैं। इन इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ की फसलों पर सीधा असर पड़ने का खतरा है।
भोपाल टॉप पांच जिलों में शामिल
पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसतन कम बारिश के बावजूद भोपाल की स्थिति अच्छी है। भोपाल में अब तक 30.27 इंच बारिश हो चुकी है। यहां सामान्य आंकड़ा 25.37 इंच है।
यानी राजधानी में सामान्य से 4.89 इंच ज्यादा पानी बरसा है। यह करीब 19 प्रतिशत ज्यादा है। स्थानीय स्तर पर बनी अच्छी बारिश व्यवस्था इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
भोपाल के अलावा चार और जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। राजगढ़ में 29.92 इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से 26 प्रतिशत ज्यादा है।
गुना में 29.50 इंच बारिश हुई, यानी 16 प्रतिशत की बढ़त। अनूपपुर में 29.44 इंच पानी गिरा, जो सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा है। उमरिया में यह बढ़त सबसे कम, सिर्फ 2 प्रतिशत रही।
मैहर सबसे ज्यादा पीछे
दूसरी तरफ मैहर जिले का हाल सबसे खराब है। यहां अब तक सिर्फ 10.92 इंच बारिश हुई है। सामान्य आंकड़ा 25.72 इंच है। यानी मैहर में 58 प्रतिशत तक पानी की कमी है। यह प्रदेश में सबसे बड़ी कमी है।
मुरैना में भी हालात चिंताजनक हैं। वहां 11.01 इंच बारिश हुई, जबकि सामान्य 17.52 इंच है। यह 37 प्रतिशत कम है। आलीराजपुर में 11.97 इंच पानी गिरा, जो सामान्य से 49 प्रतिशत कम है।
रीवा में 13.65 इंच बारिश दर्ज हुई, यानी 47 प्रतिशत की कमी। पांढुर्णा में 14.61 इंच पानी बरसा, जो सामान्य से 32 प्रतिशत कम है।
इस हफ्ते राहत की उम्मीद
मौसम विभाग ने इस हफ्ते प्रदेश में व्यापक बारिश (मध्यप्रदेश का मौसम) की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम की वजह से अच्छी बारिश की उम्मीद है।
खासकर उन इलाकों को राहत मिल सकती है, जहां अभी तक कमी बनी हुई है। हालांकि पानी की भरपाई कितनी होगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। किसान और आम लोग इस बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट
अगस्त से अक्टूबर तक और ताकतवर होगा अल नीनो, WMO ने किया अलर्ट
अल नीनो के कारण देश के 315 जिलों पर सूखे का खतरा, MP और राजस्थान के जिले भी शामिल
MP-CG में तेज बारिश का अलर्ट, राजस्थान में 19 अगस्त से बदलेगा मौसम