एक जुलाई से मध्य प्रदेश का मानसून सत्र, इस बार विधायकों को मिलेंगी प्रिंटेड बुकलेट
एक जुलाई से मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। मध्य प्रदेश में सरकार ऑनलाइन बजट बुक की बजाय प्रिंट वाली बजट बुक पर वापस लौटेगी। मानसून सत्र के लिए विधायकों ने कुल 4500 प्रश्न भेजे हैं। इनमें करीब 70% ही ऑनलाइन मिले हैं।
विधायकों ने भेजे कुल 4500 प्रश्न
जानकारी के मुताबिक इस बार मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के लिए कुल 4500 प्रश्न मिले हैंl हालांकि अब प्रश्न भेजने की तारीख खत्म हो गई है।
कौन मंत्री किस विभाग का जबाव देगा
- कृष्णा गौर : सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित जवाबों के उत्तर देंगी.
- धर्मेन्द्र सिंह लोधी : नर्मदा घाटी विकास, जनसंपर्क.
- गौतम टेटलवाल : विधिा एवं विधायी कार्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
- नरेन्द्र शिवाजी पटेल : गृह, जेल.
- प्रतिमा बागरी : प्रवासी भारतीय, विमानन.
- दिलीप अहिरवार : खनिज साधन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन.
- राधा सिंह : आनंद, लोक सेवा प्रबंधन
बजट के लिए सरकार ने मांगे थे जनता से सुझाव
बजट के लिए सरकार ने जनता से सुझाव मांगे थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर MP MY Gov आईडी से पोस्ट कर लिखा था कि विकसित भारत बनेगा विकसित मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश बजट 2024- 25 के लिए आपके सुझाव #MPMYGov के माध्यम से साझा करें। आपके सुझाव बजट निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Elections 2024 ) के चलते इस बार मानसून सत्र में बजट पेश किया जाएगा।
जनता की राय और एक्सपर्ट की सलाह होगी शामिल
वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि हमने परंपरा विकसित की है कि आम जनता, प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों तथा विषय विशेषज्ञों की वैचारिक भागीदारी शामिल की जाएगी। उन्हीं से मिले सुझावों के आधार पर प्रदेश के बजट को प्रगतिशील स्वरूप दिया जाए।
यह निरंतर तीसरा वर्ष है जब हम फिर से सभी के बहुमूल्य सुझावों के आधार पर प्रदेश का बजट पेश करेंगे। यह अधिक विकसित, उन्नति, लोक कल्याणकारी और परिणामजनक बनाने का कार्य करेंगे। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का यह बजट एक जनकल्याणकारी, जनहितैषी और सर्वसमावेशी बजट होगा। यह पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ( CM Mohan Yadav ) के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के हमारे संकल्प को मजबूत करेगा।
एमपी का मानसून सत्र
एमपी मानसून सत्र की बैठकें 1 से 5 जुलाई तक लगातार चलेंगी। 6 और 7 जुलाई को शनिवार-रविवार के चलते अवकाश रहेगा। इसके बाद 13-14 जुलाई और 17 जुलाई को अवकाश रहेगा। सत्र में कुल 14 बैठकें होंगी। लोकसभा चुनावों के बाद होने वाला यह सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं।
सबसे ज्यादा बजट ‘लाड़ली बहना’ के लिए
फरवरी में लाए थे लेखानुदान
राज्य सरकार फरवरी में पूर्ण बजट लेकर नहीं आई। सरकार लेखानुदान लेकर आई थी। जानकारों ने बताया कि इसका कारण केंद्र की तरफ से योजनाओं और प्रोग्राम के लिए राज्य को मिलने वाले राज्यांश में देरी कारण रहा। केंद्र सरकार ने भी लोकसभा चुनाव के चलते लेखानुदान लेकर आई। अब वह भी जुलाई में पूर्ण बजट पेश कर सकती है। लेखानुदान में सरकार पूर्ण बजट पेश होने तक राज्य सरकार के खर्चों और योजनाओं के संचालन के लिए राशि को स्वीकृति देती है।
3.48 लाख करोड़ के पार हो सकता है बजट
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मप्र मानसून सत्र | 1 जुलाई से मप्र मानसून सत्र |