मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर भड़के किसान, कलेक्टर के सामने रखी 5 बड़ी मांग

Aman Vaishnav | Jul 05, 2026, 09:29 IST
मध्य प्रदेश में मूंग खरीद
मध्य प्रदेश में मूंग खरीद में देरी और लिमिट घटने से किसान नाराज हैं। किसान महापंचायत ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। खरीद सीमा कम होने से किसानों को प्रति हेक्टेयर लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये तक का बड़ा नुकसान होने की आशंका है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है।
  • इससे बहुत से किसान परेशान हैं और नाराजगी बढ़ रही है।
  • किसान महापंचायत ने रायसेन कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
  • संगठन ने खरीद सीमा बढ़ाने और MSP लागू करने की मांग की है।
  • सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

मूंग खरीद को लेकर बढ़ी नाराजगी

मध्य प्रदेश में मूंग की फसल तैयार होकर किसानों के घरों में रखी है। लेकिन अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।



किसान महापंचायत ने इसी मुद्दे पर रायसेन के जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने खरीद जल्द शुरू करने की मांग की है।



कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में मूंग की उपज पड़ी हुई है। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद अब तक नहीं हो पाई है।



राजेश धाकड़ का कहना है कि देरी के कारण किसानों को मजबूरी में उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है। इससे उन्हें सीधा नुकसान होगा।



खरीद सीमा घटने से नाराजगी

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि पिछले साल सरकार ने प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल तक मूंग खरीदी थी। लेकिन इस बार यह सीमा घटाकर सिर्फ 3 क्विंटल कर दी गई है।



किसान महापंचायत का कहना है कि यह फैसला किसानों के हित में नहीं है। इससे एक किसान को करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का नुकसान हो सकता है।



संगठन ने मांग की है कि खरीद सीमा फिर से बढ़ाकर 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की जाए। इससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सकेगा।



स्वामीनाथन आयोग की मांग

किसान महापंचायत ने ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की भी मांग रखी है। संगठन चाहता है कि C2+50% फॉर्मूले के आधार पर MSP तय हो।



इसका मतलब है कि फसल की असली लागत में 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर दाम तय किया जाए। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।



संगठन की पांच बड़ी मांगें

किसान महापंचायत ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।



  • मूंग की सरकारी खरीद तुरंत शुरू हो।
  • खरीद सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की जाए।
  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू कर MSP को कानूनी अधिकार बनाया जाए।
  • MSP से कम दाम पर खरीद को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए।
  • किसानों का पूरा कृषि लोन माफ किया जाए।

संगठन का कहना है कि ये सभी मांगें किसानों के हित में जरूरी हैं।



आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन के अंत में किसान महापंचायत ने सरकार को साफ चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा।



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