एमपी में चलेंगी 5 हजार से ज्यादा बसें, जुलाई से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना
5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शुरू करने जा रही है।
- इस नई परिवहन सेवा की शुरुआत जुलाई महीने तक फील्ड में हो सकती है।
- योजना के पहले चरण में अगले दो सालों के अंदर पांच हजार 206 नई नगर बसें चलाई जाएंगी।
- सरकार ने पूरे मध्य प्रदेश को सात बड़े परिवहन क्षेत्रों में बांट दिया है।
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया सड़क सुरक्षा सचिवालय भी बनेगा।
मध्य प्रदेश के लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है। यदि आप भी आए दिन बस या सरकारी गाड़ियों से सफर करते हैं, तो अब आपका सफर बहुत ही आसान और आरामदायक होने वाला है।
मध्यप्रदेश सरकार आम जनता की सहूलियत के लिए एक बड़ी तैयारी में जुटी हुई है। प्रदेश में बहुत जल्द मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना की शुरुआत होने जा रही है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस शानदार योजना को जुलाई के महीने तक जमीन पर उतार दिया जाएगा।
गुरुवार, 21 मई को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवहन विभाग की एक बड़ी समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे।
सीएम ने कहा था कि इस योजना को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द फील्ड में शुरू किया जाए। सीएम ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को तेजी से प्रारंभ करने का काम किया जाए ताकि लोगों को इसका फायदा तुरंत मिल सके।
पहले चरण में चलेंगी पांच हजार बसें
इस योजना को इतने बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है कि शहर से लेकर उपनगरीय इलाकों तक लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। सरकार ने इसके लिए पूरी प्लानिंग कर ली है।
योजना के पहले चरण में अगले दो साल के भीतर प्रदेश के एक हजार 164 अलग-अलग मार्गों पर कुल पांच हजार 206 नई नगर बसें चलाई जाएंगी।
काम को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य को कुल सात बड़े परिवहन क्षेत्रों में बांट दिया है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा शामिल हैं।
किस क्षेत्र में चलेंगी कितनी बसें?
सरकार ने आबादी और जरूरत के हिसाब से बसों की संख्या तय की है। इस योजना के तहत सबसे ज्यादा फायदा इंदौर क्षेत्र को मिलने वाला है। इसके बाद राजधानी भोपाल का नंबर आता है।
| परिवहन क्षेत्र | बसों की संख्या |
| इंदौर (Indore) | 608 बसें |
| भोपाल (Bhopal) | 398 बसें |
| अन्य क्षेत्र (उज्जैन, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, रीवा) | बाकी बची बसें कुल 1,164 मार्गों पर चलाई जाएंगी |
सड़क सुरक्षा सचिवालय भी बनेगा
सरकार सिर्फ बसें ही नहीं चला रही है, बल्कि सुरक्षा और जांच व्यवस्था को भी पूरी तरह बदलने जा रही है। अक्सर दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनोंकी वजह से नियमों की अनदेखी होती है।
अब इसे रोकने के लिए राज्य की परिवहन चौकियों और टोल नाकों को पूरी तरह से हाईटेक बनाया जाएगा।
इसके अलावा सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने और सड़क सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठा रही है।
इसके लिए प्रदेश में अलग से मध्यप्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन किया जाएगा। यह सचिवालय पूरी तरह से सड़कों को सुरक्षित बनाने और नियमों का पालन करवाने पर काम करेगा।
डिजिटल लाइसेंस और ई-डिटेक्शन सिस्टम
डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब मध्य प्रदेश परिवहन विभाग भी पूरी तरह डिजिटल हो रहा है। बैठक में बताया कि अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में दिए जा रहे हैं। इससे लोगों को अपने साथ कागजात लेकर घूमने की मजबूरी नहीं रहेगी।
इसके साथ ही सरकार बहुत जल्द सड़कों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम चालू करने वाली है। इस सिस्टम के आने के बाद सड़कों पर लगे कैमरे स्मार्ट हो जाएंगे।
वे अपने आप ही निकलने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे। यदि किसी वाहन चालक ने ट्रैफिक का कोई नियम तोड़ा होगा, तो यह सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर लेगा और उसका चालान कट जाएगा।
FAQ
- मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना मध्य प्रदेश में कब से शुरू होगी?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार, इस योजना को जुलाई के महीने तक फील्ड में यानी जमीन पर पूरी तरह से शुरू किया जा सकता है। सरकार इसकी तैयारियों में तेजी से जुटी हुई है।
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