मध्य प्रदेश में बंपर प्रमोशन, 381 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार, कुल 460 पदोन्नत
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रशासनिक गलियारे में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने एक साथ 460 अधिकारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। भोपाल के मंत्रालय वल्लभ भवन से रविवार, 12 जुलाई 2026 को दो बड़े आदेश जारी किए गए हैं। इन सरकारी आदेशों के तहत राज्य के 381 नायब तहसीलदारों को बड़ी पदोन्नति का तोहफा मिला है। इस बंपर प्रमोशन लिस्ट के सामने आने के बाद प्रशासनिक खेमे में हलचल तेज हो गई है।
कुल 460 अधिकारियों को प्रमोशन से मिला नया पदभार
राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई इस भारी-भरकम सूची में कुल 460 नाम शामिल हैं। पहले आदेश के तहत कुल 79 अधीक्षक भू अभिलेख से तहसीलदार बनाए गए है। वहीं विभाग के दूसरे बड़े आदेश में कुल 381 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।
इन सभी अधिकारियों को अब नायब तहसीलदार से कार्यवाहक तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। इस लिस्ट में आदित्य कुमार सोनकिया, प्रज्ञेश पचौरी और प्रीति चौहान जैसे नाम शामिल हैं। इनके साथ ही भावना मलगाम और दर्शनी सिंह को भी पदोन्नति दी गई है।
381 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार-
सैलरी लेवल में हुआ भारी इजाफा, बढ़ा ग्रेड पे
राजस्व विभाग का मुख्य आदेश: राज्य शासन द्वारा नायब तहसीलदार / प्रभारी तहसीलदार को आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किया जाता है। इस बंपर प्रमोशन के साथ ही अधिकारियों की सैलरी और ग्रेड पे में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब इन प्रमोटेड अधिकारियों का वेतनमान रुपए 9300-34800 और ग्रेड पे 3600 (लेवल 9) से सीधे बढ़कर ग्रेड पे 4200 (लेवल 10) हो गया है। सरकार का यह फैसला अधिकारियों के लिए आर्थिक रूप से एक बहुत बड़ा बूस्ट साबित होने वाला है।
79 भू अभिलेख अधीक्षक से तहसीलदार पद पर प्रमोट
राजस्व निरीक्षकों को मिला प्रमोशन, बने नायब तहसीलदार
मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा एक बड़ा आदेश जारी करते हुए राज्य के 289 राजस्व निरीक्षकों (RI) को नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किया गया है । विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों को वेतनमान ₹5200-20200 (ग्रेड पे-2800) से बढ़ाकर अब ₹9300-34800 (ग्रेड पे-3600) की पदोन्नति दी गई है ।
यह पदोन्नति मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के तहत 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) के लिए रहेगी । सभी प्रमोटेड शासकीय सेवक वर्तमान में जिस कार्यालय में पदस्थ हैं, वहीं पदोन्नत पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं के अंतिम आदेशों के अधीन होंगी ।
प्रमोशन के साथ लागू होंगी ये शर्तें-
दो साल का रहेगा प्रोबेशन पीरियड
मध्य प्रदेश शासन के उप सचिव अजय देव शर्मा के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी हुआ है। इस आदेश के मुताबिक सभी पदोन्नतियां मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के तहत की गई हैं। इसके साथ ही सभी प्रमोटेड अधिकारियों के लिए दो वर्ष की परवीक्षण (प्रोबेशन) अवधि तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगा आदेश
इस प्रशासनिक आदेश में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में रहकर की गई है। यह पदोन्नति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। इसके अलावा भविष्य में कोर्ट द्वारा पारित होने वाले आदेश भी इस पर पूरी तरह प्रभावी होंगे।
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