इस वजह से चुराई थी सिंधिया घराने की तोप, आरोपियों ने बताई चौंकाने वाली वजह
समझें क्या है पूरा मामला...
- शिवपुरी के नरवर किले से एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई थी।
- यह तोप सिंधिया रियासत के समय की करीब 400 साल पुरानी बताई जाती है।
- पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- हालांकि चोरी गई तोप अभी तक बरामद नहीं हो पाई है।
- पूछताछ में सामने आया कि तोप को पानी विवाद के चलते चुराया गया था।
15 जुलाई को हुई थी चोरी
बता दें कि नरवर किला शिवपुरी जिले का ऐतिहासिक स्थल है। यहां पुरातत्व विभाग की निगरानी में कई पुरानी तोपें रखी हैं। यह तोपें किले के कचहरी महल में सुरक्षित रखी जाती हैं। इनकी देखभाल का जिम्मा विभाग के चौकीदारों पर होता है।
जरअसल 16 जुलाई को इस मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुरातत्व विभाग के चौकीदार रमेश कोली ने नरवर थाने में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि किले में रखी 14 तोपों में से एक गायब है। यह चोरी 15 जुलाई को हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी।
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30 हजार रुपए का इनाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर आईजी ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने आरोपियों की जानकारी देने वाले के लिए 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम राजस्थान के करौली जिले पहुंची और वहां से गिरफ्तारी की।
पुलिस ने गांवडा मीणा गांव से दो लोगों को पकड़ा। पहला आरोपी पालनपुर निवासी अमन कुमार है। दूसरा आरोपी गांवडा मीणा गांव का ही रहने वाला टिम्मुराम है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया है। हालांकि चोरी गई तोप अभी तक नहीं मिली है।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
पुलिस को कार्रवाई में कई दिक्कतें आ रही हैं। गांव में किसी अन्य मामले को लेकर पहले से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इस वजह से पुलिस को गांव में जांच करना मुश्किल हो रहा है।
पुलिस का अनुमान है कि तोप गांव में ही कहीं छिपाई गई है। तलाशी अभियान अभी जारी है। पुलिस टीम स्थानीय प्रशासन की मदद से गांव में तलाश कर रही है।
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वर्चस्व और बांध का विवाद
पूछताछ में पुलिस को हैरान करने वाली जानकारी मिली है। आरोपियों ने बताया कि करौली क्षेत्र में एक पुराना विवाद चल रहा है। यह विवाद पांचना बांध से पानी लेने को लेकर है। इस विवाद में स्थानीय समुदाय और गुर्जर समाज आमने-सामने हैं।
आरोपियों के अनुसार गुर्जर समाज पर दबदबा कायम करने की योजना बनाई गई थी। जरूरत पड़ने पर बांध को तोप से उड़ाने की साजिश रची गई थी। इसी मकसद से नरवर किले से ऐतिहासिक तोप चुराई गई। यह पूरी साजिश काफी पहले से तैयार की जा रही थी।
योजना बनाकर तोप को चुराया
अमन ने पूछताछ में बताया कि वह 3 जुलाई को गांव के करीब 25 लोगों के साथ किले पहुंचा था। लेकिन तोप बहुत भारी होने के कारण उसे उठाकर ले जाना मुमकिन नहीं हो पाया था। इसके बाद अलग योजना बनाकर तोप को चुराया गया। पुलिस अब पूरी साजिश की तह तक जाने में जुटी है।
पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। इस मामले में और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है।
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