कल से नहीं ले पाएंगे जंगल सफारी का मजा, बंद होंगे नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क आज 30 जून की शाम से बंद हो जाएंगे।
- यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है।
- वन्यजीव प्रेमियों को टाइगर, चीता और तेंदुए देखने के लिए तीन महीने रुकना होगा।
- पार्क 1 अक्टूबर से फिर खुलेंगे।
- यह बंदी कोर एरिया के सफारी रूट्स पर लागू रहेगी।
मध्यप्रदेश में जंगल सफारी के शौकीनों के आज 30 जून का दिन आखिरी मौका है। प्रदेश के सभी नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व 30 जून की शाम से पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद पर्यटकों को तीन महीने इंतजार करना होगा।
यह प्रतिबंध कूनो नेशनल पार्क के साथ कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, माधव, रातापानी, रानी दुर्गावती और संजय-डुबरी टाइगर रिजर्व में लागू रहेगा। हालांकि कुछ पार्कों के बफर एरिया मानसून में भी पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं।
किस वजह से लिया ये फैसला
वन विभाग के मुताबिक मानसून का समय वन्यजीवों का मुख्य प्रजनन काल होता है। इस दौरान जानवरों को शांत वातावरण की जरूरत होती है। पर्यटकों की आवाजाही से उनकी गतिविधियों में बाधा आ सकती है।
बारिश के मौसम में जंगलों के अंदरूनी रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इन रास्तों की मरम्मत और रखरखाव के लिए भी यह समय जरूरी होता है। इसी वजह से हर साल मानसून में पर्यटकों की एंट्री बंद कर दी जाती है।
30 जून के बाद नहीं मिलेगी सफारी
प्रदेश के सभी नौ टाइगर रिजर्व 30 जून तक पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। इनमें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व, पेंच नेशनल पार्क, सतपुड़ा, पन्ना, संजय-डुबरी, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। इस तारीख के बाद कोर एरिया में सफारी पूरी तरह बंद हो जाएगी।
वन विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर मानसून जल्दी सक्रिय होता है या तेज बारिश शुरू हो जाती है, तो पार्क तय तारीख से पहले भी बंद किए जा सकते हैं। सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी।
वन्यजीव देखने का आखिरी मौका
जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए यह समय आखिरी मौका माना जा रहा है। इसी कारण बड़ी संख्या में पर्यटक जून के बचे दिनों में सफारी बुकिंग करा रहे हैं।
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान सभी नियमों का पालन करें। जिम्मेदार और सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे वन्यजीवों को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
मानसून बीतने के बाद 1 अक्टूबर से सभी पार्क और टाइगर रिजर्व दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। तब तक वन्यजीव प्रेमियों को इंतजार करना होगा।
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