विदेशी पायलट उड़ाएगा सीएम मोहन यादव का नया जेट, भारतीय पायलट टेस्ट में अटके

Sourabh Bhatnagar | Sept 25, 2026, 10:20 IST
mp new challenger 3500 jet foreign pilot
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए खरीदा गया नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट जल्द भोपाल पहुंचने वाला है। विमान को भारत लाने के लिए भेजे गए दोनों भारतीय पायलट पहली कोशिश में जरूरी टेस्ट पास नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें दोबारा ट्रेनिंग पूरी करनी पड़ी।

मध्यप्रदेश सरकार के नए विमान को उड़ाने की तैयारी में लगे दोनों भारतीय पायलट पहली कोशिश में जरूरी टेस्ट पास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें दोबारा ट्रेनिंग लेनी पड़ी। इस वजह से उनकी ट्रेनिंग तय समय से ज्यादा लंबी हो गई।



मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए खरीदे गए नएबॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेटको भारत लाने के लिए दोनों पायलटों को विमान बनाने वाली कंपनी के पास प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। उन्हें 18 दिन में ट्रेनिंग पूरी कर सर्टिफिकेट हासिल करना था, लेकिन टेस्ट में सफल नहीं होने के कारण उन्हें फिर से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।



अब दोनों भारतीय पायलट विमान मेंसह-पायलटकी भूमिका निभाएंगे। विमान को शुरुआत में एक विदेशी पायलट उड़ाएगा, जिसके पासफॉरेन एयरक्रू टेम्परेरी ऑथराइजेशन (FATA)की मंजूरी होगी।



3d150a2f-972


भारतीय पायलटों को मिला सह-पायलट सर्टिफिकेट

विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि दोनों भारतीय पायलटों को सह-पायलट के लिए जरूरी प्रमाण पत्र मिल चुका है। हालांकि दोबारा ट्रेनिंग के कारण कितना अतिरिक्त खर्च हुआ, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।



इस ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट प्रक्रिया का खर्च मध्यप्रदेश सरकार ने उठाया है।



30 सितंबर तक भोपाल पहुंच सकता है नया विमान

मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री के इस्तेमाल के लिए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 मिड-साइज जेट खरीदा है। कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर यह विमान राज्य सरकार को सौंप चुकी है।



उम्मीद है कि विमान 26 या 27 सितंबर को कनाडा के टोरंटो से भारत के लिए रवाना होगा और 30 सितंबर तक भोपाल पहुंच सकता है।



भारत पहुंचने के बाद बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट विमान को कस्टम और डीजीसीए की जरूरी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। डीजीसीए की तकनीकी जांच और सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही इसका नियमित इस्तेमाल शुरू होगा।



भारत आने से पहले होगी विमान की जांच

टोरंटो से उड़ान भरने से पहले पायलट और तकनीकी टीम विमान की पूरी जांच करेगी। साथ ही विमान के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी परखा जाएगा।



चैलेंजर-3500 विमान करीब 6,300 किलोमीटर तक लगातार उड़ान भर सकता है। वहीं टोरंटो से भारत की दूरी करीब 11,500 किलोमीटर है। इसलिए रास्ते में विमान को ईंधन और तकनीकी जांच के लिए एक जगह रुकना पड़ेगा।



इसके लिए लंदन या फ्रैंकफर्ट में ठहराव की संभावना है।



भोपाल पहुंचने के बाद डीजीसीए अधिकारी विमान की तकनीकी जांच करेंगे। सभी मंजूरी मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री की यात्राओं के लिए इस नए जेट का इस्तेमाल किया जाएगा।



चैलेंजर 3500 की खासियतें

यह सुपर-मिड साइज बिजनेस जेट है। इसकी नॉन-स्टॉप रेंज छह हजार 297 किलोमीटर है। इससे भोपाल से जापान के टोक्यो तक सीधी उड़ान संभव होगी। दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी तक भी बिना रीफ्यूलिंग उड़ान भरी जा सकेगी।



विमान में बॉम्बार्डियर की पेटेंटेड नुआज सीटें लगी हैं। इन्हें बिजनेस जेट श्रेणी की सबसे आरामदायक सीटों में गिना जाता है। यात्री आवाज से लाइट, तापमान और एंटरटेनमेंट सिस्टम नियंत्रित कर सकेंगे।



साथ ही साउंड इंसुलेशन के कारण केबिन में बाहरी शोर बेहद कम महसूस होगा। हर यात्री के लिए 4K डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा।



केबिन की ऊंचाई 6 फीट से अधिक है। इसमें छोटा किचन और निजी शौचालय भी है। कॉन्फिगरेशन के अनुसार 8 से 10 यात्री बैठ सकते हैं, अधिकतम सीमा 9-11 तक है। विमान में दो इंजन, 8 यात्री सीटें और 2 केबिन क्रू सीटें हैं।



इसकी अधिकतम गति 870 किमी/घंटा यानी Mach 0.83 है। यह 45 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है, जिससे टर्बुलेंस का असर कम होता है।



b7774a66-24f


89125ac5-f6f


कहां उतर सकेगा जेट

इस जेट को उतरने के लिए कम से कम पांच हजार 500 फीट लंबे रनवे की जरूरत होगी। इसलिए यह प्रदेश की सभी हवाई पट्टियों पर संचालित नहीं हो सकेगा।



भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो के प्रमुख एयरपोर्ट पर यह उतर सकेगा। इसके अलावा दतिया, सिवनी, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना और मंडला की हवाई पट्टियों पर भी संचालन संभव होगा।



वहीं उज्जैन, गुना, खरगोन, नागदा, रतलाम, खंडवा, सागर, सीधी, मैहर और टेकनपुर की हवाई पट्टियों पर रनवे की लंबाई पर्याप्त न होने के कारण यह विमान नहीं उतर सकेगा।



50b17c77-f78


पुराने विमान से तुलना

पुराना विमान बी-200जीटी टर्बोप्रॉप श्रेणी का था। इसकी अधिकतम गति 570 किमी/घंटा और रेंज तीन हजार 300 से तीन हजार 500 किलोमीटर थी। इसमें 7 से 9 यात्री बैठ सकते थे और यह 35 हजार फीट तक उड़ान भर सकता था।



नया चैलेंजर 3500 लगभग 50 प्रतिशत तेज है। इसकी रेंज भी लगभग दोगुनी है। इसका केबिन बड़ा, शांत और वॉयस-कंट्रोल वाला है। यह देश के अधिकांश शहरों और कई विदेशी गंतव्यों तक नॉन-स्टॉप उड़ान भर सकता है।



ये खबरें भी पढ़ें...

नया जेट खरीद रही मोहन सरकार, सीएम यादव सहित कई वीआईपी करेंगे सफर



एमपी सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा, जल्द होगी डिलीवरी



आज राजधानी में ही रहेंगे सीएम मोहन यादव, सुगम परिवहन सेवा का करेंगे शुभारंभ, हाईवे प्रोजेक्ट पर होगी चर्चा



सड़क चौड़ीकरण में टूटेगा CM मोहन यादव का घर, पुश्तैनी मकान पर लगा लाल निशान





Tags:
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • डीजीसीए
  • बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500
  • बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट विमान