एमपी को मिलेगा नया हाई-टेक शहर: 3 हजार हेक्टेयर में बनेगा 20,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, जानें क्या होंगी खूबियां

Umeshwari Baghel | Nov 07, 2026, 15:26 IST
भोपाल में 20 हजार करोड़ की लागत से 3000 हेक्टेयर में नया शहर बसाने की योजना।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आने वाले वर्षों में नए रूप में दिख सकती है। भोपाल मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट में शहर के विस्तार और व्यवस्थित विकास के लिए 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस परियोजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का शुरुआती अनुमान है, लेकिन इतनी बड़ी रकम कहां से आएगी, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

कॉरिडोर नर्मदापुरम रोड से इंदौर रोड तक प्रस्तावित है। इसे आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) की होगी।



आईटी पार्क से लेकर मॉल तक

प्रस्तावित कॉरिडोर केवल आवासीय क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसके आसपास आईटी पार्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े संस्थान, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। कॉर्पोरेट ऑफिस, होटल, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स के लिए भी जगह तय करने की योजना है। इससे कारोबार और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।




बहुमंजिला इमारतें और ज्यादा FAR

नई योजना में जमीन के बेहतर उपयोग पर जोर है। प्रस्ताव के अनुसार प्रमुख मार्गों के दोनों ओर करीब 500 मीटर के दायरे में हाई-डेंसिटी विकास होगा। यहां बहुमंजिला इमारतें, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने की तैयारी है। अधिक फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का प्रावधान भी प्रस्ताव में शामिल है।




जमीन और फंडिंग की चुनौती

इतनी बड़ी परियोजना के लिए जमीन प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होगी। BDA अब तक आपसी सहमति पर आधारित लैंड पूलिंग का इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन इस परियोजना के लिए नई नीति की जरूरत बताई जा रही है। निजी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है, ताकि पूरा वित्तीय बोझ सरकार पर न पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट वित्तीय योजना के बिना इतनी बड़ी परियोजना समय पर पूरी करना मुश्किल होगा।




कनेक्टिविटी और आपत्तियां

कॉरिडोर से भोपाल एयरपोर्ट, प्रस्तावित एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी (EKAI सिटी) और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है। ड्राफ्ट पर बड़ी संख्या में आपत्तियां भी दर्ज हुई हैं, जिनमें हरियाली, झीलों की सुरक्षा और कॉलोनियों के व्यावसायीकरण से जुड़े सवाल उठे हैं। फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और शुरुआती आकलन के स्तर पर है। बजट, निर्माण की समय-सीमा और अंतिम स्वरूप पर आगे के फैसले महत्वपूर्ण होंगे।




यह खबर क्यों जरूरी है

भोपाल मास्टर प्लान 2047 सीधे शहर के हर नागरिक के घर, जमीन, हरियाली और यातायात से जुड़ा है। 51 किलोमीटर का कॉरिडोर बताता है कि शहर का विस्तार कैसे होगा। आपत्तियों और फंडिंग के सवाल तय होने तक आम लोगों की राय और सरकारी योजना दोनों पर नजर रखना जरूरी है।



FAQ

सवाल 1: ग्रोथ कॉरिडोर कहां से कहां तक है?



जवाब: ड्राफ्ट के अनुसार 51 किलोमीटर का कॉरिडोर नर्मदापुरम रोड से इंदौर रोड तक प्रस्तावित है।



सवाल 2: इस परियोजना पर कितना खर्च होगा?



जवाब: शुरुआती अनुमान करीब 20 हजार करोड़ रुपए का है, लेकिन फंडिंग का अंतिम मॉडल तय नहीं हुआ है। [अनुमान का स्रोत BDA से मिलाएं]



सवाल 3: परियोजना का काम कौन देखेगा?



जवाब: परियोजना की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) की होगी।

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