एमपी के नए डीजीपी: 20 नवंबर को यूपीएससी की बैठक, रेस में आईपीएस वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव
20 नवंबर को तय होगा डीजीपी का पैनल
thesootr की जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के नए डीजीपी (Madhya Pradesh DGP) की घोषणा 20 नवंबर के बाद होगी। डीजीपी (Director General of Police) का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) तैयार करता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार यूपीएससी की बैठक 20 नवंबर को होगी। मध्य प्रदेश के नए डीजीपी के चयन के लिए यह बैठक सबसे अहम पड़ाव है। इसी बैठक में तीन नामों का पैनल तय किया जाएगा।
इसके बाद पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। बैठक के दो से चार दिन बाद नए डीजीपी की घोषणा हो सकती है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव को करना है। सूत्रों के मुताबिक, तीनों प्रमुख दावेदारों की सीआर (Confidential Report यानी सालाना गोपनीय रिपोर्ट) बेहतरीन है। वरिष्ठता के आधार पर भी इन्हीं तीनों अफसरों के पैनल में शामिल होने की चर्चा है।
वरुण कपूर: तीनों दावेदारों में सबसे सीनियर
वरुण कपूर 1991 बैच के आईपीएस (Indian Police Service) अफसर हैं। वे फिलहाल मध्य प्रदेश के जेल डीजी हैं। जुलाई 2025 में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों प्रमुख दावेदारों में वे सबसे सीनियर हैं।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए काम से उन्हें खास पहचान मिली है। ब्लैक रिबन इनिशिएटिव और प्रोजेक्ट साइ-कॉप्स उनकी चर्चित पहल रही हैं। उनका रिटायरमेंट मई 2027 में है।
उपेंद्र जैन: ईओडब्ल्यू के मुखिया
उपेंद्र जैन भी 1991 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे दिसंबर 2024 से ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) के डीजी हैं। इससे पहले वे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रह चुके हैं।
यहां एक दिलचस्प संयोग भी है। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना भी डीजीपी बनने से पहले इसी कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष थे। उपेंद्र जैन अगस्त 2027 में रिटायर होंगे।
क्या मध्य प्रदेश को मिलेगी पहली महिला डीजीपी?
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव 1991 बैच की आईपीएस अफसर हैं। फिलहाल वे होमगार्ड की डीजी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2025 में वे होमगार्ड की पहली महिला मुखिया बनी थीं। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय में महिला सुरक्षा शाखा की स्पेशल डीजी रह चुकी हैं।
अगर उनके नाम पर मुहर लगती है, तो मध्य प्रदेश में इतिहास बनेगा। वे प्रदेश की पहली महिला डीजीपी होंगी। यही वजह है कि डीजीपी की दौड़ में उनकी दावेदारी को खास माना जा रहा है।
देश की पहली महिला डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य थीं। वे 2004 में उत्तराखंड पुलिस की मुखिया बनी थीं।
अब सवाल यह है कि नए डीजीपी के चयन में वरिष्ठता भारी पड़ेगी या सरकार पहली महिला डीजीपी बनाकर इतिहास रचेगी?
पिछली बार दो दिन में सामने आया था नाम
इससे पहले 21 नवंबर 2024 को दिल्ली में यूपीएससी की बैठक हुई थी। इसमें कैलाश मकवाना, अरविंद कुमार और अजय शर्मा के नाम पैनल में शामिल किए गए थे।
बैठक के दो दिन बाद यानी 23 नवंबर 2024 की देर रात गृह विभाग ने कैलाश मकवाना को डीजीपी बनाने का आदेश जारी किया था। उस समय मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेश यात्रा पर रवाना हो चुके थे।
मकवाना ने 1 दिसंबर 2024 को डीजीपी की कमान संभाली थी। पिछली बार की तरह इस बार भी यूपीएससी की बैठक और नए डीजीपी की घोषणा के बीच ज्यादा अंतर नहीं रहने की उम्मीद है।
कैलाश मकवाना को क्यों मिला था एक साल का अतिरिक्त कार्यकाल?
कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट की तारीख पहले दिसंबर 2025 थी। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, डीजीपी को कम से कम दो साल का कार्यकाल दिया जाता है।
इसी आधार पर राज्य सरकार ने 31 अक्टूबर 2025 को उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 तक कर दिया था। अब उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद नए पुलिस मुखिया की नियुक्ति होगी।
कैसे बनता है मध्य प्रदेश के डीजीपी का पैनल?
डीजीपी के चयन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह केस में दिए गए फैसले के आधार पर चलती है। राज्य सरकार योग्य आईपीएस अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजती है। पैनल में शामिल होने के लिए 30 साल की सेवा और साफ रिकॉर्ड जरूरी है। इसके अलावा संबंधित अफसर की कम से कम छह महीने की नौकरी बची होनी चाहिए।
बैठक में यूपीएससी अध्यक्ष, राज्य के मुख्य सचिव और एक वरिष्ठ अफसर शामिल होते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत तीन नामों का पैनल तैयार किया जाता है।
सरकार ने भेजे थे 12 अफसरों के नाम
मध्य प्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए कुल 12 अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजे थे। इनमें तीन प्रमुख दावेदारों के अलावा पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी. अखेतो सेमा, अनिल कुमार और रवि गुप्ता के नाम शामिल हैं।
आनंद कुमार सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता के नाम भी सूची में हैं। सितंबर 2026 में इन सभी 12 अफसरों के दस्तावेजों की जांच शुरू हुई थी।
डीजीपी चयन की पूरी टाइमलाइन
- 21 नवंबर 2024: यूपीएससी ने पिछली बार डीजीपी पैनल के लिए बैठक की।
- 23 नवंबर 2024: देर रात कैलाश मकवाना की नियुक्ति का आदेश जारी हुआ।
- 1 दिसंबर 2024: कैलाश मकवाना ने डीजीपी की कमान संभाली।
- 31 अक्टूबर 2025: सरकार ने उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाया।
- सितंबर 2026: नए डीजीपी के चयन के लिए 12 अफसरों के दस्तावेजों की जांच शुरू हुई।
- 20 नवंबर 2026: यूपीएससी की पैनल बैठक प्रस्तावित है।
- 30 नवंबर 2026: कैलाश मकवाना रिटायर होंगे।
- 1 दिसंबर 2026: नए डीजीपी कार्यभार संभालेंगे।
FAQ
- मध्य प्रदेश के नए डीजीपी की घोषणा कब होगी?
सूत्रों के मुताबिक, 20 नवंबर 2026 को यूपीएससी की पैनल बैठक प्रस्तावित है। इसके दो से चार दिन बाद नए डीजीपी के नाम की घोषणा हो सकती है। नए डीजीपी 1 दिसंबर से कार्यभार संभालेंगे। - एमपी के नए डीजीपी की रेस में कौन से नाम आगे हैं?
वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव सबसे आगे हैं। तीनों 1991 बैच के आईपीएस अफसर हैं। राज्य सरकार ने कुल 12 नाम यूपीएससी को भेजे थे। - क्या मध्य प्रदेश को पहली महिला डीजीपी मिल सकती है?
हां, अगर प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को चुना जाता है, तो वे मध्य प्रदेश की पहली महिला डीजीपी होंगी। फिलहाल वे होमगार्ड की डीजी हैं। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव को करना है।