NMC का बड़ा फैसला: देश के सभी पीजी डिप्लोमा मेडिकल कोर्सेज होंगे बंद, जानें क्यों
समझें क्या है पूरा मामला
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग एनएमसी ने एक बड़ा फैसला लिया है।
देश में सभी पीजी डिप्लोमा मेडिकल कोर्सेज बंद किए जाएंगे।
उनकी जगह एमडी और एमएस जैसे पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स शुरू होंगे।
जो सीटें डिप्लोमा के लिए थीं, वे सीधे डिग्री कोर्स में बदल दी जाएंगी।
इससे छात्रों को बेहतर करियर और देश को ज्यादा प्रशिक्षित स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे।
PG मेडिकल डिप्लोमा कोर्स अब बंद होंगे
मेडिकल पढ़ाई में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में चल रहे पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स बंद करने का फैसला किया है। यह बदलाव पीजी मेडिकल एजुकेशन के स्तर को एक समान और बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
अब तक देश में कुछ मेडिकल कॉलेजों में एक ही विषय में डिप्लोमा और डिग्री - दोनों कोर्स एक साथ चलते थे। कई संस्थानों में केवल डिप्लोमा प्रोग्राम ही था। इस असमानता को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
डिप्लोमा सीटें बनेंगी MD-MS सीटें
जो सीटें अब तक पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए तय थीं, उन्हें एमडी और एमएस सीटों में बदला जाएगा। इससे छात्रों को डिप्लोमा की बजाय सीधे डिग्री कोर्स में दाखिले का मौका मिलेगा।
एनएमसी का मानना है कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण स्तर में सुधार होगा। साथ ही छात्रों को करियर के बेहतर विकल्प भी मिलेंगे।
PGMEB ने कॉलेजों को दिए निर्देश
इस बदलाव को लागू करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड पीजीएमईबी (PGMEB – Post Graduate Medical Education Board) ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए हैं। कॉलेजों को अपनी डिप्लोमा सीटों को एमडी और एमएस सीटों में बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी होगी।
इसके लिए मेडिकल कॉलेजों को मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड एमएआरबी (MARB – Medical Assessment and Rating Board) के पास आवेदन करना होगा।
MARB लाएगा ऑनलाइन पोर्टल
इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एमएआरबी जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा। इस पोर्टल के जरिए संस्थान सीधे आवेदन कर सकेंगे। यह कदम कागजी प्रक्रिया को कम करेगा और बदलाव की रफ्तार तेज करेगा।
यह फैसला क्यों जरूरी था
एनएमसी का तर्क है कि जिन संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स चल रहे हैं, वहां पहले से ही पर्याप्त फैकल्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मरीज मौजूद हैं। इन्हीं संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सीटों को डिग्री प्रोग्राम में बदला जा सकता है।
देश को ज्यादा प्रशिक्षित और डिग्रीधारी विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत है। यह बदलाव उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
छात्रों और कॉलेजों पर क्या असर पड़ेगा
जो छात्र अभी पीजी डिप्लोमा कोर्स में हैं, उनके बारे में स्रोत में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। नए दाखिले अब डिग्री कोर्स में ही होंगे। मेडिकल कॉलेजों को जल्द से जल्द अपनी सीटों का रूपांतरण शुरू करना होगा।
यह बदलाव मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों पर भी सीधा असर डालेगा। इन राज्यों के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को भी एमएआरबी के पास आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
FAQ
- NMC ने PG डिप्लोमा मेडिकल कोर्स क्यों बंद किए?
एनएमसी का मानना है कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा का स्तर देशभर में एक समान होना चाहिए। डिप्लोमा और डिग्री कोर्स एक साथ चलाने से असमानता बढ़ती है। डिग्री कोर्स से विशेषज्ञ डॉक्टरों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण बेहतर होगा। - पुरानी PG डिप्लोमा सीटें क्या हो जाएंगी?
डिप्लोमा की सीटें अब एमडी और एमएस डिग्री कोर्स की सीटों में बदली जाएंगी। मेडिकल कॉलेजों को एमएआरबी के पास आवेदन करना होगा। इसके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च होगा। - इस बदलाव से मेडिकल छात्रों को क्या फायदा होगा?
छात्रों को डिप्लोमा की जगह सीधे एमडी या एमएस डिग्री में दाखिले का मौका मिलेगा। डिग्री कोर्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मान्य होती है। इससे करियर के बेहतर विकल्प और ज्यादा करियर अवसर मिलेंगे।
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