गधे का सर्टिफिकेट 5 मिनट में बन गया, लेकिन असली नर्सिंग छात्रों का रजिस्ट्रेशन एक महीने से अटका!

Atul Dwivedi | Sootr Creatives | Nov 03, 2026, 14:50 IST
नर्सिंग काउंसिल के पोर्टल नहीं खुलने से नर्सिंग छात्र परेशान हैं।
Look at the state of the nursing system in Madhya Pradesh: a registration certificate was issued via the Nursing Council’s portal in just five minutes—in the name of a donkey.
मध्यप्रदेश में नर्सिंग व्यवस्था का हाल देखिए... यहां नर्सिंग काउंसिल के पोर्टल से गधे के नाम पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट महज 5 मिनट में जारी हो जाता है। लेकिन असली नर्सिंग छात्रों के लिए एक महीने से पोर्टल नहीं खुल पा रहा है। नतीजा ये है कि प्रदेश के हजारों नर्सिंग अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान हो रहे हैं।

दरअसल, जिस नर्सिंग काउंसिल के पोर्टल से गधे का सर्टिफिकेट जारी होने का मामला सामने आया था, उसी काउंसिल का पोर्टल पिछले एक महीने से बंद पड़ा है। दावा किया गया था कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द दूर करके इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। लेकिन एक महीना बीतने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी पोर्टल शुरू नहीं कर सके हैं। अब सवाल ये है कि आखिर पोर्टल बंद होने से नर्सिंग छात्रों को कितनी परेशानी हो रही है?



पोर्टल बंद होने से हजारों छात्र परेशान

मध्य प्रदेश में नर्सिंग के हजारों छात्र रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं। नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कई जरूरी कामों के लिए जरूरी होता है। इसके बिना अभ्यर्थियों को नौकरी पाने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा उच्च शिक्षा और अस्पतालों में नियुक्ति के लिए भी रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ती है। कई दूसरे जरूरी काम भी इसी प्रक्रिया से जुड़े हैं। लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण नए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे हैं।



खबरों के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों के आवेदन और जरूरी दस्तावेज अटके हुए हैं। कुछ युवाओं को डर है कि इस देरी से नौकरी के मौके छूट सकते हैं। यानी पोर्टल बंद होने का असर उनकी पढ़ाई और करियर पर पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि छात्रों को कोई साफ जानकारी नहीं मिल रही है। काउंसिल की ओर से पोर्टल शुरू होने की तारीख नहीं बताई गई है। आवेदकों के लिए कोई दूसरी व्यवस्था भी शुरू नहीं की गई है।



नर्सिंग काउंसिल के पोर्टल से गधे के नाम पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बना।

आखिर कैसे बना गधे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट?

दरअसल, NSUI ने नर्सिंग काउंसिल के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी और संदिग्ध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने के आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों के बीच NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने पोर्टल की खामियां उजागर करने के लिए एक टेस्ट किया। इस टेस्ट में आवेदक का नाम लिखा गया डंकी, पिता का नाम डंकी फादर और मां का नाम डंकी मदर। इतना ही नहीं, आवेदन में फोटो भी किसी इंसान की नहीं, बल्कि एक गधे की लगाई गई।



लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने काउंसिल के ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आवेदन करने और कुछ फीस जमा करने के महज 5 मिनट के अंदर गधे के नाम से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया। ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम की खामियां सामने आईं और आनन-फानन में रजिस्ट्रेशन पोर्टल बंद कर दिया गया।



लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिस पोर्टल से गधे का सर्टिफिकेट महज 5 मिनट में जारी हो गया, उसी पोर्टल पर असली नर्सिंग छात्र पिछले एक महीने से अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। इस पूरे मामले में नर्सिंग अभ्यर्थियों की परेशानियों को देखते हुए छह प्रमुख मांगें भी उठाई जा रही हैं।



अभ्यर्थियों ने छह प्रमुख मांगें उठाईं

  1. पोर्टल बंद होने से परेशान नर्सिंग अभ्यर्थियों की ओर से छह प्रमुख मांगें उठाई जा रही हैं। इन मांगों में पोर्टल जल्द शुरू करने से लेकर पूरे मामले की जांच तक शामिल है।
  2. अभ्यर्थियों की मांग है कि एमपी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल का पोर्टल तुरंत चालू किया जाए। पोर्टल बंद रहने से जिन लोगों के आवेदन प्रभावित हुए हैं, उन्हें फीस में छूट दी जाए।
  3. इसके अलावा गधे के नाम पर सर्टिफिकेट जारी होने के मामले की जांच कराने की मांग भी की गई है। यह जांच उच्च स्तरीय और निष्पक्ष होनी चाहिए।
  4. अभ्यर्थियों का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच होनी चाहिए। इसकी सत्यापन प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट भी कराया जाए।
  5. इसके साथ ही MP ऑनलाइन और नर्सिंग काउंसिल के बीच हुए अनुबंध की समीक्षा की मांग की गई है। इसमें पोर्टल चलाने की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट करने की बात कही गई है।
  6. सबसे जरूरी मांग यह है कि पोर्टल शुरू होने तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इससे छात्रों के रजिस्ट्रेशन और दूसरे जरूरी काम नहीं रुकेंगे।

NSUI ने दी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार का कहना है कि एक तरफ डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं की बातें की जाती हैं, तो दूसरी तरफ एक जरूरी बिजनेस रेगुलेटर इंस्टीट्यूशन का रजिस्ट्रेशन पोर्टल इतने लंबे समय से बंद पड़ा है। इसकी वजह से हजारों युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।



अब सवाल ये है कि आखिर नर्सिंग काउंसिल का पोर्टल कब शुरू होगा? कब तक हजारों नर्सिंग अभ्यर्थियों के आवेदन अटके रहेंगे? और गधे के नाम से 5 मिनट में सर्टिफिकेट जारी करने वाली व्यवस्था की खामियां दूर करने में आखिर कितना वक्त लगेगा? फिलहाल इन सवालों का जवाब नर्सिंग अभ्यर्थियों को नहीं मिल पाया है।



यह खबर क्यों जरूरी है

मध्य प्रदेश में हजारों नर्सिंग अभ्यर्थियों को नौकरी और अस्पतालों में नियुक्ति के लिए काउंसिल का रजिस्ट्रेशन चाहिए। नर्सिंग रजिस्ट्रेशन पोर्टल बंद होने से नए रजिस्ट्रेशन और जरूरी प्रक्रियाएं अटकी हैं। गधे के नाम का सर्टिफिकेट जारी होने से ऑनलाइन सत्यापन पर भी सवाल उठे हैं। इसलिए मामला सिर्फ पोर्टल चालू करने का नहीं, भरोसेमंद जांच का भी है। असली नर्सिंग छात्रों की परेशानी का हल जल्द निकलना जरूरी है।



FAQs

1. मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल का पोर्टल कितने समय से बंद है?



नर्सिंग काउंसिल का पोर्टल पिछले एक महीने से बंद बताया जा रहा है।



2. गधे के नाम पर सर्टिफिकेट कैसे जारी हुआ था?



NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने एक टेस्ट किया था। आवेदन में गधे की फोटो और 'डंकी' नाम दर्ज किया गया। करीब 5 मिनट में सर्टिफिकेट जारी हो गया।



3. पोर्टल बंद होने से नर्सिंग छात्रों को क्या परेशानी है?



छात्र नए रजिस्ट्रेशन और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे नौकरी और उच्च शिक्षा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

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