नर्सिंग छात्र संगठन ने सीएम से की स्कॉलरशिप देने की मांग, सौंपा ज्ञापन
मध्य प्रदेश में नर्सिंग छात्रों ने आज 16 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास पर ज्ञापन सौंपा। इसमें सरकार से उनकी गंभीर समस्याओं का समाधान करने की अपील की गई है। नर्सिंग छात्र संगठन (एन एस ओ) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने फीस, स्कॉलरशिप, और संस्थागत कमियों को लेकर आवाज उठाई है। छात्रों का कहना है कि सरकार द्वारा तीन वर्षों से एससी, एसटी, ओबीसी और गरीब जनरल वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप और आवास सहायता राशि नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्कॉलरशिप की कमी से आर्थिक संकट
एन एस ओ के अध्यक्ष गोपाल पाराशर ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से नर्सिंग छात्रों को स्कॉलरशिप और आवास सहायता राशि का वितरण बंद है। इस कारण छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए ट्यूशन और हॉस्टल फीस का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। "हमारी फीस में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सरकार ने छात्रों की मदद नहीं की। कई छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है," उन्होंने कहा।
ईडब्ल्यूएस के लिए भी स्कॉलरशिप की मांग
स्थायी नियुक्तियों की आवश्यकता
एन एस ओ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में अधिकारियों और कर्मचारियों के 90% पद खाली हैं, जो छात्रों की परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। "13 वर्षों में यूनिवर्सिटी की स्थापना के बावजूद इन पदों को भरा नहीं गया," दीपक सिंह ने कहा।
नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता और ट्रांसफर की मांग
संगठन ने यह भी मांग की कि नर्सिंग कॉलेजों की 2024-25 सत्र के लिए मान्यता प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि छात्रों को समय पर एडमिशन मिल सके। साथ ही, जो कॉलेजों को सीबीआई जांच के बाद अनुपयुक्त घोषित किया गया है, उनके छात्रों को उपयुक्त कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाए। संगठन ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है। अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो एन एस ओ ने आंदोलन की धमकी दी है, और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेने का संदेश दिया है।
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