न बाहर जाना, ना होटल का खाना! MP में अफसरों के शाही खर्च पर लगी लगाम

Amresh Kushwaha | Jun 20, 2026, 10:43 IST
अफसरों के शाही खर्च पर लगी लगाम
मध्य प्रदेश सरकार ने अफसरों के शाही खर्च पर लगाम लगाने के लिए GAD ने नए आदेश जारी किए हैं। दिल्ली-मुंबई यात्रा पर रोक, दफ्तरों में शाम 7 बजे बाद AC बंद और सरकारी कार की जगह कार-पूलिंग अनिवार्य की गई है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • GAD ने अफसरों के फिजूल खर्च पर सख्त नए नियम लागू किए हैं।
  • दिल्ली-मुंबई यात्रा के लिए अब CS की मंजूरी लेनी होगी।
  • सरकारी दफ्तरों में शाम 7 बजे के बाद AC नहीं चलेगा।
  • अफसरों को अपनी कार की जगह कार-पूलिंग करनी होगी।
  • सभी दफ्तरों का ऊर्जा ऑडिट भी कराया जाएगा।

अफसरों के खर्च पर सर्जिकल स्ट्राइक

मध्य प्रदेश में अफसरों की शाही ठाठ-बाट के दिन अब खत्म होने वाले हैं। वैश्विक आर्थिक मंदी और वित्तीय बोझ के बीच राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने दो बड़े बदलाव लागू किए हैं। इनसे मध्य प्रदेश वल्लभ भवन से लेकर कलेक्टोरेट तक हलचल मच गई है।



सरकार ने अफसरों के हवाई सफर पर इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए कार-पूलिंग और शाम 7 बजे के बाद दफ्तरों में एसी बंद करने के निर्देश दिए हैं।



दिल्ली-मुंबई की दौड़ पर रोक

अब तक छोटी-छोटी बैठकों या केंद्र के विभागों के चक्कर काटने अफसर आसानी से दिल्ली या मुंबई उड़ान भर लेते थे। अब यह नहीं होगा। GAD के नए आदेश के मुताबिक प्रदेश के बाहर की यात्रा केवल अति आवश्यक परिस्थितियों में ही मंजूर होगी।



सचिव स्तर के अफसरों को प्रदेश के बाहर जाने के लिए अब सीएस यानी मुख्य सचिव की मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, निजी होटलों में ठहरने और खाने पर भी रोक लगाई गई है। यह नियम सभी विभागों पर समान रूप से लागू होगा।



शाम 7 के बाद AC बंद

बिजली खर्च घटाने के लिए सरकार ने दफ्तरों का एनर्जी ऑडिट (Energy Audit) कराने का फैसला किया है। कार्यालय समय समाप्त होने के बाद, यानी शाम 7 बजे के बाद, गैर-जरूरी एसी, लाइट, कंप्यूटर, प्रिंटर और लिफ्ट को सख्ती से बंद करना होगा। इससे सरकारी खजाने पर पड़ने वाला बिजली का बोझ कम होगा।





यह आदेश सिर्फ कागज पर नहीं रहेगा। एनर्जी ऑडिट के जरिए हर विभाग की बिजली खपत पर नजर रखी जाएगी।



कार-पूलिंग अनिवार्य

मंत्रालय के अफसरों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को अब अपनी चमचमाती निजी गाड़ियों का मोह छोड़ना होगा। दफ्तर आने-जाने के लिए अब सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने का निर्देश है। यह कदम ईंधन खर्च घटाने और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।



खर्च कटौती की यह पहल ऐसे वक्त में आई है जब पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता का माहौल है। मध्य प्रदेश सरकार चाहती है कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर हो। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव सचिंद्र राव ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है।



FAQ

  1. सरकारी दफ्तरों में एनर्जी ऑडिट क्या होता है?
    एनर्जी ऑडिट (Energy Audit) एक प्रक्रिया है जिसमें किसी भवन या दफ्तर में होने वाली बिजली और ऊर्जा की खपत की जांच की जाती है। इससे पता चलता है कि कहां और कितनी बिजली बर्बाद हो रही है।

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