अब जेल में भी मिलेगा महिलाओं को आरक्षण, SC के आदेश से पहले एमपी में बड़ी पहल

Aman Vaishnav | May 20, 2026, 12:23 IST
mp open jail women reservation rules
मध्य प्रदेश की ओपन जेलों में अब महिला कैदियों को भी रहने की आजादी मिलेगी। जेल मुख्यालय ने सरकार को 10% आरक्षण का प्रस्ताव भेजा है। मध्य प्रदेश ने इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी पहले कदम उठा लिया था।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश की ओपन जेलों में अब महिला कैदियों को भी एंट्री मिलेगी।
  • जेल मुख्यालय ने महिलाओं के लिए 10% आरक्षण का प्रस्ताव भेजा है।
  • एमपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले ही यह तैयारी कर ली थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में ओपन जेलों का दायरा बढ़ाने को कहा था।
  • नए नियम से अच्छे व्यवहार वाली महिला कैदी परिवार के साथ रह सकेंगी।

मध्य प्रदेश से जेल सुधारों को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नौकरी और राजनीति के बाद अब राज्य की ओपन जेलों में भी महिलाओं को उनका हक मिलने जा रहा है।



एमपी के जेल मुख्यालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महिला कैदियों को ओपन जेल में रहने की इजाजत देने और उनके लिए 10% आरक्षण लागू करने का एक प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है।



सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश ने इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी पहले कदम उठा लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में सभी राज्यों को आदेश दिया था कि वे ओपन जेलों का दायरा बढ़ाएं। साथ ही इनमें महिलाओं को भी शामिल करें।



वहीं मध्यप्रदेश के डीजी जेल वरुण कपूर ने इससे करीब तीन महीने पहले यानी दिसंबर 2025 में ही सरकार को नियमों में बदलाव की सिफारिश भेज दी थी।



नियमों को बदलने के लिए ओपन जेल नियम की एक धारा को हटाने की सिफारिश की गई है, जो अब तक महिलाओं को ओपन जेल में आने से रोकती थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को इस नए नियम को पूरी तरह लागू करने के लिए छह महीने का समय दिया है।



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क्या होती है ओपन जेल ?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर यह ओपन जेल क्या होती है? आइए इसे बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं।



ओपन जेल में कैदियों पर आम जेलों की तरह चौबीसों घंटे कड़ा पहरा या दीवारें नहीं होती हैं।



यहां रहने वाले कैदी दिन के समय जेल से बाहर जाकर कोई भी काम या नौकरी कर सकते हैं। पैसे कमा सकते हैं और शाम को वापस जेल लौट आते हैं।



इस व्यवस्था का असली मकसद अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को सुधारना और उन्हें वापस समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।



ओपन जेल में आने वाले कैदी को अपने परिवार के साथ रहना जरूरी होता है। जब कोई कैदी पहली बार यहां आता है, तो सरकार की तरफ से उसे एक महीने का राशन और एक गैस सिलेंडर दिया जाता है।



इसके बाद का पूरा खर्च कैदी और उसके परिवार को खुद अपनी कमाई से उठाना पड़ता है।



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एमपी में ओपन जेलों की मौजूदा स्थिति

मध्य प्रदेश में ओपन जेलों की शुरुआत साल 2009 में हुई थी। फिलहाल प्रदेश में इनकी संख्या और क्षमता काफी कम है। इसे अब बढ़ाने की तैयारी चल रही है।



ओपन जेल से जुड़े जरूरी आंकड़ेवर्तमान स्थिति
कुल ओपन जेलों की संख्या8 (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन और सागर)
ओपन जेलों में कुल कैदियों की क्षमता138 बंदी
मप्र की जेलों में कुल कैदीलगभग 42 हजार 000
मप्र की जेलों में कुल महिला कैदीलगभग 1,600
प्रस्तावित महिला आरक्षण10 प्रतिशत

ओपन जेल में रहने के लिए जरूरी शर्तें?

हर कैदी को ओपन जेल में रहने की इजाजत नहीं मिलती है। इसके लिए जेल विभाग ने कुछ कड़े नियम और शर्तें तय की हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।



अच्छा आचरण और सेहत

बंदी का व्यवहार जेल में बहुत अच्छा होना चाहिए। इसके साथ ही वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए।



सजा की अवधि

अगर किसी कैदी को सात साल से ज्यादा की सजा मिली है, तो वह अपनी दो-तिहाई सजा पूरी कर चुका हो। वहीं उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों के लिए जरूरी है कि वे कम से कम 14 साल जेल में बिता चुके हों।



कमाने की कला या हुनर

कैदी के पास कोई न कोई ऐसा हुनर या व्यावसायिक दक्षता होनी चाहिए। इससे वह जेल से बाहर जाकर पैसे कमा सके और अपने परिवार का पेट पाल सके।



इन राज्यों में पहले से यह व्यवस्था

मध्य प्रदेश भले ही अब इसे लागू करने जा रहा है, लेकिन देश के कुछ राज्यों में महिलाएं पहले से ही ओपन जेलों में रह रही हैं।



राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल और झारखंड ऐसे राज्य हैं जहां महिला कैदियों के ओपन जेल में रहने का प्रावधान है। हालांकि वहां सीधे तौर पर मप्र की तरह कोई तय आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं है।



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निगरानी के लिए बनी हाई पावर कमेटी

सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे फैसले को देश भर में सही तरीके से लागू करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। SC ने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटीके तहत एक हाई पावर कमेटी का गठन किया है।



यह कमेटी इस बात पर नजर रखेगी कि सभी राज्य अपनी ओपन जेलों का विस्तार कर रहे हैं या नहीं। उनमें महिलाओं को शामिल किया जा रहा है या नहीं।



इस बेहद महत्वपूर्ण कमेटी में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के डीजी जेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश की ओपन जेलों में महिलाओं को कितना आरक्षण देने का प्रस्ताव है?
    मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय ने महिला कैदियों के लिए ओपन जेलों में 10% आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है। इसके लागू होने से प्रदेश की जेलों में बंद करीब 1600 महिला कैदियों को इसका सीधा फायदा मिल सकेगा।
  2. ओपन जेल में रहने के लिए उम्रकैद के कैदियों के लिए क्या नियम है?
    ओपन जेल में आने के लिए उम्रकैद की सजा पाए कैदियों को कम से कम 14 साल की सजा जेल के अंदर काटनी जरूरी होती है। इसके साथ ही उनका आचरण अच्छा होना चाहिए और उनमें कमाने का हुनर होना चाहिए।

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