आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी में यूपी-हरियाणा से पिछड़ा एमपी, आंदोलन की चेतावनी
मध्यप्रदेश के लगभग10 लाख आउटसोर्स कर्मचारी और श्रमिकों के लिए नया वित्तीय वर्ष एक निराशा लेकर आया है। जहां हरियाणा, उत्तरप्रदेश और केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन में 30% से 35% तक बढ़ोतरी की है। वहीं मध्यप्रदेश में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों का वेतन सिर्फ 275 रुपए प्रतिमाह बढ़ाया गया है। यह बढ़ोतरी महज 2 से 2.5 प्रतिशत के आसपास रही है।
इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी देश के बड़े राज्यों की तुलना में सबसे कम वेतन पाने वाले बन गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने इसे महंगाई के दौर में अन्याय बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
चाय-नाश्ते से भी कम की राहत
मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र निगम का कहना है कि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में 275 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी का मतलब है रोजाना सिर्फ 9 रुपए की अतिरिक्त आय। यानी यह बढ़ोतरी एक चाय-नाश्ते से भी कम राहत देती है।
सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मी इन विभागों में
मध्यप्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी सबसे ज्यादा अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं, नगर निगम और सफाई व्यवस्था में है। इसके अलावा बिजली कंपनियों, स्कूल-कॉलेज, सुरक्षा गार्ड्स, डेटा एंट्री ऑपरेटर और पंचायत व कार्यालयीन सेवाओं में भी ज्यादा संख्या हैं। इन विभागों में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं
कम वेतन सरकार के लिए चुनौती
मध्यप्रदेश हमेशा निवेश, उद्योग और विकास की बात करता है, लेकिन श्रमिकों के वेतन में पिछड़ना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। अगर आसपास के राज्य ज्यादा वेतन देंगे तो कुशल कामकाजी लोग यहां से बाहर जा सकते हैं।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग वेतन नीति
ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स संघर्ष मोर्चा के संयोजक मनोज भार्गव ने सरकार से मांग की है। कहा है कि मध्यप्रदेश में न्यूनतम वेतन को केंद्र सरकार के बराबर किया जाए। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक अलग वेतन नीति बनानी चाहिए और महंगाई के हिसाब से वेतन बढ़ाया जाए।
वेतन मामले में मध्यप्रदेश कितना पीछे?
| श्रेणी | केंद्र सरकार / राज्य | मासिक वेतन | मध्य प्रदेश की तुलना |
| अकुशल श्रमिक (Unskilled) | केंद्र सरकार | 18 हजार 18 रुपए | केंद्र से पांच हजार 593 कम |
| हरियाणा | 15 हजार 220 रुपए | हरियाणा से दो हजार 795 कम | |
| उत्तर प्रदेश | 13 हजार 690 रुपए | - | |
| मध्य प्रदेश | 12 हजार 425 रुपए | - | |
| --- | --- | --- | --- |
| अर्द्धकुशल श्रमिक (Semi-skilled) | केंद्र सरकार / राज्य | 21 हजार 502 रुपए | केंद्र से आठ हजार 81 कम |
| हरियाणा | 16 हजार 780 रुपए | हरियाणा से तीन हजार 359 कम | |
| यूपी | 15 हजार 59 रुपए | - | |
| मध्यप्रदेश | 13 हजार 421 रुपए | - | |
| --- | --- | --- | --- |
| कुशल श्रमिक (Skilled) | केंद्र सरकार / राज्य | 25 हजार 64 रुपए | केंद्र से नौ हजार 920 कम |
| हरियाणा | 18 हजार 500 रुपए | हरियाणा से तीन हजार 356 कम | |
| यूपी | 16 हजार 868 रुपए | - | |
| मध्यप्रदेश | 15 हजार 144 रुपए | - |
FAQ
- मध्यप्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों का वेतन कितना बढ़ा?
सरकार ने वेतन में 275 रुपए प्रति माह बढ़ाए हैं। यह बढ़ोतरी केवल 2 से 2.5 प्रतिशत ही है। कर्मचारियों के लिए यह राशि बहुत कम है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होगा। - एमपी में किन विभागों में सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी हैं?
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगमों में बहुत कर्मी हैं। बिजली विभाग और स्कूलों में भी आउटसोर्स हैं। सुरक्षा गार्ड और डेटा ऑपरेटर भी काम करते हैं। इन सभी पर इस फैसले का असर पड़ेगा।
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