राष्ट्रपति भवन में गूंजा मध्य प्रदेश का नाम, एमपी की चार हस्तियों को मिला पद्मश्री पुरस्कार
समझें क्या है पूरा मामला...
- दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में सोमवार, 25 मई को भव्य पद्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया था।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की कुल 131 हस्तियों को अलग-अलग पद्म सम्मानों से नवाजा।
- इस बार के समारोह में मध्य प्रदेश की 4 बड़ी हस्तियों को पद्मश्री मिला है।
- इसमें लेखक कैलाश चंद्र पंत, मार्शल आर्ट एक्सपर्ट भगवानदास रैकवार, समाजसेवी मोहन नागर और श्री नारायण व्यास शामिल हैं।
- इन सभी लोगों ने समाज और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए बिना किसी शोर-शराबे के काम किया है।
देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार का समारोह हमेशा ही बहुत खास होता है। इस बार मध्य प्रदेश के लोगों के लिए यह पल और भी ज्यादा गर्व से भरा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की चार जानी-मानी हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति भवन में सजी पद्म पुरस्कारों की महफिल
सोमवार 25 मई को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कारों का भव्य कार्यक्रम हुआ था। इस समारोह में देश का नाम रोशन करने वाली कुल 131 हस्तियों को सम्मानित किया गया था।
पुरस्कारों का पूरा लेखा-जोखा
| पुरस्कार का नाम | कुल संख्या |
| पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) | 5 |
| पद्म भूषण (Padma Bhushan) | 13 |
| पद्म श्री (Padma Shri) | 113 |
| कुल पुरस्कार (Total Awards) | 131 |
मध्य प्रदेश की इन हस्तियों को मिला पद्मश्री
मध्य प्रदेश से इस बार जिन चार लोगों को पद्मश्री पुरस्कार मिला है, उनके नाम और काम की चर्चा हर तरफ हो रही है। आइए इन चारों हस्तियों के बारे में जानते हैं।
1. कैलाश चंद्र पंत: लेखन और साहित्य की दुनिया का बड़ा नाम
कैलाश चंद्र पंत का जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में हुआ था। उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में एक बहुत लंबा और शानदार सफर तय किया है।
वे अपने जीवन में लेक्चरर से लेकर प्रिंसिपल और पत्रकारिता जैसी कई अहम भूमिकाओं में रहे हैं। उनके लिखे लेखों और किताबों ने समाज को एक नई सोच और सही दिशा देने का काम किया है। इसी अनमोल योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है।
2. भगवानदास रैकवार: पारंपरिक मार्शल आर्ट के सच्चे रक्षक
सागर जिले के रहने वाले भगवानदास रैकवार बुंदेली युद्ध कला के बहुत बड़े उस्ताद हैं। उन्होंने सालों से चली आ रही तलवारबाजी और लाठी-डंडे जैसी पारंपरिक कलाओं को जिंदा रखा।
साथ ही नई पीढ़ी के बच्चों को भी इसे सिखाया है। लुप्त होती इस पुरानी कला को बचाने के लिए उनके इसी जज्बे को देखते हुए सरकार ने उन्हें अनसंग हीरो की कैटेगरी में यह सम्मान दिया है।
3. मोहन नागर: समाजसेवा में बिता दिए जिंदगी के तीन दशक
मोहन नागर इस समय मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं। वे पिछले लगभग 30 सालों से शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार एक्टिव हैं।
बैतूल (बैतूल मोहन नागर) जिले से शुरू हुआ उनका यह सेवा का सफर आज पूरे राज्य के स्तर तक पहुंच चुका है। उन्होंने बहुत सी संस्थाओं के साथ मिलकर जमीन पर काम किया है। साथ ही सामाजिक विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
4. श्री नारायण व्यास: संस्कृति और कला को दिया नया मुकाम
मध्य प्रदेश की चौथी हस्ती श्री नारायण व्यास हैं। इन्हें उनके विशेष योगदान के लिए राष्ट्रपति के हाथों पद्म श्री सम्मान मिला है। इन्होंने भी अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करके राज्य का नाम पूरे देश में ऊंचा किया है।
FAQ
- साल 2026 में मध्य प्रदेश से कितने लोगों को पद्मश्री पुरस्कार मिला है?
साल 2026 में मध्य प्रदेश की कुल 4 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनके नाम कैलाश चंद्र पंत, भगवानदास रैकवार, मोहन नागर और श्री नारायण व्यास हैं।
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