मध्यप्रदेश की पंचायतों में AI की एंट्री, आवाज सुनकर खुद तैयार करेगा मीटिंग के नोट्स

Aman Vaishnav | Mar 23, 2026, 08:45 IST
mp panchayat ai entry sabhasar update
मध्यप्रदेश की 23 हजार पंचायतों में अब एआई तकनीक का इस्तेमाल होगा। सभासार प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राम सभा की बैठकों के नोट्स ऑटोमैटिक तैयार होंगे। इससे सरपंच और सचिव कामकाज में हेरफेर या गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे।

मध्य प्रदेश की 23 हजार पंचायतों में अब एआई फीचर की एंट्री होने वाली है। मतलब अब जब सरपंच और सचिव ग्राम सभा की बैठकें करेंगे तो एआई उनके बोलने की आवाज सुनकर मीटिंग के मिनिट्स (नोट्स) तैयार करेगा। इसके बाद सरपंच और सचिव उसे पढ़कर कन्फर्म करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को सभासार नाम के नए एआई प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शी और सटीक बनाया जाएगा।



पहले ही ई-ग्राम स्वराज प्लेटफार्म शुरू किया जा चुका था। अब इसमें इस नए फीचर को जोड़ा गया है। इसका फायदा यह होगा कि अब सरपंच और सचिव अपने मन से कोई भी फाइल या दस्तावेज दबा नहीं सकेंगे।



एक ऐप से पंचायत की जानकारी

केंद्र सरकार का पंचायती राज मंत्रालय अब ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत ग्राम पंचायतों में एआई का इस्तेमाल शुरू कर चुका है। इस सिस्टम के तहत मेरी पंचायत ऐप के माध्यम से हर गांव के नागरिक अपने मोबाइल से पंचायत की जानकारी मिल सकेगी। इसमें नागरिक अपनी पंचायत की योजनाओं, कार्यों की प्रगति और खर्च के बारे में पूरी जानकारी देख सकेगा।



पंचायत का मास्टर प्लान तैयार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की बिलकिसगंज और विदिशा की मुरवास पंचायत का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। यह योजना स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल द्वारा बनाई गई है।



इसमें हेल्थ, एजुकेशन, हाउसिंग और वेस्ट मैनेजमेंट को ध्यान में रखा गया है। साथ ही सबसे ज्यादा ध्यान ई-कनेक्टिविटी पर दिया गया है ताकि इन क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की सुविधा हो सके।



आवाज से टेक्स्ट में बदलाव

इस टेक्नोलॉजी का दावा है कि यह मीटिंग की बातों को सीधे आवाज से टेक्स्ट में बदल देती है। साथ ही उसकी समरी भी तैयार करती है। मार्च 2026 तक इस सिस्टम को देश की एक लाख 17 हजार ग्राम पंचायतों ने अपनाया है। इसमें मध्यप्रदेश की लगभग 12 हजार पंचायतें भी शामिल हैं।



पंचायतों में AI का इस्तेमाल

बीते साल 2 अक्टूबर तक पंचायतों को मिनी मास्टर प्लान तैयार करना था। वहीं लगभग 40 फीसदी पंचायतों का प्लान निर्धारित मानकों के मुताबिक नहीं आया। अब पीपुल्स प्लान कैंपेन 2025-26 के तहत मेरी पंचायत ऐप और AI का इस्तेमाल करके यह काम सही तरीके से होगा। मध्यप्रदेश में पहले ही ई-अटल केंद्र और ई-कोर्ट योजना शुरू हो चुकी है।



ये खबरें भी पढ़िए...



मध्य प्रदेश न्यूज:पंचायत व पालिका चुनाव पर अब अवमानना याचिका दाखिल, कोर्ट ने तय की डेडलाइन



AI पर CJI सूर्यकांत बोले- फैसले इंसान ही सुनाएं, AI को केवल सहायता करने का काम देना चाहिए।



एमपी न्यूज: 12 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स को DA एरियर नवंबर से पहले, 38 हजार तक मिलेंगे



डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ सरकार सख्त, व्हाट्सएप डिवाइस ID को ब्लॉक करने के दिए आदेश



Tags:
  • एमपी न्यूज
  • भोपाल
  • केंद्र सरकार
  • मध्य प्रदेश
  • AI
  • सीहोर
  • मध्य प्रदेश न्यूज
  • पंचायती राज
  • पंचायत