पंचायतों का डिजिटल ऑडिट करने वाला पहला राज्य बना एमपी, ऑनलाइन दिखेगा खर्च

Kaushiki | Jul 15, 2026, 15:58 IST
Panchayat Darpan Portal
मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए दृष्टि पोर्टल लॉन्च किया है। अब हर महीने की 5 तारीख तक सभी पंचायतों को अपने खर्च और आमदनी का पूरा हिसाब ऑनलाइन देना होगा। ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य बन गया है।

Panchayat Darpan Portal: मध्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के लिए बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने गांव के विकास और खर्चों में पारदर्शिता लाने की तैयारी कर ली है। अब प्रदेश की हर एक पंचायत को अपनी आमदनी का पूरा ब्यौरा देना होगा।



इसके साथ ही हर महीने के खर्च का हिसाब-किताब भी दिखाना होगा। इस नए और डिजिटल नियम को लागू करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। ये जरूरी व्यवस्था अगले ही महीने से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी।



हर महीने की 5 तारीख तक का मिला समय

सरकार ने इस काम के लिए एक तय समय सीमा तय कर दी है। हर महीने की 5 तारीख तक सभी को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह सारा काम ऑनलाइन मोड से नए डिजिटल पोर्टल पर पूरा किया जाएगा।



इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सीधे पंचायत सचिवों के कंधों पर होगी। सचिवों को अपने काम को लेकर एक जरूरी शपथ पत्र भी देना होगा। इसके बाद ही उनकी दी गई जानकारी को सही माना जाएगा।



नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज

अगर कोई अधिकारी या सचिव समय पर जानकारी नहीं देता तो उन पर कार्रवाई होगी। लापरवाही बरतने वाले ऐसे सभी कर्मचारियों पर सख्त गाज गिरना तय है। नियम का पालन न करने पर पंचायतों को मिलने वाला फंड रोक दिया जाएगा।



सरकार विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए मिलने वाली राशि रोक देगी। इस सख्त कदम से सभी अधिकारी समय पर अपना काम पूरा करने लगेंगे। इससे गांव के विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।



आम जनता भी देख सकेगी पाई-पाई का खर्च

इस नई डिजिटल व्यवस्था की सबसे अच्छी बात इसकी ट्रांसपेरेंसी होने वाली है। अब गांव का कोई भी आम नागरिक इस डेटा को आसानी से देख सकेगा। लोग अपने मोबाइल से ही देख सकेंगे कि कितना पैसा कहां खर्च हुआ।



पूरे देश में इस तरह का अनोखा नियम (कैग की रिपोर्ट) बनाने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है। सरकार ने इसके लिए डिजिटल रिमोट ऑडिट सिस्टम फॉर ट्रांसपेरेंसी एंड इनसाइड पोर्टल बनाया है। छोटे नाम के रूप में इसे दृष्टि पोर्टल नाम दिया गया है।



सीएम मोहन यादव ने किया पोर्टल का शुभारंभ

इस डिजिटल पोर्टल को मध्य प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। सीएम मोहन यादव ने इस नए पोर्टल को स्वयं लॉन्च किया है। इस खास मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद थे।



उन्होंने मंगलवार के दिन इस शानदार डिजिटल सिस्टम की शुरुआत जनता के लिए की। अब से ग्राम पंचायतें पंचायत दर्पण पोर्टल (Panchayat Darpan Portal) के जरिए टैक्स भी जमा कर सकेंगी। विभिन्न प्रकार के टैक्स की राशि अब सीधे ऑनलाइन माध्यम से जमा होगी।



ऑनलाइन जमा करनी होगी पूरी कैशबुक

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कई बड़ी बातें बताईं। उन्होंने साफ कहा कि अब सभी पंचायत सचिवों को कैशबुक ऑनलाइन करनी होगी। यह काम हर महीने की 5 तारीख से पहले पूरा करना जरूरी होगा।



एक बार कैशबुक ऑनलाइन अपलोड होने के बाद उसमें बदलाव नहीं हो सकेगा। यह नया दृष्टि पोर्टल पुराने पंचायत दर्पण और ई-ग्राम स्वराज से सीधे जुड़ जाएगा। इसके बाद यह सिस्टम अपने आप पंचायतों के पुराने खर्च का डेटा ले लेगा।



ऑडिटर अब घर बैठे कर सकेंगे डिजिटल जांच

इस नए सिस्टम के आने से ऑडिटर्स का काम भी बहुत आसान हो जाएगा। वे घर बैठे ही हर पंचायत के इनकम एक्सपेंडिचर को आसानी से देख सकेंगे। अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से ही अपनी जरूरी ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार कर लेंगे।



वे खर्च से जुड़े सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स का डिजिटल परीक्षण भी कर सकेंगे। पहले के समय में पंचायतों का ऑडिट सही समय पर नहीं हो पाता था। इसी देरी के कारण केंद्रीय वित्त आयोग की राशि अक्सर बीच में रुक जाती थी।



कैग के निर्देशन में तैयार हुआ सिस्टम

इस लेट-लतीफी को खत्म करने के लिए पंचायत संचालनालय ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने एनआईसी के माध्यम से एक नया और सुरक्षित सॉफ्टवेयर तैयार करवाया। यह पूरा दृष्टि पोर्टल कैग (CAG report) के कड़े निर्देशों के तहत तैयार किया गया है।



इससे अब सरकारी धन का सही इस्तेमाल समय पर सुनिश्चित किया जा सकेगा। पहले जितना पैसा मिलता था, उसे बिना किसी हिसाब के पूरा खर्च कर दिया जाता था। लेकिन अब इस नई तकनीक से भ्रष्टाचार और गबन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया दृष्टि पोर्टल क्या है?
    दृष्टि पोर्टल (डिजिटल रिमोट ऑडिट सिस्टम फॉर ट्रांसपेरेंसी एंड इनसाइड) एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मध्य प्रदेश की सभी पंचायतों के खर्च और आमदनी का हिसाब-किताब ऑनलाइन रखा जाएगा।
  2. पंचायत सचिवों को हर महीने की किस तारीख तक खर्च का विवरण देना होगा?
    सभी पंचायत सचिवों को हर महीने की 5 तारीख तक अपनी पंचायत की कैशबुक दृष्टि पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। ऐसा न करने पर संबंधित पंचायत का फंड रोक दिया जाएगा।
  3. दृष्टि पोर्टल की शुरुआत से आम नागरिकों और ऑडिटर को क्या फायदा होगा?
    आम नागरिक अब घर बैठे अपने गांव के विकास कार्यों का खर्च ऑनलाइन देख सकेंगे। वहीं, ऑडिटर बिना पंचायत जाए डिजिटल माध्यम से सभी दस्तावेजों की जांच कर ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे।

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