एमपी की 23 हजार पंचायतों में समय से पहले चुनाव की तैयारी, बदलेगी दिग्विजय के दौर की व्यवस्था, ग्राम सभा के अधिकारों में भी होंगे बदलाव!

Aman Vaishnav | Oct 23, 2026, 13:35 IST
MP Panchayat Election 2027: मध्य प्रदेश में दो महीने पहले पंचायत चुनाव कराने की तैयारी है। मोहन सरकार ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने जा रही है।
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मोहन यादव सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। प्रदेश की करीब 23 हजार पंचायतों में चुनाव तय समय से एक से दो महीने पहले कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही सरकार पंचायत राज व्यवस्था के नियमों में भी बदलाव करने जा रही है। नए नियमों के तहत ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को दिए जाएंगे।

बता दें कि इसकी घोषणा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने की है। सरकार अगले महीने तक नए नियम लागू करने की तैयारी में है।



दिग्विजय सिंह के समय की पंचायत राज व्यवस्था में होगा बदलाव

मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई पंचायत राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। डॉ. मोहन यादव सरकार ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने की तैयारी कर रही है।



पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नए नियम तैयार करने में जुटा है। सरकार नवंबर तक इन नियमों को लागू करना चाहती है। हालांकि ग्राम सभा की अनिवार्यता पहले की तरह बनी रहेगी। बदलाव उसके अधिकारों को लेकर किया जाएगा।



इस फैसले का असर गांवों में विकास कार्यों और स्थानीय फैसले लेने की व्यवस्था पर पड़ सकता है।



2027 में दो महीने पहले हो सकते हैं पंचायत चुनाव

मध्य प्रदेश में अगला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव साल 2027 में होना है। सरकार पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से एक या दो महीने पहले चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में करीब 23 हजार पंचायतें हैं। सरकार चाहती है कि चुनाव जल्दी पूरे हो जाएं और नई पंचायतें समय पर कामकाज संभाल लें।



इस फैसले को साल 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव जल्दी कराने से राजनीतिक दलों को गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, पंचायत चुनाव की अंतिम तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।



पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने की घोषणा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले पंचायत चुनाव एक या दो महीने पहले कराए जाएंगे। इससे चुनाव के बाद नई पंचायतों को समय पर जिम्मेदारी सौंपी जा सकेगी।



मंत्री ने बताया कि चुनाव से पहले पंचायत राज व्यवस्था के नियमों में बदलाव किया जाएगा। सरकार नई व्यवस्था को लेकर अपनी नीति भी स्पष्ट करेगी।



ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को मिलेंगे

मंत्री प्रहलाद पटेल के मुताबिक, पंचायत राज नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नई व्यवस्था में ग्राम सभा की अनिवार्यता खत्म नहीं होगी। ग्राम सभा पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन उसके अधिकार पंचायत समितियों को दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार अगले एक महीने में नए नियमों का नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी कर रही है। नवंबर तक बदलाव लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि ग्राम सभा के कौन-कौन से अधिकार पंचायत समितियों को सौंपे जाएंगे, इसकी पूरी जानकारी नए नियम सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।



गांव के विकास में ग्राम सभा की अहम भूमिका

पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम सभा को गांव के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। ग्राम सभा में गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा होती है। कई जरूरी फैसलों में ग्रामीणों की भागीदारी भी रहती है। ऐसे में ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने का प्रस्ताव बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस बदलाव के बाद गांवों में फैसले लेने की प्रक्रिया किस तरह काम करेगी, यह नए नियमों से स्पष्ट होगा।



पंचायतों को टैक्स वसूलने का अधिकार देने पर भी काम

मंत्री प्रहलाद पटेल ने पंचायतों के टैक्स लगाने के अधिकार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायतों को नगरपालिकाओं की तरह टैक्स लगाने का अधिकार है। विभाग इस व्यवस्था पर भी काम कर रहा है। हालांकि पंचायतें किन मदों में टैक्स वसूल सकेंगी और मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे, इसे लेकर अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। सरकार के नए नियम सामने आने के बाद टैक्स वसूली की व्यवस्था भी स्पष्ट हो सकेगी।



25 दिसंबर को मिलेंगे 2,472 नए पंचायत भवन

प्रदेश की पंचायतों को जल्द ही नए भवन भी मिलने वाले हैं। मंत्री पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश में 2 हजार 472 पंचायत भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इन भवनों का लोकार्पण 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर किया जाएगा।



मंत्री के अनुसार पंचायत भवनों के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। अब इन्हें दो मंजिला बनाने की व्यवस्था की गई है। हर पंचायत भवन के निर्माण के लिए 37.50 लाख रुपए दिए गए हैं।



इन भवनों के जरिए पंचायतों को कामकाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।



प्रदेश में 3,700 से ज्यादा सामुदायिक भवन बने

पंचायत मंत्री ने बताया कि विभाग ने प्रदेश में 3 हजार 700 से ज्यादा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया है। इन भवनों की लागत 25 लाख से 48 लाख रुपए के बीच है। सरकार ने पांच हजार से ज्यादा आबादी वाली पंचायतों में कम से कम दो सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए हैं। इन भवनों का उपयोग गांवों में सामुदायिक कार्यक्रमों और दूसरे स्थानीय आयोजनों के लिए किया जा सकेगा।



जून-जुलाई 2022 में हुए थे पिछले पंचायत चुनाव

मध्य प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में कराया गया था। उस समय राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग चरणों में मतदान की तारीखें तय की थीं। अब अगला चुनाव साल 2027 में होना है। सरकार की तैयारी के मुताबिक, चुनाव पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से एक या दो महीने पहले कराए जा सकते हैं। अगले पंचायत चुनाव (Panchayat Election 2027) एक जनवरी 2027 की स्थिति में तैयार मतदाता सूची के आधार पर कराने की बात कही गई है। फिलहाल चुनाव की आधिकारिक तारीखें घोषित नहीं हुई हैं।



विधानसभा चुनाव से पहले गांवों पर रहेगा फोकस

मध्य प्रदेश में साल 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले पंचायत चुनाव कराने की तैयारी को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत चुनाव के जरिए गांवों में स्थानीय नेतृत्व तैयार होता है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दूसरी तरफ पंचायत राज व्यवस्था (Panchayati Raj System) में प्रस्तावित बदलाव भी चर्चा का विषय बन सकते हैं।



अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार ग्राम सभा के कितने अधिकार पंचायत समितियों को सौंपेगी और इसका गांवों के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा। फिलहाल सरकार के नए नोटिफिकेशन और पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीखों का इंतजार है।



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