MP में चुनावी इतिहास की नई शुरुआत, बैलेट पेपर खत्म, EVM से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव

Aman Vaishnav | Aug 07, 2026, 09:15 IST
EVM से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव
मध्यप्रदेश में जून-जुलाई 2027 में निकाय और पंचायत चुनाव होंगे। इस बार पंच-सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर की जगह EVM से कराने की तैयारी है। चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर वेबकास्टिंग की जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में 2027 में पंचायत और निकाय चुनाव होने हैं।
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है
  • इस बार पंच और सरपंच का चुनाव भी EVM से होगा।
  • शहरों में 22 हजार और गांवों में 72 हजार मतदान केंद्र बनेंगे।
  • जून में निकाय और जुलाई में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं।

जून में होंगे निकाय चुनाव

बता दें कि जून 2027 में प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश भर में करीब 22 हजार मतदान केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। आयोग इन बूथों की सूची फाइनल करने में जुटा है।



पंचायत चुनाव जुलाई में

वहीं निकाय चुनाव के अगले महीने पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। इसमें करीब 23 हजार पंचायतों में मतदान होगा। इसके लिए गांवों में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।



मतदान केंद्रों में भारी बढ़ोतरी

आयोग ने अब तक प्रदेश में 44 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों की सूची तैयार कर ली है। इसे बढ़ाकर 72 हजार तक करने की योजना है। यह पिछले चुनावों की तुलना में काफी ज्यादा है।



ज्यादा मतदान केंद्र बनाने का मकसद है कि मतदाताओं को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की भी उम्मीद है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह बदलाव अहम माना जा रहा है।



पहली बार पंच-सरपंच भी EVM से

साल 2022 के चुनाव में जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्य और अध्यक्ष का चुनाव EVM से हुआ था। लेकिन पंच और सरपंच का चुनाव तब भी बैलेट पेपर से ही हुआ था। इस बार आयोग इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है।



अगर यह लागू होता है, तो यह पहला मौका होगा जब गांव के सबसे छोटे स्तर के चुनाव भी पूरी तरह डिजिटल तरीके से होंगे। इसके लिए बड़ी संख्या में EVM मशीनों की जरूरत पड़ेगी।



पारदर्शिता के लिए वेबकास्टिंग

चुनाव आयोग इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग कराने की तैयारी में है। इससे मतदान प्रक्रिया पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी। अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू होगी।



वेबकास्टिंग से चुनाव में गड़बड़ी की आशंका कम होगी। मतदाताओं के बीच भी इससे भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।



नई तकनीक, पर भरोसा न टूटे

राज्य निर्वाचन आयोग नई तकनीक अपनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारियों के जरिए EVM ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान भी की जा रही है।



सुरक्षित मतदान के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात करने की योजना है। आयोग की कोशिश है कि नई तकनीक अपनाने के बावजूद मतदाताओं का भरोसा बना रहे।



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