80 साल पूरे होने के बाद ही मिलेगी अतिरिक्त पेंशन, सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश सरकार ने पेंशन को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है।
- 20% अतिरिक्त पेंशन सिर्फ 80 वर्ष पूरे होने के बाद ही मिलेगी।
- 79 वर्ष में 80वें साल में प्रवेश पर यह लाभ नहीं मिलेगा।
- 85 वर्ष पूरे होने पर 30% अतिरिक्त पेंशन का भी यही नियम लागू है।
- वित्त विभाग ने 2009 के मूल परिपत्र का हवाला देकर भ्रम दूर किया।
पेंशनरों का पुराना भ्रम
मध्यप्रदेश में हजारों सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी लंबे समय से एक सवाल को लेकर उलझे हुए थे। सवाल यह था कि 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन कब से मिलनी चाहिए।
कई पेंशनरों का मानना था कि जैसे ही वे 79 साल पूरे करके 80वें वर्ष में कदम रखते हैं, तभी से यह लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए। इसी सोच की वजह से कई जगह विवाद भी उठे और अदालतों तक मामले पहुंचे।
वित्त विभाग का साफ आदेश
मंगलवार, 16 जून को एमपी वित्त विभाग (Finance Department) ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा है गया कि 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ तभी मिलेगा, जब पेंशनर की उम्र पूरे 80 वर्ष हो जाएगी।
यानी जिस महीने में 80वां जन्मदिन पड़ता है, उसके अगले महीने से यह राशि पेंशन में जुड़ेगी। पेंशन के लिए 79 साल पूरे करने के बाद 80वें साल में प्रवेश करना काफी नहीं है।
इसके अलावा वित्त विभाग ने यह भी बताया कि यह व्यवस्था नई नहीं है। साल 2009 में जारी मूल परिपत्र में यही नियम लिखा गया था। विभाग ने उसी परिपत्र का हवाला दिया। साथ ही कहा कि अतिरिक्त पेंशन उस माह के बाद से देय होगी, जिस माह में पेंशनर निर्धारित आयु पूरी करता है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
यह विवाद सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा है। इंदौर हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को इस मामले में सरकार के पक्ष को सही माना था। अदालत ने माना था कि सरकार का नियम सही है। साथ ही 80 वर्ष पूरे होने के बाद ही अतिरिक्त पेंशन बनती है।
इसके अलावा ग्वालियर हाईकोर्ट में भी एक अलग मामला चला था। उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई 2025 को एक अंतरिम आदेश जारी किया था।
इन दोनों मामलों की पृष्ठभूमि में ही वित्त विभाग ने अब एक बार फिर से यह स्पष्टीकरण देना जरूरी समझा, ताकि राज्यभर के अधिकारियों और पेंशनरों में कोई संदेह न रहे।
85 साल पर 30% का भी यही नियम
वित्त विभाग के इस आदेश में एक और अहम बात स्पष्ट की गई है। आदेश में कहा गया है कि 85 वर्ष की उम्र पूरी होने पर मिलने वाली 30 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के लिए भी यही नियम लागू होगा।
यानी 85 साल पूरे होने के अगले माह से ही यह बढ़ी हुई पेंशन मिलनी शुरू होगी। इससे पहले नहीं।
यह स्पष्टीकरण उन पेंशनरों के लिए भी जरूरी है जो 85 साल की उम्र के करीब हैं। अब उन्हें पता है कि वे किस तारीख से बढ़ी हुई पेंशन के हकदार होंगे।
पेंशनरों को अब क्या करना चाहिए
जिन पेंशनरों को लगता है कि उनकी उम्र 80 या 85 वर्ष पूरी हो चुकी है, लेकिन अतिरिक्त पेंशन नहीं मिली, वे अपने संबंधित ट्रेजरी या पेंशन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
साथ ही वित्त विभाग के इस आदेश को आधार बनाकर अपना मामला रख सकते हैं। इससे उन्हें सही समय पर सही राशि मिलने में मदद मिलेगी।
सरकारी कर्मचारियों के परिजन भी इस नियम को समझ लें। बुजुर्ग माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य की पेंशन में यह अतिरिक्त राशि कब जुड़ेगी, इसकी सही जानकारी अब उपलब्ध है।
FAQ
- एमपी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 20% अतिरिक्त पेंशन कब से मिलती है?
मध्यप्रदेश सरकार के नियम के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन तब मिलती है जब वे पूरे 80 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं। जिस महीने में पेंशनर का 80वां जन्मदिन आता है, उसके अगले महीने से यह राशि पेंशन में जोड़ी जाती है। 79 साल पूरे करके 80वें वर्ष में प्रवेश करना इसके लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। - एमपी में 85 साल की उम्र में कितनी अतिरिक्त पेंशन मिलती है?
85 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 30 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन मिलती है। यह लाभ भी 85 साल पूरे होने के अगले महीने से ही लागू होता है। वित्त विभाग ने अपने ताजा आदेश में इसे स्पष्ट किया है।
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