एमपी में 5 हजार पेसा मोबिलाइजर्स हुए बेरोजगार : पंचायत राज संचालनालय ने समाप्त की सेवाएं

Sanjay Dhiman | May 18, 2026, 16:43 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश में पंचायत राज संचालनालय ने 5,000 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया है। इसका असर 20 आदिवासी जिलों पर पड़ेगा। यह निर्णय पंचायत राज संचालनालय ने आरजीएसए योजना में बजट की कमी के कारण लिया है।

पांच पाइंट में समझें पूरी खबर

  • मध्यप्रदेश में करीब 5 हजार पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गईं।
  • आरजीएसए योजना की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त होने के कारण आदेश जारी हुआ।
  • झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, मंडला, डिंडोरी और अन्य 20 जिले प्रभावित हैं।
  • पहले मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपए करने की योजना अधूरी रह गई।
  • पेसा मोबिलाइजर्स ग्राम सभा सशक्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम करते थे।

मध्यप्रदेश सरकार ने करीब पांच हजार पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी हैं। पंचायत राज विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए उठाया गया है, जो ग्राम पंचायतों में पेसा एक्ट के तहत नियुक्त थे।



आदेश का कारण और नीति

संचालनालय के पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार की आरजीएसए (संशोधित) योजना 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 तक लागू थी। इस योजना के अंतर्गत ही पेसा मोबिलाइजर्स को मानदेय मिलता था। अब योजना की अवधि समाप्त हो चुकी है और नीति निर्माण की प्रक्रिया केंद्र सरकार स्तर पर जारी है। इसलिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से चयनित मोबिलाइजर्स को सेवामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।



आदेश से प्रभावित जिले

यह आदेश झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, मंडला, डिंडोरी, अनुपपुर, धार, खरगोन, रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीधी, शहडोल, उमरिया और श्योपुर समेत पेसा एक्ट के तहत आने वाले जिलों के लिए लागू होगा।



मानदेय बढ़ाने की अधूरी योजना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर 2024 में घोषणा की थी कि जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 8 हजार रुपए किया जाएगा। हालांकि फंड न मिलने की वजह से यह निर्णय लागू नहीं हो सका।



पेसा (PESA) एक्ट का इतिहास

मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट(Panchayats Extension to the Scheduled Areas) पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू हुआ। 15 नवंबर 2022 को शहडोल से इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कानून आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को विशेष अधिकार देता है। प्रदेश के 20 जिलों के 89 विकासखंडों की 5254 पंचायतों और 11757 गांवों में यह लागू है।



पेसा मोबिलाइजर्स की जिम्मेदारी

पेसा मोबिलाइजर्स ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने, अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और छोटे-मोटे विवादों को सुलझाने का काम करते थे। इनके हटने से ग्राम स्तर पर योजनाओं की जानकारी और क्रियान्वयन में असर पड़ सकता है।



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