एमपी के एक्सीलेंस कॉलेजों में छात्रों को दिखाया बस का सपना, पैसे भी वसूले, अब 2 लाख से ज्यादा छात्र अपने खर्च पर जा रहे कॉलेज

Aman Vaishnav | Nov 06, 2026, 14:25 IST
एमपी के पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों में 2.86 लाख छात्रों से बस फीस के 8.58 करोड़ रुपए वसूले गए, लेकिन सिर्फ 48 बसें मिलने से 99% बच्चे सुविधा से वंचित हैं।
MP PM College of Excellence Bus Service Shortage Leaves Lakhs of Students Stranded Despite Paying Crores in Fees
मध्य प्रदेश सरकार ने जब प्रदेश में 55 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए थे, तब छात्रों को एक बड़ा सपना दिखाया गया था। कहा गया था कि हर छात्र को उसके घर या हॉस्टल के पास से कॉलेज लाने और छोड़ने के लिए बस मिलेगी। इसके बदले में सिर्फ एक रुपया रोज यानी साल भर का 300 रुपया शुल्क तय किया गया था।

इस वादे के भरोसे उच्च शिक्षा विभाग ने 2.86 लाख छात्र-छात्राओं से कुल मिलाकर 8 करोड़ 58 लाख रुपए एडवांस में जमा करवा लिए। अब सत्र शुरू होने के बाद जमीनी हकीकत सामने आई है। हालत यह है कि 99 फीसदी छात्र आज भी अपने खर्च पर जैसे-तैसे कॉलेज पहुंचने को मजबूर हैं।



48 बसों के भरोसे 2.86 लाख छात्र

वहीं जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश के 55 एक्सीलेंस कॉलेजों के पास कुल मिलाकर सिर्फ 48 बसें ही मौजूद हैं। एक सामान्य बस में 55 सीटें होती हैं। रास्ते और समय के नियमों की वजह से हर बस दिन में सिर्फ एक ही चक्कर लगा पाती है। सभी 48 बसों को पूरी क्षमता से भी चलाया जाए, तो एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 2 हजार 640 छात्र ही कॉलेज आ पाते हैं। बाकी के 2.83 लाख से ज्यादा छात्रों के हिस्से सिर्फ इंतजार और मायूसी आई है।



सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्रदेश के 11 जिलों में तो आज तक एक भी बस नहीं पहुंची है। इन जिलों में शामिल हैं...



भिंड, हरदा, शिवपुरी, मंदसौर, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, रतलाम, नीमच, मैहर, उमरिया



इन 11 जिलों के 39 हजार 745 विद्यार्थियों से विभाग ने 1 करोड़ 19 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि काट ली है। जब कॉलेज के पास एक भी गाड़ी नहीं है, तो फिर यह पैसा किस नियम से लिया गया।



कहीं 11 हजार बच्चों पर एक बस

जहां बसें दी भी गई हैं, वहां की स्थिति किसी मजाक से कम नहीं दिखती है। कॉलेजों में छात्रों की संख्या हजारों में है, लेकिन बस सिर्फ एक या दो देकर खानापूर्ति कर दी गई है।



  • गुना जिला: यहां के कॉलेज (PM College of Excellence) में 11 हजार 748 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनसे 35.24 लाख रुपए बस शुल्क वसूला गया है, लेकिन कॉलेज के पास 55 सीटों वाली सिर्फ 1 बस है।
  • दतिया जिला: यहां 7 हजार 500 विद्यार्थियों से 22.50 लाख रुपए लिए गए, लेकिन बस यहां भी सिर्फ एक ही चल रही है।
  • टीकमगढ़ जिला: यहां 6 हजार छात्रों से 18 लाख रुपए वसूले गए, मगर कॉलेज को केवल एक बस मिली है।

कॉलेजों के प्राचार्य भी इस व्यवस्था के आगे खुद को बेबस बता रहे हैं। नर्मदापुरम के पीएमश्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे का कहना है कि उन्होंने 6 हजार 500 विद्यार्थियों से बस का शुल्क जमा करवाया है। उनके पास 2 बसें हैं जो माखननगर और इटारसी रूट से आती हैं। इसका फायदा सिर्फ 110 बच्चों को मिल पा रहा है।



सीहोर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योनिश खान बताते हैं कि 3 हजार 500 बच्चों से फीस ली गई है, लेकिन सफर सिर्फ 55 छात्र ही कर पा रहे हैं। राजगढ़ जिले के कॉलेज में भी यही स्थिति बनी हुई है।



उच्च शिक्षा मंत्री का बयान

इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि कॉलेजों में बस चलाने के लिए सरकार की तरफ से कोई अलग अनुदान नहीं मिलता है। उन्होंने माना कि अभी कॉलेजों में बसों की भारी कमी है। मंत्री के मुताबिक आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।



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