भोपाल से शहडोल तक बदली पुलिस की कमान, ट्रेनिंग पर जाएंगे 14 IPS अफसर, इनकी जगह दूसरे अधिकारियों को मिला प्रभार
बता दें कि गृह विभाग ने मंगलवार, 03 नवंबर को एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, ताकि इन सभी अफसरों के ट्रेनिंग के दौरान रहने पर जिलों और विभागों का काम न अटके। विभाग ने हर अधिकारी की जगह दूसरे आईपीएस अफसर को जिम्मेदारी देने की पूरी व्यवस्था कर दी है।
किसे मिली किस अफसर की जगह जिम्मेदारी?
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, ट्रेनिंग (मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम) पर जाने वाले अफसरों के प्रभार की व्यवस्था इस तरह की गई है...
रेंज, कमिश्नरेट और बटालियन में बदलाव
- शहडोल रेंज डीआईजी: डीआईजी विवेक सिंह के ट्रेनिंग पर जाने के बाद शहडोल एसपी संजय कुमार अग्रवाल इस पद का काम देखेंगे।
- अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल: शैलेन्द्र सिंह चौहान की जगह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला जिम्मेदारी संभालेंगी।
- 23वीं वाहिनी विसबल भोपाल: सेनानी प्रमोद कुमार सिन्हा के स्थान पर 25वीं वाहिनी के सेनानी नागेंद्र सिंह को प्रभार दिया गया है।
- भोपाल जोन-2 डीसीपी: डीसीपी विकास कुमार सहवाल की अनुपस्थिति में डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता यह काम संभालेंगे।
- एमपी पुलिस अकादमी भौंरी: उप निदेशक रामजी श्रीवास्तव के स्थान पर राज्य पुलिस सेवा की रश्मि पाण्डेय को जिम्मेदारी दी गई है।
इन जिलों के कप्तानों की जगह संभालेंगे नए अफसर
- ग्वालियर: एसपी धर्मवीर सिंह की जगह 13वीं वाहिनी के सेनानी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को काम सौंपा गया है।
- रायसेन: एसपी आशुतोष के स्थान पर अंकित जायसवाल (एसपी रेल भोपाल) को जिम्मेदारी दी गई है।
- मनीष खत्री का प्रभार: मनीष खत्री की जगह हेलेन सोनाली सूना कामकाज देखेंगी।
- जबलपुर रेल एसपी: सुंदर सिंह कनेश की जगह सिद्धार्थ चौधरी व्यवस्था संभालेंगे।
- बड़वानी: एसपी पद्म विलोचन शुक्ला की जगह सेनानी विनोद कुमार सिंह को प्रभार सौंपा गया है।
- आगर मालवा: एसपी दिलीप कुमार सोनी के स्थान पर सेनानी दीपक कुमार शुक्ला काम देखेंगे।
- अनूपपुर: एसपी विक्रांत मुराव की जगह अंकित सोनी को जिम्मेदारी दी गई है।
- मऊगंज: एसपी सुरेंद्र कुमार जैन की जगह मनोहर सिंह मंडलोई पद संभालेंगे।
- डिंडोरी: एसपी आशीष खरे के स्थान पर सेनानी सुनील तिवारी कार्यभार संभालेंगे।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि किसी भी जिले या संभाग में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की सीधी कमान इन्हीं वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों के हाथों में होती है। जब सात जिलों के कप्तान (SP) और डीआईजी स्तर के बड़े अफसर लगभग एक महीने की ट्रेनिंग के लिए बाहर जाते हैं, तो आम लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि उनकी शिकायतों की सुनवाई और सुरक्षा का क्या होगा।
गृह विभाग द्वारा तुरंत वैकल्पिक प्रभार तय करने से यह साफ हो गया है कि कप्तानों की गैर-मौजूदगी में भी थानों की मॉनिटरिंग, गंभीर मामलों की जांच और कानून-व्यवस्था की बागडोर नए अफसरों के हाथ में पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इससे न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज बिना रुकावट के चलता रहेगा, बल्कि आम जनता को भी यह पता रहेगा कि किसी भी समस्या या आपात स्थिति में उन्हें अब किस अधिकारी से संपर्क करना है।
FAQ
1. मध्य प्रदेश के कितने आईपीएस अफसर ट्रेनिंग के लिए जा रहे हैं?
मध्य प्रदेश कैडर के कुल 14 आईपीएस अफसरों को 28वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) फेज-III के लिए चुना गया है। इसमें एक डीआईजी और सात जिलों के एसपी शामिल हैं।